श्रावण मास में राधे भैया ने निकाली भव्य कावड़ यात्रा, हजारों श्रद्धालु हुए शामिल
संवाददाता : कौशिक पण्डित
मनावर। श्रावण मास के तीसरे सोमवार को धार-महू लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी रहे राधेश्याम मुवेल (राधे भैया) के नेतृत्व में मां नर्मदा के पवित्र तट सेमल्दा से मनावर तक भव्य कावड़ यात्रा निकाली गई। यात्रा में हजारों की संख्या में महिला, पुरुष और बच्चों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। नर्मदा जल लेकर निकले कावड़ियों के जयघोष से सेमल्दा से मनावर तक पूरा मार्ग शिवमय नजर आया।
कावड़ यात्रा का उद्देश्य श्रावण मास में मां नर्मदा के पवित्र जल से भगवान शिव का जलाभिषेक करना रहा। श्रद्धालु सुबह से ही सेमल्दा स्थित नर्मदा तट पर एकत्रित होने लगे थे। यहां से नर्मदा जल कावड़ में लेकर श्रद्धालु पैदल मनावर के लिए रवाना हुए। जैसे-जैसे यात्रा आगे बढ़ी, इसमें शामिल होने वाले श्रद्धालुओं की संख्या भी बढ़ती गई।
कावड़ियों के कदम भगवान भोलेनाथ की भक्ति में आगे बढ़ते रहे और पूरे रास्ते ‘हर-हर महादेव’, ‘बोल बम’ तथा ‘जय नर्मदा मैया’ के जयकारे गूंजते रहे। महिलाओं, युवाओं, बुजुर्गों और बच्चों ने भी धार्मिक उत्साह के साथ यात्रा में भाग लिया। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं में गजब का उत्साह और आस्था दिखाई दी।
बंकनाथ अटल दरबार महादेव मंदिर में किया जलाभिषेक
कावड़ यात्रा सेमल्दा से मनावर पहुंचने के बाद प्राचीन बंकनाथ अटल दरबार महादेव मंदिर पहुंची। यहां राधेश्याम मुवेल सहित कावड़ियों ने मां नर्मदा से लाए गए पवित्र जल से भगवान शिव का जलाभिषेक किया। विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि, खुशहाली और अच्छी वर्षा की कामना की गई।
श्रावण मास के तीसरे सोमवार को भगवान शिव के जलाभिषेक के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने से मंदिर परिसर में भी भक्तिमय वातावरण बना रहा। श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ के दर्शन किए और पूजा-अर्चना कर परिवार एवं क्षेत्र की खुशहाली की प्रार्थना की।
मिर्ची मंडी में कावड़ियों के लिए स्वल्पाहार की व्यवस्था
सेमल्दा-मनावर मार्ग पर स्थित मिर्ची मंडी प्रांगण में जिला पंचायत धार की जैव विविधता समिति के सभापति एवं जिला पंचायत सदस्य गणेश जर्मन की ओर से कावड़ यात्रियों के लिए स्वल्पाहार की व्यवस्था की गई।
लंबी दूरी तक पैदल यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं के लिए साबूदाना खिचड़ी सहित स्वल्पाहार उपलब्ध कराया गया। गणेश जर्मन और उनकी धर्मपत्नी श्रीमती मीना जर्मन ने स्वयं कावड़ियों की सेवा की और उन्हें स्वल्पाहार करवाया।
बताया गया कि गणेश जर्मन द्वारा श्रावण मास के प्रत्येक सोमवार को सेमल्दा रोड से गुजरने वाले कावड़ यात्रियों के लिए स्वल्पाहार की व्यवस्था की जाती है। यह सेवा धार्मिक आस्था के साथ-साथ समाजसेवा और श्रद्धालुओं के प्रति सहयोग की भावना को भी दर्शाती है।
कावड़ियों ने स्वल्पाहार ग्रहण करने के बाद यात्रा को आगे बढ़ाया। सेवा व्यवस्था के लिए श्रद्धालुओं ने आयोजकों का आभार व्यक्त किया। इस दौरान सेवा कार्य में सहयोग करने वाले लोगों में भी विशेष उत्साह देखने को मिला।
कांग्रेस नेताओं ने भी की सहभागिता
