अमझोर पंचायत में राशन दुकान की व्यवस्था पर सवाल, ग्रामीणों ने दो दुकानों की मांग उठाई
अमझोर। ग्राम पंचायत अमझोर में उचित मूल्य की राशन दुकान की व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी सामने आई है। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत क्षेत्र में कुल 20 वार्ड हैं और बड़ी संख्या में हितग्राही एक ही राशन दुकान पर निर्भर हैं। ऐसे में सभी पात्र परिवारों को समय पर राशन उपलब्ध कराने में परेशानी हो रही है।
ग्रामीणों का आरोप है कि राशन दुकान निर्धारित समय पर नियमित रूप से नहीं खुलती। इसके कारण दूर-दराज के क्षेत्रों से राशन लेने आने वाले लोगों को दुकान के बाहर घंटों इंतजार करना पड़ता है। इस समस्या का सबसे अधिक सामना महिलाओं, बुजुर्गों और मजदूरी करने वाले लोगों को करना पड़ रहा है।
एक दुकान पर बड़ी संख्या में हितग्राही
ग्रामीणों के अनुसार 20 वार्डों की राशन वितरण व्यवस्था एक ही उचित मूल्य की दुकान पर निर्भर होने के कारण दुकान पर भीड़ बढ़ जाती है। राशन लेने के लिए बड़ी संख्या में हितग्राही एक साथ पहुंचते हैं, जिससे वितरण व्यवस्था प्रभावित होने की बात कही जा रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत की आबादी और हितग्राहियों की संख्या को देखते हुए एक अतिरिक्त उचित मूल्य की दुकान की आवश्यकता है। यदि पंचायत में दो राशन दुकानें संचालित की जाएं तो हितग्राहियों का दबाव कम होगा और लोगों को अपने घर के नजदीक राशन उपलब्ध हो सकेगा।

निर्धारित समय पर दुकान खोलने की मांग
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि दुकान के समय को लेकर स्पष्ट व्यवस्था होने के बावजूद कई बार निर्धारित समय पर राशन दुकान नहीं खुलती। ऐसे में लोगों को अपना काम छोड़कर दुकान खुलने का इंतजार करना पड़ता है।
मजदूरी करने वाले ग्रामीणों का कहना है कि उनके लिए कई घंटे इंतजार करना आर्थिक नुकसान का कारण बन सकता है। वहीं बुजुर्गों और महिलाओं को भी लंबा इंतजार करने में परेशानी होती है।
ग्रामीणों ने खाद्य विभाग से मांग की है कि राशन दुकान के संचालन के समय की जांच की जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि दुकान निर्धारित समय पर नियमित रूप से खुले।
दो राशन दुकानों से मिलेगी सुविधा
ग्राम पंचायत अमझोर में राशन वितरण व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों ने दो उचित मूल्य की राशन दुकानें संचालित किए जाने की मांग उठाई है। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत में बड़ी संख्या में हितग्राही एक ही राशन दुकान पर निर्भर हैं, जिसके कारण वितरण के समय भीड़ बढ़ जाती है और लोगों को लंबी कतारों में खड़ा रहना पड़ता है।
ग्रामीणों के अनुसार, यदि पंचायत क्षेत्र में दो उचित मूल्य की राशन दुकानें संचालित की जाती हैं तो हितग्राहियों की संख्या दोनों दुकानों में विभाजित हो जाएगी। इससे राशन वितरण प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित और सुचारु हो सकेगी। लोगों को घंटों इंतजार करने से राहत मिलेगी और बुजुर्गों, महिलाओं तथा मजदूरी करने वाले ग्रामीणों को विशेष सुविधा मिल सकेगी।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पंचायत में राशन कार्डधारियों और पात्र हितग्राहियों की वास्तविक संख्या का सर्वे कराया जाए। इसके साथ ही वार्डवार हितग्राहियों की संख्या और वर्तमान राशन दुकान की दूरी का भी आकलन किया जाए। सर्वे के आधार पर अतिरिक्त उचित मूल्य की दुकान खोलने की प्रक्रिया शुरू करने की मांग की गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि राशन जैसी आवश्यक सुविधा के लिए लोगों को अनावश्यक परेशानी नहीं उठानी चाहिए। दो दुकानों की व्यवस्था होने से न केवल भीड़ कम होगी, बल्कि पात्र परिवारों को निर्धारित समय में खाद्यान्न उपलब्ध कराने में भी मदद मिलेगी।
ग्रामीणों ने खाद्य विभाग और स्थानीय प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द निरीक्षण और आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।
जांच और कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने संबंधित खाद्य विभाग एवं प्रशासन से पूरे मामले की जांच करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि राशन दुकान के निर्धारित समय पर नहीं खुलने की शिकायत सही पाई जाती है तो जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
ग्रामीणों की मांग है कि राशन वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए और पात्र हितग्राहियों को समय पर खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाए।
फिलहाल अमझोर पंचायत में राशन दुकान की व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों की नाराजगी सामने आई है। अब देखना होगा कि खाद्य विभाग और प्रशासन ग्रामीणों की शिकायतों पर क्या कदम उठाता है और दो उचित मूल्य की दुकानों की मांग पर क्या निर्णय लिया जाता है।
रिपोर्ट — संभागीय ब्यूरो प्रमुख सुनील रैदास
