इंदौर हेरिटेज ट्रेन को लेकर जबरदस्त उत्साह, 21 सितंबर तक सीटें लगभग फुल; कोच बढ़ाने की उठी मांग
पातालपानी-कालाकुंड के खूबसूरत सफर के लिए यात्रियों में बढ़ा क्रेज, एसी कोच में लंबी वेटिंग; शुक्रवार, शनिवार और रविवार को हो रहा संचालन
इंदौर, 25 अगस्त 2026। मध्य प्रदेश की प्रसिद्ध पातालपानी-कालाकुंड हेरिटेज ट्रेन को लेकर पर्यटकों और रेल यात्रियों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। मानसून के बीच प्राकृतिक नजारों का आनंद लेने के लिए बड़ी संख्या में लोग इस ट्रेन में सफर करना चाहते हैं। यात्रियों की भारी मांग का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 21 सितंबर तक ट्रेन की लगभग सभी सीटें बुक हो चुकी हैं। कई तारीखों पर वेटिंग इतनी अधिक हो गई है कि अब वेटिंग टिकट मिलना भी बंद हो गया है।
मीटरगेज ट्रैक पर चलने वाली यह हेरिटेज ट्रेन पातालपानी और कालाकुंड के बीच यात्रियों को प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर सफर कराती है। बारिश के मौसम में इस पूरे क्षेत्र की हरियाली, पहाड़ियां, घाटियां और झरने पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। यही वजह है कि ट्रेन का संचालन शुरू होते ही टिकटों की मांग तेजी से बढ़ गई है।
21 सितंबर तक टिकटों की भारी मांग
हेरिटेज ट्रेन में आगामी कई दिनों के लिए सीटों की उपलब्धता बेहद सीमित हो गई है। जानकारी के अनुसार 21 सितंबर तक अधिकांश तारीखों पर सीटें पूरी तरह बुक हैं। नॉन एसी श्रेणी में 18 सितंबर को 52 वेटिंग की स्थिति बताई गई है, जबकि अन्य कई दिनों में बुकिंग बंद हो चुकी है।
एसी कोच में स्थिति और भी ज्यादा व्यस्त है। लगभग हर संचालन दिवस पर यात्रियों की लंबी वेटिंग देखने को मिल रही है। कुछ मौकों पर वेटिंग संख्या 73 तक पहुंचने की बात सामने आई है। अधिक मांग के कारण यात्रियों के लिए कन्फर्म टिकट हासिल करना मुश्किल होता जा रहा है।
दो एसी और चार नॉन एसी कोच के साथ चल रही ट्रेन
वर्तमान में हेरिटेज ट्रेन दो एसी और चार नॉन एसी कोच के साथ संचालित की जा रही है। सीमित सीटों और पर्यटकों की अधिक संख्या के कारण टिकटों की मांग उपलब्ध क्षमता से काफी अधिक दिखाई दे रही है।
खास तौर पर सप्ताहांत में इस ट्रेन में सफर करने वालों की संख्या अधिक रहती है। परिवार, युवाओं के समूह और आसपास के शहरों से आने वाले पर्यटक मानसून के दौरान पातालपानी-कालाकुंड क्षेत्र की खूबसूरती देखने के लिए हेरिटेज ट्रेन को प्राथमिकता दे रहे हैं।
आठ महीने बाद ट्रैक पर लौटी हेरिटेज ट्रेन
हेरिटेज ट्रेन का संचालन करीब आठ महीने के अंतराल के बाद मीटरगेज ट्रैक पर दोबारा शुरू हुआ है। संचालन शुरू होने के पहले सप्ताहांत में ही ट्रेन को यात्रियों का शानदार रिस्पॉन्स मिला। शनिवार और रविवार दोनों दिनों में सीटों के लिए लंबी वेटिंग देखने को मिली।
लंबे इंतजार के बाद ट्रेन के दोबारा शुरू होने से पर्यटन प्रेमियों में खासा उत्साह है। इंदौर और आसपास के क्षेत्रों के लोगों के लिए पातालपानी और कालाकुंड लंबे समय से लोकप्रिय पर्यटन स्थल रहे हैं। हेरिटेज ट्रेन इस यात्रा को और आकर्षक बनाती है।
सप्ताह में तीन दिन चलेगी हेरिटेज ट्रेन