राधे भैया की कावड़ यात्रा में कांग्रेस के कई पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं कार्यकर्ता भी शामिल हुए। यात्रा में जिला कांग्रेस अध्यक्ष स्वतंत्र जोशी, सतपाल बरनाला, जर्मन पंजाबी, दिनेश राठौर, महिला कांग्रेस अध्यक्ष उमरबन श्रीमती सुमन पटेल, पत्रकार कलीम खान, कांग्रेस सेवादल के जिला उपाध्यक्ष कौशिक पण्डित और योगेश जख्मी सहित अनेक कांग्रेस नेता एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
सभी ने कावड़ियों के साथ पैदल यात्रा करते हुए भगवान शिव के जयकारे लगाए। बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी के चलते यात्रा ने धार्मिक आयोजन के साथ सामाजिक सहभागिता का भी स्वरूप लिया।
नर्मदा और शिवभक्ति से सराबोर रहा मार्ग
सेमल्दा से मनावर तक कावड़ यात्रा के दौरान पूरा मार्ग मां नर्मदा और भगवान शिव की भक्ति से सराबोर नजर आया। कावड़िए अपने कंधों पर कावड़ रखकर नर्मदा जल लेकर आगे बढ़ते रहे। रास्ते में श्रद्धालुओं ने कावड़ यात्रियों का स्वागत और सहयोग भी किया।
श्रावण मास में कावड़ यात्रा का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। श्रद्धालु पवित्र नदियों से जल लेकर भगवान शिव को अर्पित करते हैं। इसी धार्मिक परंपरा के तहत राधेश्याम मुवेल द्वारा निकाली गई कावड़ यात्रा में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लेकर अपनी आस्था प्रकट की।
यात्रा में महिलाओं और बच्चों की भी उल्लेखनीय भागीदारी रही। युवाओं ने पूरे उत्साह के साथ कावड़ यात्रा में हिस्सा लिया। जगह-जगह भगवान शिव के जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा।
सेवा और आस्था का मिला संगम
इस कावड़ यात्रा में धार्मिक आस्था के साथ सेवा भावना भी दिखाई दी। मार्ग में कावड़ियों के लिए स्वल्पाहार की व्यवस्था की गई, जिससे यात्रियों को राहत मिली। गणेश जर्मन एवं श्रीमती मीना जर्मन द्वारा की गई सेवा को श्रद्धालुओं ने सराहा।
आयोजन से जुड़े लोगों का कहना रहा कि श्रावण मास में भगवान शिव की आराधना के साथ श्रद्धालुओं की सेवा करना भी पुण्य का कार्य है। कावड़ यात्रा जैसे धार्मिक आयोजनों से समाज में आपसी सहयोग, भाईचारे और सेवा की भावना मजबूत होती है।
कावड़ यात्रा के दौरान अनुशासन एवं धार्मिक मर्यादा का भी ध्यान रखा गया। श्रद्धालु समूहों में आगे बढ़ते रहे और पूरे रास्ते भक्ति गीतों एवं भगवान शिव के जयकारों से वातावरण को भक्तिमय बनाए रखा।
हजारों श्रद्धालुओं की सहभागिता ने बनाया आयोजन खास
राधे भैया की कावड़ यात्रा में हजारों श्रद्धालुओं की सहभागिता ने आयोजन को भव्य बना दिया। सेमल्दा से मनावर तक बड़ी संख्या में श्रद्धालु नर्मदा जल लेकर पहुंचे और भगवान बंकनाथ महादेव का जलाभिषेक किया।
श्रद्धालुओं ने भगवान शिव से क्षेत्र में सुख-शांति, समृद्धि और अच्छी वर्षा की कामना की। कावड़ यात्रा के समापन के बाद भी मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही और लोगों ने भगवान महादेव के दर्शन कर पूजा-अर्चना की।
इस अवसर पर श्रद्धालुओं के चेहरों पर भक्ति और उत्साह साफ दिखाई दिया। ‘हर-हर महादेव’ और ‘बोल बम’ के जयघोष से मनावर का वातावरण लंबे समय तक शिवमय बना रहा।
सेमल्दा से मनावर तक आयोजित इस भव्य कावड़ यात्रा ने श्रावण मास की धार्मिक आस्था, मां नर्मदा के प्रति श्रद्धा और भगवान शिव की भक्ति का सुंदर संगम प्रस्तुत किया। हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी और सेवा कार्यों ने आयोजन को विशेष बना दिया।
