रक्षाबंधन पर जीवंत होगी वैदिक परंपरा, चंबल तट पर गूंजेंगे श्रावणी उपाकर्म के मंत्र
28 अगस्त को हनुमान डैम पर होगा सामूहिक श्रावणी उपाकर्म, ब्राह्मण बंधु करेंगे यज्ञोपवीत परिवर्तन
नागदा। रक्षाबंधन के पावन पर्व पर सनातन परंपरा और वैदिक संस्कारों को जीवंत रखने के उद्देश्य से सर्व ब्राह्मण महासभा द्वारा 28 अगस्त को सामूहिक श्रावणी उपाकर्म का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम प्रातः 7:30 बजे गवर्नमेंट कॉलोनी रोड स्थित हनुमान डैम, चंबल तट पर आयोजित होगा। आयोजन में ब्राह्मण समाज के सदस्य विधि-विधान से श्रावणी उपाकर्म संपन्न करेंगे।
इस दौरान हेमाद्रि संकल्प, ऋषि-पितृ तर्पण, आत्मशुद्धि तथा यज्ञोपवीत यानी जनेऊ परिवर्तन की धार्मिक प्रक्रिया पूरी की जाएगी। आयोजन को लेकर महासभा द्वारा तैयारियां पूरी की जा रही हैं।
प्राचीन वैदिक परंपरा से जुड़ा है श्रावणी उपाकर्म
श्रावणी उपाकर्म ब्राह्मण समाज की प्राचीन वैदिक परंपरा का महत्वपूर्ण अंग माना जाता है। इसे केवल यज्ञोपवीत बदलने की धार्मिक प्रक्रिया के रूप में नहीं देखा जाता, बल्कि आत्मशुद्धि, प्रायश्चित, ऋषियों एवं पितरों के प्रति कृतज्ञता और धार्मिक-नैतिक जीवन के प्रति नए संकल्प से भी जोड़ा जाता है।
यज्ञोपवीत को ज्ञान, कर्तव्य, अनुशासन और संस्कार का प्रतीक माना जाता है। रक्षाबंधन के अवसर पर श्रावणी उपाकर्म की परंपरा का निर्वहन करने का विशेष धार्मिक महत्व बताया गया है।
नई पीढ़ी को संस्कारों से जोड़ने का प्रयास
सर्व ब्राह्मण महासभा ने आयोजन को केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित न रखते हुए नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने का प्रयास बताया है।
महासभा की ओर से परिवार के बच्चों और युवाओं को भी कार्यक्रम में साथ लाने का आग्रह किया गया है। आयोजकों का मानना है कि बच्चों और युवाओं को वैदिक मंत्रोच्चार, तर्पण, संकल्प तथा यज्ञोपवीत परिवर्तन की प्रक्रिया से परिचित कराने से उनमें अपनी सांस्कृतिक विरासत के प्रति समझ और सम्मान विकसित होगा।
धर्म के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश
श्रावणी उपाकर्म के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया जाएगा। आयोजन के दौरान सर्व ब्राह्मण महासभा की ओर से पौधारोपण और फलाहार का कार्यक्रम रखा गया है।
आयोजकों के अनुसार धार्मिक परंपराओं के साथ प्रकृति और पर्यावरण के संरक्षण की जिम्मेदारी को जोड़ना वर्तमान समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता है। इसी उद्देश्य से कार्यक्रम में पौधारोपण को भी शामिल किया गया है।
पूजन सामग्री साथ लाने का आग्रह
महासभा की ओर से आयोजन के लिए आवश्यक पूजन सामग्री की व्यवस्था की जाएगी। प्रतिभागियों से अपने उपयोग के लिए कुछ सामग्री साथ लाने का आग्रह किया गया है।
इनमें आसन, तांबे का तरबाना अथवा स्टील या पीतल की परात, तांबे का लोटा, आचमनी अथवा चम्मच, गमछा, शालिग्राम जी की मूर्ति यदि उपलब्ध हो, छोटी थाली, छोटी बाल्टी तथा स्नान के बाद पहनने के लिए स्वच्छ वस्त्र शामिल हैं।
आयोजकों ने प्रतिभागियों से आग्रह किया है कि वे निर्धारित समय पर आवश्यक सामग्री के साथ कार्यक्रम स्थल पर पहुंचें।
आयोजन की तैयारियों को लेकर बैठक
श्रावणी उपाकर्म की तैयारियों को लेकर सोमवार शाम महासभा अध्यक्ष डॉ. अनिल दुबे के निवास पर बैठक आयोजित की गई। बैठक में कार्यक्रम की व्यवस्थाओं, सहभागिता और आयोजन को व्यवस्थित रूप से संपन्न कराने को लेकर चर्चा की गई।
बैठक में विजय व्यास, राजेश तिवारी, सुंदरलाल जोशी, कृष्णचंद्र पुरोहित, पं. अजय पंड्या, पं. दीपक पंड्या, निलेश मेहता सहित महासभा के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।
अधिक से अधिक सहभागिता का आह्वान
सर्व ब्राह्मण महासभा ने नागदा सहित आसपास के क्षेत्रों के ब्राह्मण एवं सनातनी समाजजनों से कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने का आग्रह किया है।
महासभा ने विशेष रूप से परिवार के बच्चों और युवाओं को साथ लाने की अपील की है, ताकि सामूहिक रूप से प्राचीन वैदिक परंपरा का निर्वहन किया जा सके और आने वाली पीढ़ी को अपनी संस्कृति, संस्कार एवं धार्मिक परंपराओं से परिचित कराया जा सके।
आयोजकों के अनुसार सामूहिक श्रावणी उपाकर्म धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक एकजुटता, संस्कार संरक्षण और पर्यावरण जागरूकता का संदेश भी देगा।
जानकारी निलेश मेहता ने दी।
नागदा से जीवनलाल जैन की रिपोर्ट
