इंदौर के सयाजी होटल में खाद्य सुरक्षा जांच: स्टोरेज में चूहे, किचन में कॉकरोच; 66 किलो नॉनवेज बिना उचित लेबलिंग मिला
मूंगफली में फंगस और सड़े टमाटर-आलू भी मिले, फ्रीजर का तापमान मानक से बाहर; खाद्य विभाग ने लिए कई सैंपल
इंदौर। शहर के प्रसिद्ध सयाजी होटल में खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं सामने आने का दावा किया गया है। खाद्य विभाग की टीम ने होटल के किचन, फूड स्टोरेज और फूड प्रिपरेशन एरिया का करीब पांच घंटे तक निरीक्षण किया। जांच के दौरान स्टोरेज क्षेत्र में चूहों की मौजूदगी के संकेत और किचन तथा फूड प्रिपरेशन एरिया में कॉकरोच पाए जाने की बात सामने आई।
इसके अलावा करीब 66 किलो नॉनवेज सामग्री बिना उचित पैकिंग और लेबलिंग के रखी मिली। कई खाद्य पदार्थों पर पैकेजिंग डेट, बैच नंबर और एक्सपायरी डेट जैसी जरूरी जानकारी नहीं थी। विभाग ने होटल में इस्तेमाल किए जा रहे पनीर, नॉनवेज, मसालों और ड्रायफ्रूट्स सहित कई खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे हैं।
स्टोरेज में चूहों की मौजूदगी के संकेत
खाद्य अधिकारी मनीष स्वामी के नेतृत्व में टीम ने होटल के स्टोरेज और दोनों किचन का निरीक्षण किया। जांच के दौरान फूड स्टोरेज में चूहों की मौजूदगी के संकेत मिलने की बात कही गई। पैलेट के नीचे भी ऐसी स्थिति देखने को मिली जिससे वहां चूहों की आवाजाही की आशंका जताई गई।
किचन और फूड प्रिपरेशन प्लेटफॉर्म के आसपास कॉकरोच पाए जाने की बात भी सामने आई। टीम ने कुछ स्थानों पर चूहों से जुड़ी गंदगी मिलने की बात दर्ज की।
ड्राय स्टोरेज की दीवारों और फर्श में दरारें भी मिलीं। खाद्य सुरक्षा के लिहाज से ऐसी दरारों में कीट और अन्य जीव छिप सकते हैं, इसलिए इन्हें बंद रखना जरूरी माना जाता है।
गीले और सूखे कचरे की अलग व्यवस्था नहीं
निरीक्षण के दौरान कचरा प्रबंधन में भी खामियां सामने आईं। बताया गया कि गीले और सूखे कचरे के लिए अलग-अलग डस्टबिन की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी।
पीने के पानी के बर्तनों के पास रखे डस्टबिन में भी गीला और सूखा कचरा एक साथ मिला। खाद्य तैयारी क्षेत्र के आसपास साफ-सफाई और कचरा प्रबंधन के नियमों का पालन खाद्य सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी होता है।
वेज और नॉनवेज सामग्री एक साथ रखने पर सवाल
स्टोरेज में शाकाहारी और मांसाहारी खाद्य सामग्री के अलग-अलग भंडारण की पर्याप्त व्यवस्था नहीं मिलने की बात सामने आई। सी-फूड, चिकन और मटन के लिए भी अलग-अलग स्टोरेज व्यवस्था नहीं थी।
खाद्य सुरक्षा मानकों में क्रॉस-कंटैमिनेशन से बचने के लिए वेज और नॉनवेज सामग्री के भंडारण और हैंडलिंग में विशेष सावधानी रखने की जरूरत होती है।
टीम ने यह भी पाया कि ड्राय और नॉनवेज स्टोरेज के कुछ प्लेटफॉर्म पर जंग लगी हुई थी। स्टोरेज रैक दीवार से सटाकर रखे गए थे। खाद्य सामग्री को नमी, कीट और संक्रमण से बचाने के लिए रैक और दीवार के बीच पर्याप्त दूरी रखने की सलाह दी जाती है।
फ्रीजर का तापमान भी मानक से अलग मिला
नॉनवेज और फ्रोजन खाद्य सामग्री सुरक्षित रखने के लिए निश्चित तापमान जरूरी होता है। निरीक्षण के दौरान एक फ्रीजर का तापमान +20 डिग्री सेल्सियस और दूसरे का -16 डिग्री सेल्सियस दर्ज किए जाने की बात कही गई।
