सिंहेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं के बीच भगदड़, कई घायल; नागपुर के वॉटर फिल्टर प्लांट में क्लोरीन गैस लीक
Breaking News 24 August 2026: बिहार के मधेपुरा स्थित सिंहेश्वर मंदिर में सावन के चौथे सोमवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच भगदड़ की स्थिति बन गई, जिसमें कई श्रद्धालुओं के घायल होने की खबर है। वहीं महाराष्ट्र के नागपुर में एक वॉटर फिल्टर प्लांट में क्लोरीन गैस लीक होने के बाद 60 से अधिक लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। ओडिशा में भारी बारिश और बाढ़ की स्थिति को देखते हुए कई क्षेत्रों में स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्र बंद रखे गए हैं।
मधेपुरा के सिंहेश्वर मंदिर में मची भगदड़
मधेपुरा। बिहार के मधेपुरा जिले में स्थित प्रसिद्ध सिंहेश्वर मंदिर में सोमवार, 24 अगस्त को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच भगदड़ की स्थिति बन गई। घटना में कई श्रद्धालुओं के घायल होने की जानकारी सामने आई है। सावन का चौथा सोमवार होने के कारण सुबह से ही मंदिर में भगवान शिव के दर्शन और जलाभिषेक के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे।
मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में श्रद्धालुओं की भीड़ लगातार बढ़ती गई। इसी दौरान भक्तों के बीच धक्का-मुक्की होने से स्थिति बिगड़ गई और भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। घटना के बाद मौके पर मौजूद प्रशासनिक और सुरक्षा अमले ने व्यवस्था संभालने का प्रयास किया।
घायलों को पहुंचाई गई चिकित्सा सहायता
भगदड़ में घायल हुए श्रद्धालुओं को उपचार के लिए चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। प्रशासन की ओर से मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं से संयम बनाए रखने और किसी भी तरह की जल्दबाजी या धक्का-मुक्की नहीं करने की अपील की गई है।
श्रद्धालुओं को सुरक्षा व्यवस्था में तैनात पुलिस और प्रशासनिक कर्मचारियों के निर्देशों का पालन करने के लिए भी कहा गया है। भीड़ को नियंत्रित करने और श्रद्धालुओं को व्यवस्थित तरीके से दर्शन कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।
सावन के सोमवार पर शिव मंदिरों में सामान्य दिनों की तुलना में श्रद्धालुओं की संख्या काफी बढ़ जाती है। सिंहेश्वर मंदिर भी क्षेत्र का प्रमुख धार्मिक स्थल होने के कारण यहां बड़ी संख्या में भक्त दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
नागपुर में वॉटर फिल्टर प्लांट से क्लोरीन गैस लीक
नागपुर। महाराष्ट्र के नागपुर में भी एक गंभीर घटना सामने आई है। गोधनी इलाके में स्थित वॉटर फिल्टर प्लांट में क्लोरीन गैस लीक होने के बाद आसपास के क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। गैस के प्रभाव में आने के बाद 60 से अधिक लोगों को अस्पताल में भर्ती कराए जाने की जानकारी है।
घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग और राहत-बचाव से जुड़ी टीमें मौके पर पहुंचीं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए NDRF की टीम भी राहत एवं बचाव कार्य में जुटी बताई जा रही है।
प्लांट के आसपास 200 मीटर का क्षेत्र कराया खाली
क्लोरीन गैस रिसाव के बाद एहतियात के तौर पर वॉटर फिल्टर प्लांट के आसपास करीब 200 मीटर के क्षेत्र को खाली कराया गया। आसपास रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की कार्रवाई की गई, ताकि गैस के संपर्क में आने से और लोग प्रभावित न हों।
जानकारी के अनुसार घटना गोधनी ग्राम पंचायत के जल शोधक संयंत्र परिसर की है। नगर निगम के अग्निशमन विभाग की टीम ने गैस रिसाव पर नियंत्रण पाने के लिए कार्रवाई शुरू की। घटना 23 अगस्त की देर रात की बताई जा रही है।
क्लोरीन का उपयोग आमतौर पर जल शोधन और पानी को कीटाणुमुक्त करने के लिए किया जाता है। अधिक मात्रा में गैस के संपर्क में आने पर आंखों और श्वसन तंत्र में परेशानी हो सकती है। इसी कारण प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्र को खाली कराने में प्राथमिकता दिखाई।
ओडिशा में भारी बारिश का असर, स्कूल और आंगनवाड़ी बंद
भुवनेश्वर। ओडिशा में लगातार हो रही भारी बारिश और बाढ़ की स्थिति का असर जनजीवन पर दिखाई दे रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग की भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए प्रशासन ने सोमवार को नबरंगपुर और भद्रक में स्कूलों तथा आंगनवाड़ी केंद्रों को बंद रखने का निर्णय लिया।
भद्रक जिले के संवेदनशील क्षेत्रों में भी प्रशासन विशेष सतर्कता बरत रहा है। भद्रक, तिहिड़ी और चांदबली ब्लॉक के 89 स्कूलों को बंद रखे जाने की जानकारी है। बारिश से प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है।
24 अगस्त की बड़ी खबरों पर बनी हुई है नजर
24 अगस्त को देश के अलग-अलग हिस्सों से लगातार महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आ रहे हैं। बिहार के मधेपुरा में धार्मिक स्थल पर भीड़ के बीच भगदड़, नागपुर में क्लोरीन गैस रिसाव और ओडिशा में भारी बारिश के कारण स्कूलों को बंद रखने जैसी घटनाएं प्रमुख खबरों में शामिल हैं।
मधेपुरा में प्रशासन के सामने श्रद्धालुओं की सुरक्षा और भीड़ को नियंत्रित करने की चुनौती है, जबकि नागपुर में गैस रिसाव के बाद प्रभावित लोगों के उपचार और इलाके को सुरक्षित करने पर जोर दिया जा रहा है। ओडिशा में मौसम की स्थिति को देखते हुए स्थानीय प्रशासन को सतर्क रखा गया है।