रेलवे की व्यवस्था के अनुसार हेरिटेज ट्रेन का संचालन फिलहाल सप्ताह में तीन दिन किया जा रहा है। ट्रेन प्रत्येक शुक्रवार, शनिवार और रविवार को यात्रियों के लिए उपलब्ध रहेगी।
सप्ताहांत के इन तीन दिनों में यात्रियों की सबसे अधिक भीड़ होने की संभावना रहती है। मानसून पर्यटन का प्रमुख समय होने के कारण सितंबर तक टिकटों की मांग बनी रहने की उम्मीद है। लगातार बढ़ रही बुकिंग ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि इस रूट पर यात्रियों की संख्या ट्रेन की मौजूदा क्षमता से कहीं अधिक है।
पातालपानी-कालाकुंड का प्राकृतिक सौंदर्य बना आकर्षण
हेरिटेज ट्रेन के प्रति यात्रियों के आकर्षण की सबसे बड़ी वजह इसका प्राकृतिक और ऐतिहासिक रेल मार्ग है। मानसून के दौरान पातालपानी और कालाकुंड के आसपास का पूरा इलाका हरियाली से भर जाता है। पहाड़ियों और घाटियों के बीच से गुजरती ट्रेन यात्रियों को सामान्य रेल यात्रा से अलग अनुभव देती है।
बारिश के दौरान झरनों और हरे-भरे पहाड़ों के दृश्य पर्यटकों के लिए खास आकर्षण बनते हैं। यही कारण है कि लोग परिवार और दोस्तों के साथ इस यात्रा की पहले से योजना बना रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी पातालपानी और कालाकुंड के मानसूनी नजारों की तस्वीरें और वीडियो लगातार लोगों का ध्यान खींचते रहे हैं।
यात्रियों को टिकट मिलने में हो रही परेशानी
सीटों की सीमित संख्या के कारण कई यात्रियों को मनचाही तारीख पर टिकट नहीं मिल पा रहा है। जिन यात्रियों ने पहले से टिकट बुक कर लिए हैं, उन्हें तो यात्रा का मौका मिल रहा है, लेकिन अंतिम समय में योजना बनाने वालों के लिए कन्फर्म टिकट हासिल करना चुनौती बन गया है।
वेटिंग अधिक होने के कारण कई तारीखों पर आगे टिकट जारी करने की गुंजाइश भी कम हो गई है। ऐसे में यात्रियों की ओर से ट्रेन की क्षमता बढ़ाने की मांग सामने आने लगी है।
ट्रेन में कोच बढ़ाने की मांग
रेलवे से जुड़े जानकारों और सलाहकार समिति के सदस्यों का मानना है कि हेरिटेज ट्रेन की बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए इसमें अतिरिक्त कोच जोड़ने की संभावनाओं पर विचार किया जाना चाहिए। उनका कहना है कि लंबी वेटिंग यह बताती है कि मौजूदा क्षमता यात्रियों की मांग पूरी करने के लिए पर्याप्त नहीं है।
विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि मानसून पर्यटन को ध्यान में रखते हुए ट्रेन का संचालन सीजन की शुरुआत में ही शुरू किया जाना चाहिए था। इस बार ट्रेन के संचालन में अपेक्षाकृत देरी होने से पर्यटन सीजन का शुरुआती हिस्सा निकल गया।
पर्यटन को मिल सकता है और बढ़ावा
हेरिटेज ट्रेन केवल रेल यात्रा का साधन नहीं, बल्कि इंदौर और आसपास के क्षेत्रों के पर्यटन के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जाती है। पातालपानी और कालाकुंड जैसे पर्यटन स्थलों तक यात्रियों की पहुंच बढ़ने से स्थानीय पर्यटन गतिविधियों को भी फायदा मिल सकता है।
लगातार फुल हो रही सीटें यह संकेत दे रही हैं कि इस हेरिटेज रेल सफर को लेकर पर्यटकों में खासा आकर्षण है। ऐसे में यदि रेलवे यात्रियों की मांग को देखते हुए अतिरिक्त कोच, अधिक ट्रिप या संचालन के अतिरिक्त दिनों पर विचार करता है, तो ज्यादा पर्यटकों को इस अनूठे रेल सफर का अनुभव मिल सकता है।
