Yadein’ के सेट पर कलाकारों की मस्ती, खिलौनों और प्रैंक्स से बन जाता है खेल का मैदान
मुंबई, सितंबर 2026। सोनी सब का शो ‘Yadein’ हास्य, भावनात्मक रिश्तों, रोजमर्रा की जिंदगी और दिलचस्प मेडिकल कहानियों के अनोखे मेल से दर्शकों का मनोरंजन कर रहा है। शो में कलाकार अपनी शानदार अदाकारी से दर्शकों का दिल जीत रहे हैं, लेकिन कैमरे के पीछे भी उनकी मस्ती और दोस्ती देखने लायक है।
शूटिंग के बीच जब कैमरे बंद होते हैं, तो ‘यादें’ के कलाकार अपने ब्रेक टाइम को भी मजेदार बना देते हैं। सेट पर मौजूद अलग-अलग तरह के खिलौने, टॉय हथियार और अचानक किए जाने वाले प्रैंक्स कलाकारों के मनोरंजन का हिस्सा बन चुके हैं। इन छोटी-छोटी शरारतों के कारण सेट का माहौल हमेशा खुशनुमा और ऊर्जा से भरपूर बना रहता है।
टॉय गन के साथ गुलकी जोशी की मस्ती
शो में डॉ. सृष्टि का किरदार निभा रहीं गुलकी जोशी सेट पर टॉय गन के साथ मस्ती करना पसंद करती हैं। उन्होंने बताया कि उनके पास सेट पर एक टॉय गन है, जिसका इस्तेमाल वह शॉट्स के बीच अपने को-स्टार्स के साथ मजाक करने के लिए करती हैं।
गुलकी के मुताबिक, जब भी उन्हें मौका मिलता है, वह अपनी टॉय गन उठा लेती हैं और मजाकिया अंदाज में बाकी कलाकारों को ‘शूट’ करना शुरू कर देती हैं। उनके लिए यह शूटिंग के दौरान व्यस्तता के बीच कुछ पल हंसी-मजाक करने का एक मजेदार तरीका है।
उनका यह अंदाज सेट पर मौजूद बाकी कलाकारों के लिए भी मनोरंजन का कारण बनता है। गंभीर या भावनात्मक दृश्यों की शूटिंग के बीच ऐसे हल्के-फुल्के पल कलाकारों को रिलैक्स करने में मदद करते हैं।
इकबाल खान की लाइट स्वॉर्ड से काल्पनिक जंग
शो में डॉ. देव की भूमिका निभा रहे इकबाल खान भी सेट पर अपनी लाइट स्वॉर्ड के साथ मस्ती करते नजर आते हैं। उन्होंने इसे मजाकिया अंदाज में अपनी ‘सुरक्षा’ के लिए रखा हुआ बताया।
इकबाल के अनुसार, शॉट्स के बीच कलाकार अक्सर इस लाइट स्वॉर्ड के साथ काल्पनिक लड़ाइयां और युद्ध शुरू कर देते हैं। जैसे ही तलवार हाथ में आती है, सेट का माहौल कुछ देर के लिए शूटिंग सेट से बदलकर खेल के मैदान जैसा हो जाता है।
इन खेलों में केवल एक-दो कलाकार ही नहीं, बल्कि सेट पर मौजूद कई लोग शामिल हो जाते हैं। अचानक शुरू होने वाली ऐसी काल्पनिक जंग कलाकारों के बीच हंसी और उत्साह का माहौल पैदा कर देती है।

छवि पांडे को पसंद है सेट का हल्का-फुल्का माहौल
डॉ. प्रीति का किरदार निभा रहीं छवि पांडे को भी सेट पर होने वाली ये छोटी-छोटी शरारतें काफी पसंद हैं। उनका कहना है कि कलाकारों को छोटे-छोटे खिलौनों के साथ खेलते देखना अपने आप में काफी मजेदार अनुभव है।
छवि के अनुसार, कभी कोई नया प्रैंक शुरू कर देता है तो कभी अचानक कोई खेल शुरू हो जाता है और देखते ही देखते बाकी कलाकार भी उसका हिस्सा बन जाते हैं। यही माहौल कलाकारों को शूटिंग के बीच आराम करने और एक-दूसरे के साथ समय बिताने का मौका देता है।
उनका मानना है कि ऐसा खुशनुमा वातावरण कलाकारों के बीच आपसी जुड़ाव को भी मजबूत करता है। इससे ऑन-स्क्रीन कैमरेडरी के साथ-साथ ऑफ-स्क्रीन दोस्ती भी दिखाई देती है।
खिलौनों से बनता है सेट का माहौल खुशनुमा
‘यादें’ के सेट पर खिलौनों और प्रैंक्स का यह सिलसिला केवल मस्ती तक सीमित नहीं है। लंबे समय तक शूटिंग करने वाले कलाकारों के लिए छोटे-छोटे ब्रेक काफी महत्वपूर्ण होते हैं। ऐसे में हंसी-मजाक उन्हें मानसिक रूप से तरोताजा करने में मदद करता है।
कलाकार अपने किरदारों से बाहर निकलकर कुछ समय के लिए दोस्तों की तरह साथ समय बिताते हैं। यही वजह है कि सेट का माहौल तनावपूर्ण होने के बजाय काफी हल्का और सकारात्मक बना रहता है।
शूटिंग के दौरान जहां कलाकारों को अपने किरदारों की भावनाओं और कहानी के अनुरूप प्रदर्शन करना होता है, वहीं कैमरा बंद होने के बाद यही कलाकार खिलौनों और शरारतों के जरिए अपने बचपन जैसी मस्ती में लौट आते हैं।
ऑन-स्क्रीन रिश्तों के साथ ऑफ-स्क्रीन बॉन्डिंग भी खास
‘यादें’ में कलाकारों के बीच दिखाई देने वाली बॉन्डिंग दर्शकों को भी पसंद आती है। सेट के पीछे की ये मजेदार गतिविधियां इस बात की झलक देती हैं कि कलाकारों के बीच आपसी तालमेल कितना अच्छा है।
