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‘स्कूल ठीक करो’ अभियान के बीच हिंगोली में प्रिंसिपल सस्पेंड, स्कूल को मिले चार नए शिक्षक और बेंच

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Published On: 18 August 2026

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‘स्कूल ठीक करो’ अभियान के बीच हिंगोली में प्रिंसिपल सस्पेंड, स्कूल को मिले चार नए शिक्षक और बेंच

अभिजीत दिपके ने ग्रामीणों की मांगें माने जाने का किया दावा; स्कूलों की सुविधाओं को लेकर अभियान जारी रखने की बात, बंगाल की घटना पर पुलिस ने जारी किया अलग पक्ष

School Theek Karo Campaign: महाराष्ट्र के हिंगोली जिले में सरकारी स्कूल की व्यवस्थाओं को लेकर चल रहे विरोध के बीच प्रशासन ने संतुक पिंपरी गांव के जिला परिषद स्कूल के प्रिंसिपल को निलंबित कर दिया है। ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान से जुड़े अभिजीत दिपके के अनुसार, ग्रामीणों की मांग के बाद स्कूल में चार शिक्षकों की नियुक्ति पर भी सहमति बनी है और विद्यार्थियों के लिए नई बेंच उपलब्ध कराई गई हैं। प्रिंसिपल पर शराब के नशे में स्कूल आने का आरोप लगाया गया था।

हिंगोली/मुंबई। सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता और मूलभूत सुविधाओं को लेकर चलाए जा रहे ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान के बीच हिंगोली जिले के संतुक पिंपरी गांव से महत्वपूर्ण कार्रवाई सामने आई है। यहां जिला परिषद स्कूल के प्रिंसिपल के खिलाफ शिकायतों और ग्रामीणों के विरोध के बाद निलंबन की कार्रवाई की गई है।

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने दावा किया कि ग्रामीणों द्वारा उठाई गई प्रमुख मांगों को प्रशासन ने स्वीकार कर लिया है। इसके तहत प्रिंसिपल के निलंबन के अलावा स्कूल में चार शिक्षक उपलब्ध कराने और बच्चों के लिए बेंच की व्यवस्था करने की बात सामने आई है।

हालांकि प्रिंसिपल के खिलाफ लगाए गए शराब के नशे में रहने संबंधी आरोप ग्रामीणों और अभियान से जुड़े लोगों के हैं। प्रशासनिक जांच के विस्तृत निष्कर्ष सामने आने के बाद ही इन आरोपों की पूरी स्थिति स्पष्ट होगी।

दो दिन पहले स्कूल पहुंचे थे अभिजीत दिपके

अभिजीत दिपके इन दिनों हिंगोली जिले के दौरे पर हैं। बताया गया कि दो दिन पहले वे संतुक पिंपरी गांव के जिला परिषद स्कूल पहुंचे थे और वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया था।

निरीक्षण के दौरान स्कूल में शिक्षकों की उपलब्धता और अन्य सुविधाओं को लेकर स्थानीय लोगों ने उनके सामने अपनी समस्याएं रखी थीं।

इसी दौरान स्कूल के प्रिंसिपल को लेकर भी गंभीर शिकायत सामने आई। दिपके ने आरोप लगाया था कि प्रिंसिपल शराब के नशे में रहते हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारी को निलंबित करने की मांग उठाई थी।

इसके बाद मामला स्थानीय स्तर पर चर्चा में आया और ग्रामीण भी स्कूल की व्यवस्थाओं में सुधार की मांग को लेकर सक्रिय हुए।

बेहतर स्कूल व्यवस्था की मांग पर अनशन पर बैठे ग्रामीण

स्कूल की स्थिति में सुधार की मांग को लेकर संतुक पिंपरी गांव के ग्रामीणों ने विरोध का रास्ता अपनाया। बेहतर शैक्षणिक व्यवस्था और पर्याप्त शिक्षकों की मांग को लेकर ग्रामीण अनशन पर बैठ गए।

अभिजीत दिपके मंगलवार को दोबारा गांव पहुंचे और प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों से मुलाकात की।

दिपके के मुताबिक प्रशासन ने ग्रामीणों की प्रमुख मांगों पर कार्रवाई का भरोसा दिया और प्रिंसिपल को निलंबित करने की कार्रवाई की गई।

चार नए शिक्षक मिलने का दावा

प्रिंसिपल के खिलाफ कार्रवाई के साथ ही स्कूल में शिक्षकों की कमी दूर करने की दिशा में भी कदम उठाए जाने की बात कही गई है।

अभिजीत दिपके ने बताया कि प्रशासन ने स्कूल में तत्काल चार शिक्षक उपलब्ध कराने पर सहमति जताई है।

ग्रामीण क्षेत्रों के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की पर्याप्त संख्या बच्चों की नियमित पढ़ाई के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है। शिक्षक कम होने पर एक ही शिक्षक को कई कक्षाओं या विषयों की जिम्मेदारी संभालनी पड़ सकती है, जिससे शैक्षणिक व्यवस्था प्रभावित होती है।

चार शिक्षकों की उपलब्धता से संतुक पिंपरी के स्कूल में कक्षाओं के संचालन को बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

विद्यार्थियों के लिए स्कूल पहुंचीं बेंच

ग्रामीणों द्वारा उठाई गई मांगों में स्कूल के बुनियादी संसाधनों का मुद्दा भी शामिल था। दिपके के अनुसार विद्यार्थियों के लिए बेंच की व्यवस्था भी कर दी गई है।

