Panna News: पतने नदी के उफान में टापू पर फंसा किसान, 70 किमी दूर से पहुंची SDRF टीम ने किया सुरक्षित रेस्क्यू
Panna मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में लगातार हो रही तेज बारिश के कारण नदी-नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। पवई क्षेत्र में भी भारी बारिश के बाद पतने नदी उफान पर आ गई। नदी का पानी बढ़ने से हड़ा गांव के पास खेत की ओर गया एक किसान चारों तरफ पानी से घिर गया और नदी के बीच बने टापूनुमा ऊंचे स्थान पर फंस गया। स्थिति गंभीर होने पर किसान ने मदद के लिए आवाज लगाई। ग्रामीणों से सूचना मिलने के बाद पुलिस और रेस्क्यू टीम सक्रिय हुई।
किसान के नदी के बीच फंसे होने की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन और होमगार्ड विभाग को सूचित किया गया। इसके बाद जिला सेनानी के मार्गदर्शन में छह सदस्यीय होमगार्ड टीम और एक सीडीवी को तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। टीम को करीब 70 किलोमीटर की दूरी तय कर मौके तक पहुंचना था। लगातार बारिश, अंधेरा और नदी का तेज बहाव रेस्क्यू अभियान के सामने बड़ी चुनौती बनकर खड़ा था।
खेत पर गया था किसान, अचानक बढ़ा नदी का पानी
जानकारी के अनुसार पवई निवासी करीब 50 वर्षीय कल्लू नगाइच, पिता बाबूलाल नगाइच, हड़ा गांव के पास स्थित अपने खेत की ओर गए थे। क्षेत्र में रातभर तेज बारिश होने के कारण पतने नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया।
नदी का पानी तेजी से फैलने लगा और कुछ ही समय में किसान चारों ओर से पानी से घिर गया। बाहर निकलने का कोई सुरक्षित रास्ता नहीं बचा। अपनी जान बचाने के लिए किसान नदी के बीच एक ऊंचे और टापूनुमा स्थान पर पहुंच गया। वहां से उसने ग्रामीणों और आसपास के लोगों को मदद के लिए आवाज दी।
ग्रामीणों को जब किसान के नदी के बीच फंसे होने की जानकारी मिली तो उन्होंने पुलिस और संबंधित अधिकारियों को सूचना दी। सूचना मिलते ही बचाव दल को रवाना किया गया।
रात के अंधेरे में शुरू हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन
पुलिस कंट्रोल रूम से सूचना मिलने के बाद रेस्क्यू टीम ने बिना समय गंवाए घटनास्थल की ओर रवाना होने का फैसला किया। जिला सेनानी के मार्गदर्शन में छह सदस्यीय टीम और एक सीडीवी को भेजा गया। रेस्क्यू अभियान की जिम्मेदारी सीसी सत्यपाल जैन को सौंपी गई।
टीम को घटनास्थल तक पहुंचने के लिए लगभग 70 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ा। लगातार बारिश के कारण रास्ते में भी कई चुनौतियां थीं। दूसरी ओर, नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा था। ऐसे में हर मिनट महत्वपूर्ण था।
टीम जब घटनास्थल के पास पहुंची, तब तक अंधेरा हो चुका था। नदी में तेज बहाव और बढ़ते पानी के बीच फंसे किसान तक पहुंचना आसान नहीं था। इसके बावजूद जवानों ने स्थिति का आकलन करते हुए बचाव अभियान शुरू किया।
तेज बहाव और अंधेरा बना बड़ी चुनौती
रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान सबसे बड़ी चुनौती नदी का तेज बहाव रहा। लगातार बारिश के कारण पानी का स्तर बढ़ रहा था और नदी के आसपास की स्थिति भी असुरक्षित बनी हुई थी। अंधेरे में किसान की सटीक स्थिति तक पहुंचना भी आसान नहीं था।
रेस्क्यू टीम ने पूरी सावधानी के साथ आगे बढ़ते हुए किसान तक पहुंचने का प्रयास किया। जवानों ने जोखिम भरी परिस्थितियों में भी धैर्य बनाए रखा। काफी प्रयास के बाद टीम किसान तक पहुंचने में सफल रही।
बचाव दल ने किसान को सुरक्षित तरीके से टापूनुमा स्थान से बाहर निकाला। इसके बाद उसे सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। किसान के सकुशल बाहर आने के बाद उसके परिवार और ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
छह सदस्यीय टीम ने निभाई अहम भूमिका
इस चुनौतीपूर्ण रेस्क्यू अभियान में होमगार्ड टीम के जवानों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। टीम में सीसी सत्यपाल जैन, कुलदीप बिलोहा, ब्रजेन्द्र सिंह बुंदेला, पुष्पेंद्र सिंह, उदित प्रकाश सिंह और अरविन्द सिंह शामिल थे। इनके साथ निखिल शिवहरे ने भी बचाव अभियान में सहयोग किया।
करीब 70 किलोमीटर की दूरी तय करने के बाद टीम ने जिस परिस्थिति में रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम दिया, वह बेहद चुनौतीपूर्ण था। रात का समय, तेज बारिश, नदी का बढ़ता जलस्तर और तेज बहाव होने के बावजूद टीम ने अभियान को जारी रखा और किसान को सुरक्षित निकालने में सफलता हासिल की।
समय पर पहुंची टीम, बची किसान की जान
अगर रेस्क्यू टीम समय पर नहीं पहुंचती तो बढ़ते जलस्तर के कारण किसान के लिए खतरा और बढ़ सकता था। नदी में लगातार पानी बढ़ने से टापूनुमा स्थान भी कुछ समय बाद जलमग्न होने की आशंका थी। ऐसे में बचाव दल की तत्परता बेहद महत्वपूर्ण साबित हुई।
किसान के सुरक्षित बाहर आने के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। प्रशासन और रेस्क्यू टीम की सक्रियता की भी लोगों ने सराहना की।
बारिश के बीच लोगों को सतर्क रहने की जरूरत
Panna समेत मध्यप्रदेश के कई जिलों में इन दिनों लगातार बारिश हो रही है। भारी बारिश के कारण नदी-नालों और छोटे जलस्रोतों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
विशेषज्ञों और प्रशासन की ओर से आमतौर पर लोगों को उफनती नदियों, नालों और पुल-पुलियों को पार करने से बचने की सलाह दी जाती है। खेतों या नदी किनारे जाने वाले लोगों को भी मौसम की स्थिति और जलस्तर पर नजर रखनी चाहिए।
पवई क्षेत्र की यह घटना भी बताती है कि तेज बारिश के दौरान सामान्य स्थिति अचानक खतरनाक हो सकती है। कल्लू नगाइच का समय रहते रेस्क्यू होने से एक बड़ा हादसा टल गया। रात के अंधेरे और तेज बहाव के बीच करीब 70 किलोमीटर दूर से पहुंची रेस्क्यू टीम ने साहस और तत्परता दिखाते हुए किसान को सुरक्षित बाहर निकाला और अभियान को सफलतापूर्वक पूरा किया।
