चार वर्षों से अधूरी पड़ी गरव्हा-पचधार पुलिया, 200 ग्रामीणों की बढ़ी परेशानी; किसानों को लगाना पड़ रहा 10 किमी का फेरा
गरव्हा-पचधार। गरव्हा से पचधार मार्ग पर करीब चार वर्षों से पुलिया निर्माण का कार्य अधूरा पड़ा है। ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार निर्माण कार्य बीच में छोड़कर चला गया, जिसके बाद पुलिया का काम आज तक पूरा नहीं हो पाया। करीब 50 मीटर लंबी इस पुलिया का निर्माण पूरा नहीं होने से गरव्हा और पचधार के लगभग 200 ग्रामीणों तथा किसानों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार पुलिया का निर्माण शुरू होने पर किसानों को उम्मीद जगी थी कि पारसडोह जलाशय के भर जाने के बाद खेतों तक पहुंचने की समस्या का स्थायी समाधान हो जाएगा। लेकिन निर्माण अधूरा रह जाने के कारण सुविधा मिलने के बजाय परेशानी और बढ़ गई है। वर्तमान में गरव्हा के किसानों को बिसनूर होते हुए पचधार की ओर और पचधार के किसानों को बिसनूर-गरव्हा मार्ग से अपने खेतों तक पहुंचना पड़ रहा है। इसके लिए किसानों को करीब 10 किलोमीटर का अतिरिक्त फेरा लगाना पड़ता है।
पारसडोह जलाशय भरने के बाद बढ़ जाती है परेशानी
ग्रामीण तुलसीराम बरडे, सुभाष झरबड़े, धनराज पांसे और विजय बरडे ने बताया कि पारसडोह जलाशय के भर जाने के बाद गरव्हा और पचधार के बीच किसानों के खेतों तक पहुंचने वाला रास्ता बंद हो जाता है। ऐसी स्थिति में दोनों गांवों के किसानों के लिए निर्माणाधीन पुलिया ही खेतों तक पहुंचने का एकमात्र प्रमुख सहारा है।
ग्रामीणों का कहना है कि पुलिया का निर्माण पूरा हो जाता तो दोनों गांवों के किसानों को बड़ी राहत मिलती। खेतों तक पहुंचने के लिए उन्हें लंबा रास्ता तय नहीं करना पड़ता और समय एवं ईंधन दोनों की बचत होती। लेकिन चार साल से निर्माण अधूरा होने के कारण किसानों को मजबूरी में दूसरे मार्ग का इस्तेमाल करना पड़ रहा है।
बेस और दोनों ओर सड़क का काम अधूरा
ग्रामीणों के अनुसार पुलिया का कुछ निर्माण कार्य किए जाने के बाद उसके ऊपर बेस का काम पूरा नहीं किया गया। स्थिति यह है कि पुलिया पर पैदल चलना भी मुश्किल है। वहीं पुलिया के दोनों ओर पहुंच मार्ग का निर्माण भी नहीं किया गया है। इसके चलते पुलिया बनने के बावजूद उसका उपयोग ग्रामीणों के लिए संभव नहीं हो पा रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि पुलिया के दोनों ओर सड़क का निर्माण और पुलिया पर आवश्यक बेस का काम पूरा कर दिया जाए तो गरव्हा और पचधार के बीच आवागमन काफी आसान हो सकता है। वर्तमान में अधूरी संरचना ग्रामीणों के लिए सुविधा के बजाय परेशानी का कारण बनी हुई है।
चार साल से काम पूरा होने का इंतजार
ग्रामीणों के अनुसार पुलिया निर्माण कार्य शुरू हुए करीब चार वर्ष हो चुके हैं, लेकिन अब तक निर्माण पूर्ण नहीं हुआ है। लंबे समय से काम बंद रहने के कारण निर्माण स्थल की स्थिति भी खराब होती जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार अधूरा कार्य छोड़कर चला गया और इसके बाद संबंधित विभाग द्वारा निर्माण पूरा कराने की दिशा में प्रभावी कदम नहीं उठाया गया।
ग्रामीण धनराज पांसे, मनोज झपाटे, संदीप काले और ज्ञानदेव काले ने बताया कि पुलिया निर्माण अधूरा होने की जानकारी जनप्रतिनिधियों, सिंचाई विभाग और संबंधित उच्च अधिकारियों को कई बार दी जा चुकी है। इसके बावजूद आज तक निर्माण कार्य पूरा नहीं कराया गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि जब विभाग ने किसानों की सुविधा के लिए पुलिया निर्माण शुरू किया था, तब उन्हें उम्मीद थी कि लंबे समय से चली आ रही समस्या का समाधान हो जाएगा। लेकिन काम अधूरा रह जाने से किसानों की समस्या पहले की तरह बनी हुई है।
किसानों को हो रहा आर्थिक नुकसान
पुलिया निर्माण अधूरा होने का सीधा असर किसानों पर पड़ रहा है। खेतों तक पहुंचने के लिए अतिरिक्त 10 किलोमीटर का रास्ता तय करने से किसानों का समय और ईंधन दोनों खर्च हो रहे हैं। खेती के मौसम में यह समस्या और गंभीर हो जाती है, क्योंकि किसानों को बार-बार खेतों तक आना-जाना पड़ता है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि पुलिया पूरी हो जाए तो दोनों गांवों के बीच दूरी और आवागमन का समय काफी कम हो जाएगा। इससे किसानों को खेती-किसानी के काम में सुविधा मिलेगी और उन्हें बिसनूर होकर लंबा चक्कर लगाने से भी राहत मिलेगी।
इसके अलावा बारिश के मौसम में जलाशय के आसपास की स्थिति और कठिन हो जाती है। ऐसे समय में वैकल्पिक मार्ग से आवागमन करना ग्रामीणों के लिए परेशानी भरा साबित होता है। ग्रामीणों ने मांग की है कि निर्माण कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया जाए।
जनप्रतिनिधियों और विभाग से हस्तक्षेप की मांग
गरव्हा और पचधार के ग्रामीणों ने अधूरी पुलिया का निर्माण जल्द पूरा कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि संबंधित विभाग मौके का निरीक्षण कर वर्तमान स्थिति का आकलन करे और ठेकेदार द्वारा छोड़े गए कार्य को जल्द पूरा कराने की व्यवस्था करे।
ग्रामीणों ने मांग की है कि पुलिया पर आवश्यक बेस तैयार करने के साथ दोनों ओर पहुंच मार्ग का निर्माण भी कराया जाए, ताकि इसका वास्तविक लाभ किसानों और ग्रामीणों को मिल सके। उनका कहना है कि केवल पुलिया की संरचना खड़ी कर देने से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि पुलिया