स्कूलों में केवल शिक्षकों की संख्या ही नहीं, बल्कि बैठने की पर्याप्त व्यवस्था, पेयजल, शौचालय, सुरक्षित भवन और अन्य आधारभूत सुविधाएं भी विद्यार्थियों के लिए आवश्यक होती हैं।

‘स्कूल ठीक करो’ अभियान के तहत इसी तरह की मूलभूत सुविधाओं पर ध्यान आकर्षित करने का प्रयास किया जा रहा है।

देश के अलग-अलग हिस्सों में स्कूलों को लेकर अभियान

अभिजीत दिपके का कहना है कि सरकारी स्कूलों की स्थिति बेहतर बनाने के उद्देश्य से अलग-अलग राज्यों में युवाओं द्वारा अभियान चलाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य सरकारी स्कूलों की जमीनी स्थिति को सामने लाना और जहां कमियां हैं, वहां सुधार की मांग उठाना है।

दिपके ने सरकार पर स्कूलों की वास्तविक स्थिति छिपाने का आरोप भी लगाया। उनका कहना है कि समस्याओं को छिपाने के बजाय उन्हें स्वीकार कर उनका समाधान किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि स्कूलों की स्थिति में सुधार होने तक उनका अभियान जारी रहेगा।

बंगाल में अभियान से जुड़े युवक पर हमले का भी मामला

‘स्कूल ठीक करो’ अभियान के बीच पश्चिम बंगाल में इससे जुड़े बताए जा रहे एक युवक के साथ कथित मारपीट का मामला भी सामने आया है।

अभिजीत दिपके के मुताबिक अब्दुल नाम का युवक उनके साथ जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन में शामिल रहा था। ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान शुरू होने के बाद वह पश्चिम बंगाल में स्कूलों की स्थिति और सुविधाओं की जानकारी जुटा रहा था।

दिपके ने आरोप लगाया कि इसी दौरान कुछ लोगों ने अब्दुल के साथ मारपीट की। उन्होंने यह भी दावा किया कि जब अब्दुल के पिता बीच-बचाव करने आए तो उनके साथ भी मारपीट हुई और बाद में उनकी मौत हो गई।

हालांकि इस पूरे मामले पर पश्चिम बंगाल पुलिस ने अलग तथ्य सामने रखे हैं।

बंगाल पुलिस ने क्या कहा?

पश्चिम बंगाल पुलिस के अनुसार 13 अगस्त की रात इंडास क्षेत्र में शेख अब्दुल हफीज उर्फ रिक के घर पर कुछ लोगों द्वारा कथित हमला किए जाने की घटना सामने आई थी।

पुलिस के मुताबिक यह घटनाक्रम उसी दिन सुबह रिक के करीसुंडा पश्चिमपाड़ा प्राइमरी स्कूल जाने और वहां स्कूल की सुविधाओं को लेकर पूछताछ करने के बाद हुआ बताया जा रहा है।

पुलिस का कहना है कि घटना में रिक के पिता शेख मोहम्मद मफीक को चोट लगी थी और उन्हें एक टांका लगाया गया था।

इसके बाद 15 अगस्त की सुबह स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर उन्हें बर्धमान मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया।

मौत को हमले से जोड़ने के दावे को पुलिस ने बताया गलत

पश्चिम बंगाल पुलिस ने दावा किया कि अस्पताल में जांच के दौरान मफीक के शरीर पर ऐसी कोई जानलेवा चोट नहीं पाई गई थी, जिससे उनकी मृत्यु होने की स्थिति बने।

पुलिस के अनुसार उन्हें ब्लड प्रेशर में भारी उतार-चढ़ाव के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था और उसी रात उनकी मौत हो गई।

इसके बाद सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर उनकी मौत को कथित हमले से जोड़ते हुए दावे सामने आए। पुलिस ने इन दावों को गलत बताया है।

इस मामले में मौत के कारण और हमले के बीच संबंध को लेकर पुलिस का पक्ष और अभियान से जुड़े लोगों का दावा अलग-अलग है। जांच के बाद सामने आने वाले आधिकारिक तथ्यों से स्थिति अधिक स्पष्ट होगी।

बंगाल मामले में आठ आरोपी गिरफ्तार

बांकुड़ा पुलिस ने दर्ज एफआईआर के आधार पर मामले की जांच शुरू की है। पुलिस के अनुसार अब तक आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

इनमें शुरुआती एफआईआर में नामजद तीन लोगों के अलावा जांच के दौरान सामने आए पांच अन्य आरोपी शामिल बताए गए हैं।

गिरफ्तार आरोपियों को आठ दिन की पुलिस हिरासत में भेजे जाने की जानकारी है। वहीं दो अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।

पुलिस ने सुरक्षा को देखते हुए रिक के घर के आसपास पुलिसकर्मियों की तैनाती भी की है।

‘सभी स्कूल ठीक होने तक जारी रहेगा अभियान’

अभिजीत दिपके ने कहा कि सरकारी स्कूलों की व्यवस्थाओं में सुधार की मांग को लेकर उनका अभियान आगे भी जारी रहेगा।

उनका कहना है कि स्कूलों में पर्याप्त शिक्षक, विद्यार्थियों के बैठने की व्यवस्था और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध होना आवश्यक है। इन सुविधाओं की कमी का सीधा असर बच्चों की शिक्षा पर पड़ता है।

हिंगोली के संतुक पिंपरी गांव में ग्रामीणों के आंदोलन के बाद सामने आई कार्रवाई को अभियान से जुड़े लोग अपनी मांगों की सफलता के रूप में देख रहे हैं।

 

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