Ayodhya Ram Mandir: राम मंदिर ट्रस्ट में बड़ा प्रशासनिक बदलाव, तीन कर्मचारियों को जिम्मेदारी से हटाया
रामलला के आभूषणों का हिसाब, VIP प्रसाद और यात्री सुविधा केंद्र से जुड़े कर्मचारियों की बदली जिम्मेदारी; अब तीर्थ क्षेत्र पुरम में सौंपा गया कार्य
अयोध्या | 19 अगस्त 2026
अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर से जुड़ी व्यवस्थाओं में बड़ा प्रशासनिक बदलाव सामने आया है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े तीन कर्मचारियों को उनकी मौजूदा जिम्मेदारियों से हटाकर दूसरे कार्य में लगाया गया है। इनमें रामलला के आभूषणों के हिसाब-किताब, VIP श्रद्धालुओं के प्रसाद और यात्री सुविधा केंद्र जैसी महत्वपूर्ण व्यवस्थाओं से जुड़े कर्मचारी शामिल बताए जा रहे हैं।
जानकारी के अनुसार शिकायत सामने आने के बाद ट्रस्ट की ओर से यह कदम उठाया गया। जिन कर्मचारियों की जिम्मेदारियां बदली गई हैं, उनमें के.डी. तिवारी, बजरंग पाठक और सोमेश के नाम बताए गए हैं। हालांकि इन कर्मचारियों को पूरी तरह सेवा से अलग करने के बजाय अब तीर्थ क्षेत्र पुरम में कार्यभार दिया गया है। तीर्थ क्षेत्र पुरम का संचालन भी श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा किया जाता है।
रामलला के आभूषणों का हिसाब देखते थे के.डी. तिवारी
मामले में सबसे अधिक चर्चा के.डी. तिवारी की जिम्मेदारी को लेकर हो रही है। बताया गया है कि वह रामलला के आभूषणों से जुड़े हिसाब-किताब का कार्य देखते थे। मंदिर में भगवान रामलला को श्रद्धालुओं की ओर से विभिन्न प्रकार के आभूषण और अन्य बहुमूल्य वस्तुएं अर्पित की जाती हैं। ऐसे में इनसे संबंधित रिकॉर्ड और हिसाब किताब का कार्य काफी महत्वपूर्ण माना जाता है।
के.डी. तिवारी को अब इस जिम्मेदारी से हटाकर तीर्थ क्षेत्र पुरम में कार्य सौंपा गया है। ट्रस्ट की व्यवस्थाओं में आभूषणों से जुड़ा काम संवेदनशील जिम्मेदारियों में शामिल माना जाता है, इसलिए इस बदलाव की चर्चा अधिक हो रही है।
VIP श्रद्धालुओं के प्रसाद की व्यवस्था देखते थे बजरंग पाठक
दूसरे कर्मचारी बजरंग पाठक बताए गए हैं। वह VIP श्रद्धालुओं से संबंधित प्रसाद व्यवस्था का कार्य देखते थे। अयोध्या में राम मंदिर के दर्शन के लिए प्रतिदिन देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। इनमें विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े विशिष्ट और गणमान्य लोग भी शामिल होते हैं।
ऐसे श्रद्धालुओं के आगमन और उनसे संबंधित व्यवस्थाओं को व्यवस्थित बनाए रखने के लिए अलग-अलग कर्मचारियों को जिम्मेदारी दी जाती है। बजरंग पाठक इसी व्यवस्था से जुड़े बताए गए हैं। अब उन्हें भी उनकी मौजूदा जिम्मेदारी से हटाते हुए तीर्थ क्षेत्र पुरम में कार्य दिया गया है।
यात्री सुविधा केंद्र के प्रभारी थे सोमेश
तीसरे कर्मचारी सोमेश यात्री सुविधा केंद्र के प्रभारी बताए जा रहे हैं। यात्री सुविधा केंद्र मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण व्यवस्था का हिस्सा है। यहां यात्रियों और श्रद्धालुओं की सुविधाओं से जुड़े विभिन्न कार्य किए जाते हैं।
बताया गया है कि सोमेश को भी यात्री सुविधा केंद्र की जिम्मेदारी से हटाकर तीर्थ क्षेत्र पुरम भेजा गया है। सामने आई जानकारी में उन्हें गोपाल राव का करीबी भी बताया गया है। तीनों कर्मचारियों की जिम्मेदारियों में एक साथ बदलाव होने के बाद मंदिर ट्रस्ट की आंतरिक प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर यह मामला चर्चा में आ गया है।
शिकायत के बाद लिया गया फैसला
उपलब्ध जानकारी के मुताबिक तीनों कर्मचारियों के संबंध में शिकायत के बाद ट्रस्ट स्तर पर कार्रवाई की गई। हालांकि शिकायत की विस्तृत प्रकृति और कर्मचारियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों के बारे में विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
इसलिए इस बदलाव को लेकर किसी तरह की अनियमितता या दोष सिद्ध होने का निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। फिलहाल सामने आई जानकारी इतनी है कि तीनों को उनकी वर्तमान जिम्मेदारियों से हटाकर तीर्थ क्षेत्र पुरम में नया कार्यभार दिया गया है।
नौकरी से नहीं हटाए गए, बदली गई जिम्मेदारी
इस पूरे मामले में एक महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि कर्मचारियों को ट्रस्ट की सेवा से पूरी तरह हटाए जाने की बात सामने नहीं आई है। तीनों को तीर्थ क्षेत्र पुरम में कार्य दिया गया है। यानी फिलहाल मामला जिम्मेदारियों और कार्यस्थल में बदलाव से जुड़ा दिखाई देता है।
तीर्थ क्षेत्र पुरम भी श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की व्यवस्था के अंतर्गत संचालित होता है। ऐसे में इसे सेवा समाप्ति के बजाय प्रशासनिक स्तर पर कार्यभार में बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।
मंदिर की संवेदनशील व्यवस्थाओं पर रहती है विशेष निगरानी
राम मंदिर देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है। मंदिर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं और दान, आभूषण, प्रसाद, दर्शन तथा यात्री सुविधाओं से संबंधित व्यवस्थाओं का संचालन बड़े स्तर पर किया जाता है। ऐसे में इन जिम्मेदारियों से जुड़े कर्मचारियों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है।
विशेष रूप से रामलला को अर्पित किए जाने वाले आभूषणों और बहुमूल्य वस्तुओं का रिकॉर्ड, VIP व्यवस्था तथा श्रद्धालुओं की सुविधाओं से जुड़े कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही आवश्यक मानी जाती है।
तीन कर्मचारियों की जिम्मेदारी बदले जाने के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि उनके स्थान पर इन व्यवस्थाओं का कार्य किन कर्मचारियों या अधिकारियों को सौंपा जाता है। साथ ही ट्रस्ट की ओर से इस मामले में कोई विस्तृत आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी किया जाता है या नहीं, इस पर भी नजर रहेगी।
