सिलवानी में विधिक साक्षरता शिविर, विद्यार्थियों को साइबर अपराध और POCSO कानून की दी जानकारी
लोकेशन: सिलवानी | ब्यूरो चीफ रायसेन: उमेश चौबे
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रायसेन अनिल कुमार सुहाने के मार्गदर्शन में तहसील विधिक सेवा समिति सिलवानी द्वारा 24 अगस्त 2026 को शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सिलवानी में ‘सशक्त युवा, सशक्त भारत’ अभियान के तहत विधिक साक्षरता शिविर आयोजित किया गया।
साइबर अपराधों से सावधान रहने की दी सीख
शिविर में मुख्य वक्ता के रूप में तहसील विधिक सेवा समिति सिलवानी की अध्यक्ष एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी सुनीता पचौरिया उपस्थित रहीं। उन्होंने विद्यार्थियों को बढ़ते साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करते हुए कहा कि आज साइबर अपराध का दायरा तेजी से बढ़ रहा है और यह छात्रों सहित आम नागरिकों के लिए गंभीर चुनौती बन चुका है।
उन्होंने विद्यार्थियों से अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करने, ऑनलाइन प्रलोभनों से बचने और मोबाइल का सावधानीपूर्वक इस्तेमाल करने की अपील की। विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा से जुड़ी सरकारी तकनीकों और कानूनी उपायों की भी जानकारी दी गई।
OTP और डिजिटल अरेस्ट जैसे फ्रॉड से रहें सतर्क
शिविर में विद्यार्थियों को इंटरनेट के सुरक्षित इस्तेमाल और ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने के उपाय बताए गए। न्यायाधीश ने OTP फ्रॉड, वित्तीय धोखाधड़ी, फर्जी कॉल और ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर किए जाने वाले साइबर अपराधों से सतर्क रहने की सलाह दी।
उन्होंने कहा कि साइबर ठग लोगों को डराकर या लालच देकर अपने जाल में फंसाते हैं। ऐसे मामलों में जागरूकता और सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है।
POCSO कानून की दी जानकारी
शिविर के दौरान विद्यार्थियों को किशोर न्याय एवं बच्चों की सुरक्षा से जुड़े कानूनों की जानकारी भी दी गई। न्यायाधीश ने बताया कि बच्चों को यौन अपराध और दुर्व्यवहार से बचाने के लिए POCSO Act, 2012 लागू किया गया है।
उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि कानून में विभिन्न अपराधों को परिभाषित करते हुए उनके लिए सजा का प्रावधान किया गया है। मामलों की शीघ्र सुनवाई के लिए विशेष न्यायालयों की व्यवस्था भी की गई है।
स्कूल स्टाफ और विद्यार्थी रहे मौजूद
विधिक साक्षरता शिविर में स्कूल प्राचार्य एन.पी. शिल्पी, शिक्षक विजय कुमार सोनी सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। शिविर के माध्यम से विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा, बच्चों के कानूनी अधिकार और कानून के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया गया।
