ताप्ती झीरा का जल लेकर गुप्तेश्वर धाम पहुंची मातृशक्ति, किया भगवान शिव का जलाभिषेक
संवाददाता : आशीष ठाकरे
सावन में निकली भव्य कावड़ यात्रा
आठनेर। सावन माह में भगवान भोलेनाथ की भक्ति का रंग आठनेर नगर में देखने को मिला। महावीर वार्ड क्रमांक 15 स्थित शनि मंदिर से महिला मंडल की अगुवाई में श्रद्धालु महिलाओं ने ताप्ती झीरा का पवित्र जल लेकर गुप्तेश्वर धाम तक कावड़ यात्रा निकाली।
सुबह से ही कावड़ यात्रा को लेकर महिलाओं और वार्डवासियों में खासा उत्साह दिखाई दिया। यात्रा के दौरान पूरा मार्ग हर-हर महादेव और बोल बम के जयकारों से गूंजता रहा।
जगह-जगह हुआ कावड़ यात्रियों का स्वागत
कावड़ यात्रा का नगर में जगह-जगह श्रद्धालुओं और सामाजिक संगठनों की ओर से स्वागत किया गया। वार्ड क्रमांक 14 की पार्षद गायत्री कैलाश आजाद ने अपने निवास पर कावड़ यात्रियों के पैर पखारकर, तिलक लगाकर और पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। इस दौरान श्रद्धालुओं के लिए जलपान की भी व्यवस्था की गई।
इसके अलावा रामलीला मंडल कांग्रेस कमेटी की ओर से भी कावड़ यात्रियों का स्वागत करते हुए फल वितरित किए गए।
भजन-कीर्तन और जयकारों से गूंजा नगर
यात्रा के दौरान महिला श्रद्धालु भजन-कीर्तन करते हुए आगे बढ़ीं। हाथों में कावड़ लेकर महिलाएं भगवान शिव की भक्ति में लीन नजर आईं। पूरे रास्ते ‘हर-हर महादेव’ और ‘बोल बम’ के जयकारों से भक्तिमय माहौल बना रहा।
कावड़ यात्रा के गुप्तेश्वर धाम पहुंचने के बाद श्रद्धालुओं ने ताप्ती झीरा से लाए गए पवित्र जल से भगवान गुप्तेश्वर महादेव के शिवलिंग का जलाभिषेक किया।
पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना
गुप्तेश्वर धाम में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। वार्ड पार्षद श्रीमती पूनम प्रवीण चढ़ोकर ने पूजा-अर्चना कर नगर और क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति एवं खुशहाली की कामना की।
जलाभिषेक के बाद भगवान शिव की आरती की गई और श्रद्धालुओं को प्रसादी वितरित की गई। इसके साथ ही कावड़ यात्रा का धार्मिक उल्लास के साथ समापन हुआ।
महिला मंडल की रही प्रमुख भूमिका
कावड़ यात्रा में महावीर वार्ड की महिला मंडल की मातृशक्ति ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। यात्रा में प्रमुख रूप से श्रीमती पूनम प्रवीण चढ़ोकर, शर्मीला लहरपुरे, विजेता राठौर, कंचु नाडेकर, कविता घोरसे, नीतू घोरसे, सरिता राठौर, सीमा, इंदिरा लहरपुर, रेखा वाडेकर और अनीता नायक सहित बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल रहीं।
महिला श्रद्धालुओं की इस धार्मिक पहल ने सावन के माहौल को पूरी तरह शिवमय कर दिया। यात्रा के दौरान श्रद्धा, भक्ति और सामूहिक सहभागिता का विशेष उत्साह देखने को मिला।
