सावन के अंतिम सोमवार को गायत्री शक्तिपीठ में सामूहिक शिवाभिषेक की पूर्णाहुति
मनावर, धार। गायत्री शक्तिपीठ मनावर में सावन माह के प्रत्येक सोमवार को आयोजित किए जा रहे सामूहिक शिवाभिषेक एवं साधना के विशेष क्रम का सोमवार, 24 अगस्त को सावन के अंतिम सोमवार के अवसर पर विधिवत पूर्णाहुति के साथ समापन हुआ। इस धार्मिक आयोजन में पटेल कॉलोनी सहित नगर के विभिन्न क्षेत्रों से श्रद्धालु और गायत्री परिवार के परिजन बड़ी संख्या में शामिल हुए। श्रद्धालुओं ने श्रद्धा और भक्ति के साथ भगवान शिव का जलाभिषेक कर सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की।
कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान शिव से स्वयं के साथ-साथ अपने परिवार, नगर, क्षेत्र और संपूर्ण विश्व के कल्याण की प्रार्थना की। सामूहिक रूप से किए गए शिवाभिषेक के दौरान शक्तिपीठ परिसर में भक्तिमय वातावरण बना रहा। श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह और आस्था के साथ धार्मिक अनुष्ठान में सहभागिता की।
विश्व कल्याण के लिए हुआ साधना क्रम
गायत्री शक्तिपीठ मनावर में सावन माह के प्रत्येक सोमवार को शिवाभिषेक के साथ साधना के विशेष क्रम भी आयोजित किए गए। इन साधनाओं का उद्देश्य केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि विश्व कल्याण और मानव जीवन से जुड़ी विभिन्न समस्याओं पर चिंतन करना भी रहा।
आयोजकों के अनुसार, अखिल विश्व गायत्री परिवार द्वारा इस वर्ष आयोजित किए जा रहे माता भगवती जनशताब्दी कार्यक्रम की सफलता के लिए भी विशेष साधना की गई। श्रद्धालुओं ने सामूहिक प्रार्थना और साधना के माध्यम से समाज एवं विश्व में शांति, सद्भाव और सकारात्मक वातावरण की कामना की।
कुरीतियों के खिलाफ जागरूकता का संदेश
कार्यक्रम के दौरान धार्मिक साधना के साथ सामाजिक जागरूकता का संदेश भी दिया गया। श्रद्धालुओं को झूठी परंपराओं, कुप्रथाओं और सामाजिक कुरीतियों से दूर रहने के लिए प्रेरित किया गया। लोगों से कहा गया कि किसी भी परंपरा को केवल इसलिए नहीं अपनाना चाहिए कि वह लंबे समय से चली आ रही है, बल्कि उसके औचित्य पर विवेकपूर्वक विचार करना जरूरी है।
आयोजन के माध्यम से लोगों को यह संदेश भी दिया गया कि धर्म और आध्यात्मिकता का उद्देश्य मानव जीवन को बेहतर बनाना, समाज में सद्भाव बढ़ाना तथा व्यक्ति को सकारात्मक दिशा प्रदान करना है। इसलिए धार्मिक गतिविधियों के साथ सामाजिक जिम्मेदारियों को भी महत्व दिया जाना चाहिए।
बिना आडंबर के हुआ शिवाभिषेक
सामूहिक शिवाभिषेक की एक प्रमुख विशेषता यह रही कि आयोजन में किसी प्रकार के आर्थिक आडंबर को महत्व नहीं दिया गया। श्रद्धालुओं को बिना किसी शुल्क के भगवान शिव का जलाभिषेक करने का अवसर प्रदान किया गया। आयोजन में जलाभिषेक को प्राथमिकता देते हुए सादगी और श्रद्धा के साथ धार्मिक कार्यक्रम संपन्न कराया गया।
गायत्री शक्तिपीठ की इस पहल में नगरवासियों ने भी बढ़-चढ़कर सहभागिता की। श्रद्धालुओं ने परिवार सहित पहुंचकर भगवान शिव की आराधना की और सावन के अंतिम सोमवार को धार्मिक आस्था के साथ मनाया।
नगरवासियों ने की सहभागिता
सावन के पूरे माह प्रत्येक सोमवार को आयोजित किए गए इन कार्यक्रमों के दौरान गायत्री शक्तिपीठ में श्रद्धालुओं की सक्रिय सहभागिता रही। अंतिम सोमवार को पूर्णाहुति के अवसर पर भी नगर के विभिन्न क्षेत्रों से लोग पहुंचे। सामूहिक शिवाभिषेक के माध्यम से लोगों ने आध्यात्मिक शांति के साथ सामाजिक एवं विश्व कल्याण की भावना को मजबूत करने का प्रयास किया।
आयोजन का संचालन गायत्री शक्तिपीठ मनावर के परिव्राजक पंडित राकेश पुरोहित ने किया। कार्यक्रम की संपूर्ण व्यवस्था गायत्री शक्तिपीठ मनावर के सौजन्य से की गई। सावन के अंतिम सोमवार पर संपन्न हुए इस आयोजन ने श्रद्धालुओं को भक्ति के साथ-साथ विवेक, सामाजिक जागरूकता और विश्व कल्याण का संदेश दिया।
सामूहिक शिवाभिषेक की पूर्णाहुति के साथ सावन के सोमवारों पर चलाए गए विशेष साधना क्रम का समापन हुआ। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने भगवान शिव से सभी के जीवन में सुख, शांति, स्वास्थ्य और समृद्धि की कामना की।
