संपादक जितेंद्र जैन की माताजी मनोरमा जैन का निधन
महावीर भवन मुरार में आज होगी श्रद्धांजलि सभा
मुरैना/ग्वालियर (मनोज जैन नायक)। दैनिक ग्वालियर किरण के प्रधान संपादक एवं वरिष्ठ पत्रकार जितेंद्र जैन की माताजी श्रीमती मनोरमा जैन का बुधवार को निधन हो गया। उनके निधन का समाचार मिलते ही पत्रकार जगत, जैन समाज और ग्वालियर-मुरैना क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। सामाजिक, धार्मिक और पत्रकारिता क्षेत्र से जुड़े लोगों ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है।
मुरार स्थित गेरूवाला बंगला निवासी श्रीमती मनोरमा जैन धार्मिक एवं धर्मपरायण प्रवृत्ति की महिला थीं। उनका जीवन धार्मिक आस्था, संस्कार और आध्यात्मिक गतिविधियों से जुड़ा रहा। उन्होंने अपने जीवन का अंतिम समय देव-शास्त्र-गुरु की भक्ति, पूजा-पाठ और धार्मिक आराधना में व्यतीत किया। परिचितों के अनुसार धर्म के प्रति उनकी गहरी आस्था थी और वे नियमित रूप से धार्मिक गतिविधियों में रुचि रखती थीं।
पिछले कुछ समय से श्रीमती मनोरमा जैन का स्वास्थ्य खराब चल रहा था। स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों के बीच भी उनकी धार्मिक आस्था और भक्ति बनी रही। बुधवार प्रातः उन्होंने अंतिम सांस ली और इस नश्वर शरीर का त्याग कर दिया। उनके निधन की सूचना मिलते ही परिजनों, रिश्तेदारों, साधर्मी बंधुओं और परिचितों में शोक की लहर फैल गई।
अंतिम संस्कार में उमड़े समाजजन
श्रीमती मनोरमा जैन का अंतिम संस्कार बुधवार दोपहर स्थानीय श्मशान घाट पर धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार किया गया। अंतिम संस्कार में परिवार और रिश्तेदारों के साथ बड़ी संख्या में साधर्मी बंधु, पत्रकार, समाजसेवी, व्यापारी, मित्रगण और शहर के गणमान्य नागरिक शामिल हुए।
अंतिम यात्रा के दौरान उपस्थित लोगों ने दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की और परिवार के सदस्यों को ढांढस बंधाया। उपस्थित समाजजनों ने उनके धार्मिक जीवन और सरल स्वभाव को याद करते हुए उनके प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।
अंतिम संस्कार में शामिल लोगों ने कहा कि मनोरमा जैन का जीवन धार्मिक संस्कारों और आस्था से जुड़ा रहा। उन्होंने परिवार में भी धार्मिक वातावरण बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके निधन से परिवार ने एक स्नेहमयी और संस्कारवान वरिष्ठ सदस्य को खो दिया है।
पत्रकारिता जगत में भी शोक
दैनिक ग्वालियर किरण के प्रधान संपादक एवं वरिष्ठ पत्रकार जितेंद्र जैन की माताजी के निधन की खबर सामने आने के बाद पत्रकारिता जगत में भी शोक की भावना व्याप्त है। विभिन्न पत्रकारों और मीडिया से जुड़े साथियों ने जितेंद्र जैन एवं उनके परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।
पत्रकार साथियों ने कहा कि किसी भी परिवार में माता का स्थान सबसे महत्वपूर्ण होता है। ऐसे समय में परिवार के प्रति संवेदना और साथ खड़ा होना समाज की जिम्मेदारी है। पत्रकारिता जगत के अनेक साथियों ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए परिवार को यह दुख सहन करने की शक्ति प्रदान करने की कामना की।
धार्मिक और सामाजिक संगठनों ने जताया दुख
श्रीमती मनोरमा जैन के निधन पर विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के पदाधिकारियों, जैन समाज के सदस्यों और गणमान्य नागरिकों ने शोक संवेदना व्यक्त की। लोगों ने कहा कि उनका जीवन धर्म और संस्कारों से प्रेरित रहा तथा उन्होंने अपने परिवार में धार्मिक मूल्यों को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
