सिलवानी में सैकड़ों कांवड़ियों का भव्य स्वागत, बम-बम भोले के जयकारों से गूंजा नगर
सिलवानी संवाददाता वैभव जैन मस्ताना
पवित्र सावन सोमवार के इस वर्ष के अंतिम सोमवार पर सिलवानी नगर में आस्था, श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। उदयपुर स्थित बोरास घाट से मां नर्मदा का पवित्र जल लेकर कांवड़ यात्रा के रूप में सैकड़ों शिवभक्त सिलवानी पहुंचे। कांवड़ियों के नगर में प्रवेश करते ही श्रद्धालुओं और सामाजिक संगठनों द्वारा जगह-जगह उनका आत्मीय स्वागत किया गया। पूरे नगर में धार्मिक उत्साह का माहौल रहा और हर तरफ भगवान शिव के जयकारे सुनाई दिए।
कांवड़ यात्रा में शामिल शिवभक्त नर्मदा नदी से जल लेकर पैदल यात्रा करते हुए सिलवानी पहुंचे। सावन के अंतिम सोमवार के अवसर पर भगवान शिव को नर्मदा जल अर्पित करने के उद्देश्य से निकली इस यात्रा में बड़ी संख्या में महिला-पुरुष और युवा श्रद्धालु शामिल रहे। कांवड़ियों के हाथों में सजी कांवड़ और भगवान शिव के जयकारों ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
नेमा वस्त्रालय पर हुआ भव्य स्वागत
कांवड़ियों के सिलवानी पहुंचने पर आजाद मार्केट स्थित नेमा वस्त्रालय पर पूर्व पार्षद नीरज ‘पप्पू’ नेमा के सानिध्य एवं नेतृत्व में भव्य स्वागत एवं सम्मान कार्यक्रम आयोजित किया गया। यहां बड़ी संख्या में पहुंचे कांवड़ियों का शिव नाम लिखे दुपट्टे पहनाकर सम्मान किया गया। इसके साथ ही श्रद्धालुओं ने कांवड़ियों को तिलक लगाया और पुष्पवर्षा कर उनका अभिनंदन किया।
स्वागत के दौरान श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। कांवड़ियों के सम्मान में मौजूद लोगों ने भगवान शिव का स्मरण करते हुए धार्मिक जयकारे लगाए। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने कांवड़ियों की सेवा और सम्मान को धार्मिक परंपरा से जोड़ते हुए इसे पुण्य का कार्य बताया।
कार्यक्रम में भाजपा नेता राजपाल सिंह राजपूत, मंडल अध्यक्ष श्याम साहू, नगर पंचायत उपाध्यक्ष प्रतिनिधि मोनू मातांबर, सवाई सेठ, निलेश समैया, राकेश नामदेव, पूर्व पार्षद नीरज ‘पप्पू’ नेमा, बबलू पाल, पाल महासभा प्रदेश मंत्री, यादव समाज अध्यक्ष दिनेश यादव, सिद्धार्थ समैया, हीरेंद्र यादव, नंदलाल मेहरा, समर्पित समैया, संदीप जैन, राजदीप सेन, अजय कुशवाहा, दीपक कुशवाहा, नितेश रैकवार सहित अनेक सामाजिक एवं राजनीतिक कार्यकर्ता तथा श्रद्धालु मौजूद रहे।

पुष्पवर्षा से हुआ कांवड़ियों का अभिनंदन
कांवड़ियों के स्वागत के दौरान उपस्थित लोगों ने पुष्पवर्षा कर उनका अभिनंदन किया। तिलक लगाकर और शिव नाम के दुपट्टे पहनाकर श्रद्धालुओं ने कांवड़ियों के प्रति सम्मान और अपनी आस्था व्यक्त की। इस दौरान नगर का माहौल पूरी तरह शिवमय नजर आया।
कांवड़ यात्रा में शामिल भक्तों के चेहरे पर लंबी यात्रा के बावजूद उत्साह और श्रद्धा साफ दिखाई दे रही थी। नर्मदा जल लेकर भगवान शिव के धाम की ओर बढ़ते कांवड़ियों को देखकर स्थानीय नागरिक भी धार्मिक उत्साह से भर उठे। जगह-जगह लोगों ने यात्रा का स्वागत किया और कांवड़ियों के दर्शन कर आशीर्वाद लिया।
मुख्य मार्गों से होकर मृगन्नाथ पहुंची कांवड़ यात्रा
स्वागत कार्यक्रम के बाद कांवड़ यात्रा सिलवानी नगर के मुख्य मार्गों से होती हुई गेलपुर स्थित मृगन्नाथ पहुंची। यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में शिवभक्त कांवड़ियों के साथ चलते रहे। रास्तेभर भगवान शिव के जयकारों से वातावरण गूंजता रहा।
