मनावर शासकीय महाविद्यालय में 50 साल बाद भी खेल मैदान का इंतजार
परिसर तो विशाल, लेकिन विद्यार्थियों के लिए खेल मैदान नहीं; पहाड़ी काटकर मैदान बनाने की उठी मांग
Manawar । धार जिले के सबसे बड़े परिसर वाले महाविद्यालयों में शामिल शासकीय महाविद्यालय मनावर में विद्यार्थियों के लिए खेल मैदान का अभाव लंबे समय से बना हुआ है। महाविद्यालय की स्थापना के बाद करीब पांच दशक बीत जाने के बावजूद खेल गतिविधियों के लिए पर्याप्त मैदान उपलब्ध नहीं हो सका है। विद्यार्थियों और नगरवासियों का कहना है कि कॉलेज में शैक्षणिक गतिविधियों के लिए भवन और अन्य सुविधाएं विकसित हुईं, लेकिन खेल गतिविधियों के लिए जरूरी मैदान की समस्या आज भी जस की तस बनी हुई है।
पांच दशक से मैदान का इंतजार
महाविद्यालय में खेल मैदान की मांग कोई नई नहीं है। बताया जाता है कि करीब 50 वर्षों से कॉलेज के विद्यार्थी और खेल प्रेमी मैदान की आवश्यकता महसूस करते आ रहे हैं। शुरुआती दौर में कॉलेज परिसर में एक छोटा मैदान उपलब्ध था, जहां विद्यार्थी सीमित स्तर पर खेल गतिविधियां कर लेते थे।
समय के साथ महाविद्यालय भवन के विस्तार और निर्माण कार्यों के चलते वह छोटा मैदान भी समाप्त हो गया। अब विद्यार्थियों के पास नियमित खेल अभ्यास और प्रतियोगिताओं की तैयारी के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध नहीं है।
भवन विकसित हुआ, खेल सुविधाएं पीछे छूटीं
महाविद्यालय में शैक्षणिक गतिविधियों के लिए भवन का विकास हुआ है, लेकिन खेल गतिविधियों के लिए आवश्यक आधारभूत सुविधा का अभाव बना हुआ है। विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में शिक्षा के साथ खेलों की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
खेल मैदान नहीं होने के कारण कॉलेज के विद्यार्थियों को अभ्यास और खेल गतिविधियों के लिए अन्य स्थानों पर निर्भर रहना पड़ता है। इससे नियमित प्रशिक्षण और कॉलेज स्तर पर खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन में भी परेशानी होती है।
युवाओं को नहीं मिल पा रहा खेल प्रशिक्षण का अवसर
मनावर क्षेत्र में बड़ी संख्या में युवा विभिन्न खेलों में रुचि रखते हैं। स्थानीय स्तर पर प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की मौजूदगी के बावजूद उन्हें नियमित अभ्यास के लिए उपयुक्त मैदान नहीं मिल पाना चिंता का विषय है।
महाविद्यालय में यदि खेल मैदान उपलब्ध हो तो विद्यार्थियों को क्रिकेट, फुटबॉल, वॉलीबॉल, कबड्डी, एथलेटिक्स सहित अन्य खेलों के अभ्यास का अवसर मिल सकता है। इससे युवाओं की खेल प्रतिभा को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।

कॉलेज की पहाड़ी को समतल कर मैदान बनाने की मांग
खेल मैदान की समस्या के समाधान के लिए स्थानीय नागरिकों और विद्यार्थियों की ओर से कॉलेज परिसर में मौजूद पहाड़ी क्षेत्र को विकसित कर खेल मैदान बनाने की मांग की जा रही है।
लोगों का कहना है कि यदि तकनीकी और प्रशासनिक दृष्टि से संभव हो तो पहाड़ी क्षेत्र को समतल कर वहां आधुनिक खेल परिसर विकसित किया जा सकता है। इससे कॉलेज के विद्यार्थियों के साथ-साथ मनावर नगर के युवाओं को भी लाभ मिल सकता है।
सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए भी उपयोगी होगा परिसर
प्रस्तावित खेल मैदान केवल खेल गतिविधियों तक सीमित नहीं रहेगा। पर्याप्त खुला परिसर उपलब्ध होने पर महाविद्यालय में सांस्कृतिक कार्यक्रम, वार्षिक उत्सव, युवा गतिविधियां, सामाजिक आयोजन और अन्य कार्यक्रम भी आसानी से आयोजित किए जा सकेंगे।
वर्तमान में बड़े आयोजनों के लिए उपयुक्त खुले स्थान की आवश्यकता महसूस होती है। ऐसे में कॉलेज परिसर में विकसित किया गया मैदान विद्यार्थियों और नगर के लिए बहुउपयोगी साबित हो सकता है।
जिम्मेदारों से जल्द पहल की उम्मीद
स्थानीय लोगों का कहना है कि महाविद्यालय में खेल मैदान की समस्या को लेकर लंबे समय से मांग उठती रही है, लेकिन अभी तक स्थायी समाधान नहीं हुआ है। लोगों ने संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से इस विषय को गंभीरता से लेने की अपील की है।
उनका कहना है कि विद्यार्थियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए खेल सुविधाओं का विकास शिक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा होना चाहिए। इसके लिए कॉलेज प्रशासन, जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को मिलकर पहल करनी चाहिए।

खेल प्रतिभाओं को मिलेगा बेहतर मंच
मनावर क्षेत्र में खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए एक व्यवस्थित मैदान महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। यदि महाविद्यालय परिसर में मैदान तैयार होता है तो विद्यार्थियों को नियमित अभ्यास का स्थान मिलेगा और वे विभिन्न प्रतियोगिताओं के लिए बेहतर तैयारी कर सकेंगे।
इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर खेल प्रशिक्षकों के माध्यम से प्रशिक्षण शिविर आयोजित करने की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। इससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के युवाओं को खेलों में आगे बढ़ने का अवसर मिल सकता है।
50 साल बाद भी सवाल बरकरार
महाविद्यालय की स्थापना के करीब पांच दशक बाद भी खेल मैदान की समस्या का समाधान नहीं होना क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण सवाल है। विद्यार्थियों और नागरिकों का कहना है कि शिक्षा के साथ खेलों को भी समान महत्व दिया जाना चाहिए।
आज जब युवा खेलों के माध्यम से शिक्षा, रोजगार और राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं, ऐसे समय में महाविद्यालय में मैदान का अभाव विद्यार्थियों के लिए बड़ी कमी माना जा रहा है।
नगरवासियों की मांग, अब हो ठोस निर्णय
मनावर के नागरिकों की मांग है कि महाविद्यालय परिसर की उपलब्ध भूमि का सर्वे कर खेल मैदान के लिए उपयुक्त स्थान चिन्हित किया जाए। यदि पहाड़ी क्षेत्र को विकसित करना व्यवहारिक और सुरक्षित हो तो उसे समतल कर मैदान निर्माण की दिशा में कार्य शुरू किया जाए।
लोगों का मानना है कि इस पहल से महाविद्यालय के विद्यार्थियों के साथ पूरे मनावर क्षेत्र को लाभ मिलेगा। खेल, सांस्कृतिक और युवा गतिविधियों के लिए एक बड़ा परिसर तैयार होने से नगर के विकास को भी नई दिशा मिल सकती है।
अब देखना यह होगा कि करीब 50 वर्षों से चली आ रही खेल मैदान की मांग पर जिम्मेदार कब ठोस कदम उठाते हैं और मनावर महाविद्यालय के विद्यार्थियों को खेल गतिविधियों के लिए स्थायी मैदान कब उपलब्ध होता है।