फ्रोजन मांसाहारी खाद्य सामग्री के लिए आमतौर पर लगभग -18 डिग्री सेल्सियस या उससे नीचे का तापमान आवश्यक माना जाता है। तापमान में ज्यादा अंतर रहने से खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और सुरक्षा प्रभावित होने की आशंका रहती है।
33 नॉनवेज पैकेटों पर जरूरी जानकारी नहीं
जांच में स्टोरेज में रखे करीब 33 नॉनवेज पैकेटों पर पैकेजिंग डेट, बैच नंबर और एक्सपायरी डेट जैसी जानकारी नहीं मिलने की बात सामने आई।
पैक्ड कुल्फी पर भी मैन्युफैक्चरिंग डेट, एक्सपायरी डेट और बैच नंबर दर्ज नहीं मिले। इसके अलावा फ्रोजन डेजर्ट को मेन्यू में आइसक्रीम के नाम से प्रदर्शित किए जाने पर भी सवाल उठाया गया।
खाद्य उत्पादों की सही पहचान और स्पष्ट लेबलिंग उपभोक्ता सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है।
मूंगफली में फंगस, सड़े टमाटर और आलू मिले
स्टोरेज की जांच के दौरान मूंगफली में फंगस मिलने का दावा किया गया। इसके साथ कुछ टमाटर और आलू खराब स्थिति में मिले।
उबले आलू पर एक्सपायरी डेट की टैगिंग भी मिली, जबकि अन्य कुछ खाद्य उत्पाद बिना उचित लेबल के रखे गए थे। टॉपिंग के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले कुछ टेट्रापैक लीक हालत में पाए गए।
पैकेटबंद कुकीज पर भी पैकेजिंग और एक्सपायरी डेट दर्ज नहीं होने की बात कही गई।
लाइसेंस में नॉनवेज, बेकरी और स्वीट्स का उल्लेख नहीं
खाद्य विभाग की जांच में होटल के लाइसेंस और वहां संचालित गतिविधियों के बीच अंतर को लेकर भी सवाल उठे।
दावा है कि उपलब्ध लाइसेंस में नॉनवेज गतिविधि का उल्लेख नहीं था, जबकि होटल में मांसाहारी खाद्य पदार्थ तैयार और परोसे जा रहे थे। इसी तरह होटल में इन-हाउस बेकरी और मिठाइयों का निर्माण किया जा रहा था, लेकिन संबंधित गतिविधियों का स्पष्ट उल्लेख लाइसेंस में नहीं मिलने की बात सामने आई।
सेंट्रल FSSAI से संबंधित लाइसेंस दस्तावेज भी निरीक्षण के समय मौके पर उपलब्ध नहीं होने की बात कही गई है।
पनीर, नॉनवेज और मसालों के सैंपल जांच के लिए भेजे
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने होटल से कई खाद्य सामग्री के नमूने लिए हैं। इनमें पनीर, पैक्ड पनीर, कच्चा नॉनवेज, सौंफ, मसाले और ड्रायफ्रूट्स सहित अन्य उत्पाद शामिल हैं।
सभी सैंपल खाद्य प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि संबंधित खाद्य उत्पाद निर्धारित सुरक्षा और गुणवत्ता मानकों पर खरे उतरते हैं या नहीं।
रिपोर्ट के बाद होगी आगे की कार्रवाई
खाद्य अधिकारी मनीष स्वामी के मुताबिक होटल के दोनों किचन और स्टोरेज क्षेत्र का निरीक्षण किया गया है। जांच के दौरान सामने आई खामियों को रिकॉर्ड में लिया गया है।
खाद्य पदार्थों के नमूनों की प्रयोगशाला रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि नमूने अमानक या असुरक्षित पाए जाते हैं, तो संबंधित नियमों के तहत कार्रवाई हो सकती है।
यह मामला बड़े होटलों और रेस्टोरेंट में खाद्य सुरक्षा, स्वच्छता, स्टोरेज और लाइसेंसिंग नियमों के पालन को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े करता है। अब नजर प्रयोगशाला की रिपोर्ट और खाद्य विभाग की अगली कार्रवाई पर रहेगी।