मृगन्नाथ पहुंचने पर कांवड़ियों की एक बार फिर जोरदार अगवानी की गई। यहां मौजूद श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर कांवड़ियों का स्वागत और अभिनंदन किया। बड़ी संख्या में शिवभक्तों के एकत्रित होने से मृगन्नाथ परिसर और आसपास का क्षेत्र भी भक्तिमय नजर आया।
कांवड़ यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं ने एक साथ “बम-बम भोले” और “हर-हर महादेव” के जयकारे लगाए। जयकारों से पूरा वातावरण गूंज उठा। श्रद्धालुओं के उत्साह और भक्ति ने सावन के अंतिम सोमवार को विशेष बना दिया।
नर्मदा जल लेकर शिव आराधना का संकल्प
कांवड़ यात्रा का धार्मिक महत्व भी विशेष रहा। श्रद्धालु उदयपुर के बोराज घाट से मां नर्मदा का जल लेकर यात्रा पर निकले थे। पवित्र नर्मदा जल को कांवड़ में लेकर भगवान शिव की आराधना के लिए पहुंचना भक्तों के लिए आस्था और संकल्प का प्रतीक रहा।
सावन के महीने में भगवान शिव की पूजा-अर्चना का विशेष महत्व माना जाता है। इसी धार्मिक भावना के साथ कांवड़ियों ने यात्रा पूरी की। लंबी दूरी तय करने के बाद सिलवानी पहुंचने पर उनके स्वागत और सम्मान ने उनकी यात्रा के उत्साह को और बढ़ा दिया।
कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान शिव के प्रति अपनी आस्था प्रकट की और धार्मिक वातावरण में यात्रा को आगे बढ़ाया। अंतिम सावन सोमवार होने के कारण इस यात्रा में विशेष उत्साह देखने को मिला।
सामाजिक एकता और धार्मिक आस्था का संदेश
सिलवानी में आयोजित कांवड़ियों के स्वागत कार्यक्रम ने धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक एकता का संदेश भी दिया। विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक वर्गों से जुड़े लोगों ने एक साथ उपस्थित होकर कांवड़ियों का स्वागत किया। सभी ने मिलकर पुष्पवर्षा की और श्रद्धालुओं का सम्मान किया।
कांवड़ियों के स्वागत में स्थानीय नागरिकों की सहभागिता भी देखने को मिली। इससे नगर में धार्मिक उत्सव का माहौल बना रहा। युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक सभी ने उत्साहपूर्वक कांवड़ यात्रा का स्वागत किया।
सावन के अंतिम सोमवार पर निकली इस कांवड़ यात्रा ने सिलवानी की धार्मिक परंपरा और श्रद्धालुओं की आस्था को एक बार फिर सामने रखा। मां नर्मदा का जल लेकर पहुंचे सैकड़ों कांवड़ियों की यात्रा, उनका सम्मान और मृगन्नाथ में हुई भव्य अगवानी पूरे दिन चर्चा का विषय बनी रही।
जयकारों से भक्तिमय हुआ सिलवानी
कांवड़ यात्रा के दौरान नगर के विभिन्न हिस्सों में “बम-बम भोले”, “हर-हर महादेव” और भगवान शिव के अन्य जयकारे सुनाई देते रहे। श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह के साथ यात्रा में सहभागिता की। कांवड़ियों के सम्मान में आयोजित कार्यक्रमों ने धार्मिक उत्सव को और भव्य बना दिया।
मृगन्नाथ पहुंचने के बाद कांवड़ियों और श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से भगवान शिव का स्मरण किया। इस दौरान भक्तों में गजब का उत्साह नजर आया। श्रद्धालुओं ने भगवान महादेव से सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।
सावन के अंतिम सोमवार पर सिलवानी में आयोजित यह कांवड़ यात्रा श्रद्धा, सेवा, सम्मान और सामाजिक सहभागिता का सुंदर उदाहरण बनी। नर्मदा जल लेकर पहुंचे सैकड़ों कांवड़ियों के स्वागत से लेकर मृगन्नाथ में हुई भव्य अगवानी तक पूरे आयोजन में धार्मिक उत्साह बना रहा।
**हर-हर महादेव! 🔱
बम-बम भोले! 🚩