शोक संवेदना व्यक्त करने वालों ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। साथ ही शोकाकुल परिवार को इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की कामना की। कई समाजजनों ने परिवार से व्यक्तिगत रूप से मिलकर भी संवेदना व्यक्त की।
मनोरमा जैन के निधन से जैन समाज में भी शोक का वातावरण है। समाज के लोगों ने उनके धार्मिक जीवन को स्मरण करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी। उनके परिचितों ने बताया कि वे धार्मिक प्रवृत्ति की महिला थीं और देव-शास्त्र-गुरु के प्रति उनकी गहरी श्रद्धा थी।
महावीर भवन में आज होगी श्रद्धांजलि सभा
श्रीमती मनोरमा जैन को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए उठावनी बैठक शुक्रवार, 21 अगस्त को महावीर भवन, ठंडी सड़क, मुरार में आयोजित की जाएगी। श्रद्धांजलि सभा का समय दोपहर 2 बजे से 3 बजे तक रखा गया है।
इस अवसर पर परिवार के सदस्य, साधर्मी बंधु, पत्रकार साथी, सामाजिक कार्यकर्ता, व्यापारी, मित्रगण और परिचित उपस्थित होकर दिवंगत आत्मा को श्रद्धासुमन अर्पित करेंगे। श्रद्धांजलि सभा में उनके धार्मिक और सामाजिक जीवन को स्मरण करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी जाएगी।
परिवार की ओर से सभी परिचितों और समाजजनों से श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित होकर दिवंगत आत्मा के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने का आग्रह किया गया है।
धार्मिक जीवन को हमेशा दिया महत्व
श्रीमती मनोरमा जैन के जीवन की सबसे प्रमुख विशेषता उनकी धार्मिक आस्था रही। उन्होंने जीवन के अंतिम समय तक देव-शास्त्र-गुरु की भक्ति को अपने जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाए रखा। पूजा-पाठ और धार्मिक आराधना के प्रति उनकी रुचि परिवार और परिचितों के बीच भी जानी जाती थी।
समाजजनों का कहना है कि धार्मिक संस्कार व्यक्ति के जीवन को सकारात्मक दिशा देते हैं और परिवार की आने वाली पीढ़ियों को भी संस्कारों से जोड़ते हैं। मनोरमा जैन ने अपने जीवन में इन धार्मिक मूल्यों को महत्व दिया और परिवार में भी धार्मिक वातावरण को प्रोत्साहित किया।
उनके निधन के बाद परिवार और समाज के लोगों ने उनके जीवन से जुड़ी स्मृतियों को साझा करते हुए उन्हें याद किया। सभी ने उनकी आत्मा की शांति और परिवार को इस कठिन समय में धैर्य प्रदान करने की प्रार्थना की।
परिवार के प्रति संवेदनाओं का सिलसिला
मनोरमा जैन के निधन की खबर के बाद से ही उनके निवास पर शोक संवेदना व्यक्त करने के लिए लोगों के पहुंचने का सिलसिला जारी है। रिश्तेदारों, मित्रों, साधर्मी बंधुओं और पत्रकारिता जगत के लोगों ने परिवार के सदस्यों से मुलाकात कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।
परिवार के लिए यह अपूरणीय क्षति है। विशेष रूप से वरिष्ठ पत्रकार जितेंद्र जैन के लिए यह व्यक्तिगत रूप से अत्यंत दुखद अवसर है। समाजजनों और पत्रकार साथियों ने उन्हें तथा उनके परिवार को इस कठिन समय में धैर्य और शक्ति प्रदान करने की कामना की है।
श्रीमती मनोरमा जैन का धार्मिक और संस्कारपूर्ण जीवन उनके परिचितों के लिए हमेशा स्मरणीय रहेगा। उनके निधन से परिवार, समाज और उनसे जुड़े लोगों में जो रिक्तता उत्पन्न हुई है, उसकी भरपाई संभव नहीं है। समाजजनों ने उनके जीवन को श्रद्धा के साथ स्मरण करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति की प्रार्थना की।
महावीर भवन, ठंडी सड़क, मुरार में शुक्रवार 21 अगस्त को दोपहर 2 से 3 बजे तक आयोजित श्रद्धांजलि सभा में समाजजन और परिचित एकत्रित होकर श्रीमती मनोरमा जैन को अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।
