MP Cabinet Decisions: 47,990 करोड़ रुपये के प्रस्तावों को मंजूरी, भोपाल बनेगा मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र; भोपाल-विदिशा मार्ग होगा फोरलेन
भोपाल। MP सरकार ने प्रदेश के विकास को गति देने के लिए मंगलवार को हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसलों को मंजूरी दी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में हुई बैठक में कुल 47,990 करोड़ रुपये के विभिन्न प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई। इन फैसलों में सड़क और परिवहन अधोसंरचना, स्वास्थ्य, कृषि, वन प्रबंधन, महिला सशक्तीकरण और अन्य क्षेत्रों से जुड़े प्रस्ताव शामिल हैं।
कैबिनेट के प्रमुख फैसलों में भोपाल-विदिशा मार्ग को टू-लेन से फोरलेन करना शामिल है। सरकार ने इस परियोजना के लिए 1,757.57 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। सरकार का मानना है कि इस मार्ग के उन्नयन से भोपाल को मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र के रूप में विकसित करने में मदद मिलेगी। साथ ही औद्योगिक निवेश बढ़ने और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी मजबूत होने की उम्मीद है।
भोपाल-विदिशा मार्ग होगा फोरलेन
भोपाल और विदिशा के बीच वर्तमान सड़क मार्ग को फोरलेन में विकसित करने की योजना को कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है। यह मार्ग कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों और पर्यटन स्थलों को जोड़ता है। सांची स्तूप और कर्क रेखा जैसे प्रमुख स्थलों तक पहुंच के लिए भी यह मार्ग महत्वपूर्ण माना जाता है।
सरकार के अनुसार, सड़क के चौड़ीकरण और निर्माण से यातायात व्यवस्था बेहतर होगी। इससे भोपाल और आसपास के क्षेत्रों में औद्योगिक तथा व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की संभावना है। बेहतर सड़क कनेक्टिविटी से माल परिवहन और यात्रियों की आवाजाही भी आसान होगी।
भोपाल बाइपास पर टोल वसूली 2031 तक
कैबिनेट ने भोपाल बाइपास को भविष्य में छह-लेन करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण फैसला लिया है। इसके तहत बाइपास पर टोल टैक्स शुल्क संग्रहण की अनुमति को 2031 तक बढ़ाने की मंजूरी दी गई है।
सरकार की योजना भोपाल में बढ़ते यातायात दबाव को कम करने और शहर के बाहरी हिस्सों में बेहतर परिवहन नेटवर्क विकसित करने की है। बाइपास के विस्तार से शहर में आने-जाने वाले वाहनों को वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध हो सकेंगे।
इछावर में सोयाबीन रिसर्च इंस्टीट्यूट के लिए जमीन
कैबिनेट ने सीहोर जिले की इछावर तहसील के गांव भाउखेड़ी में नेशनल सोयाबीन रिसर्च इंस्टीट्यूट की स्थापना के लिए 20 हेक्टेयर जमीन निशुल्क स्थायी पट्टे पर देने का फैसला किया है।
सोयाबीन मध्य प्रदेश की प्रमुख कृषि फसलों में शामिल है। ऐसे में रिसर्च इंस्टीट्यूट की स्थापना से फसल की नई किस्मों, उत्पादन तकनीक और किसानों से जुड़े अनुसंधान को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इससे प्रदेश के सोयाबीन उत्पादक किसानों को भविष्य में लाभ मिल सकता है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में हजारों करोड़ रुपये की मंजूरी
कैबिनेट के फैसलों में स्वास्थ्य क्षेत्र को भी बड़ी राशि मिली है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के लिए 28,083.47 करोड़ रुपये और आयुष्मान भारत योजना के लिए 12,123 करोड़ 81 लाख रुपये की राशि शामिल है।
सरकार का लक्ष्य स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना, चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार करना और जरूरतमंद लोगों तक स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। इन योजनाओं के माध्यम से प्रदेश में स्वास्थ्य ढांचे को और बेहतर बनाने पर जोर दिया जाएगा।
संयुक्त वन प्रबंधन समितियों के लिए 918 करोड़
वन विभाग के अंतर्गत संयुक्त वन प्रबंधन समितियों को लाभांश देने वाली योजना को वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने के लिए 918 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है।
इस योजना का उद्देश्य जंगलों के संरक्षण और संवर्धन में स्थानीय लोगों की भागीदारी बढ़ाना है। सरकार के अनुसार अब वन संरक्षण से जुड़े श्रमिकों के साथ-साथ स्थानीय रहवासियों को भी लाभांश का हिस्सा मिलेगा। इससे वन संरक्षण के साथ ग्रामीण समुदायों की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने की उम्मीद है।
रानी दुर्गावती और रानी अवंती बाई पुरस्कार की राशि बढ़ी
महिला सशक्तीकरण से जुड़े फैसले के तहत राज्य स्तरीय रानी दुर्गावती पुरस्कार की राशि बढ़ाकर दो लाख रुपये कर दी गई है। वहीं, वर्ष 2006 से दिए जा रहे रानी अवंती बाई राज्य स्तरीय वीरता पुरस्कार की राशि भी एक लाख से बढ़ाकर दो लाख रुपये करने को मंजूरी दी गई है।
महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से वर्तमान में छह पुरस्कार प्रदान किए जाते हैं। सरकार का कहना है कि पुरस्कार राशि बढ़ाने से समाज सेवा और वीरता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली महिलाओं को प्रोत्साहन मिलेगा।
देवास पटाखा फैक्ट्री हादसे की जांच अवधि बढ़ी
कैबिनेट ने देवास जिले के टोंकखुर्द क्षेत्र के टोकंकला में 14 मई 2026 को हुई पटाखा फैक्ट्री अग्नि दुर्घटना की न्यायिक जांच से संबंधित प्रस्ताव को भी मंजूरी दी। सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति सुभाष काकड़े की अध्यक्षता में गठित एकल सदस्यीय न्यायिक जांच आयोग के कार्यकाल में तीन महीने की वृद्धि की गई है। आयोग का कार्यकाल अब 14 अगस्त 2026 तक बढ़ाया गया है।
कृषि विश्वविद्यालय को 795 करोड़ रुपये
कैबिनेट ने जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय, जबलपुर के आगामी पांच वर्षों के संचालन के लिए 795 करोड़ 59 लाख रुपये की मंजूरी दी है। इस राशि से विश्वविद्यालय की शैक्षणिक और प्रशासनिक गतिविधियों को संचालित करने तथा कृषि शिक्षा और अनुसंधान को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।
इसके अलावा खनिज साधन विभाग की परिसंपत्तियों के वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरंतर संचालन के लिए 2.50 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। विभाग के अंतर्गत प्रदेश में कुल 54 खनिज भवन हैं।
कुल मिलाकर, मध्य प्रदेश कैबिनेट के फैसलों में सड़क, स्वास्थ्य, कृषि, वन, महिला सशक्तीकरण और प्रशासनिक ढांचे पर विशेष जोर दिया गया है। भोपाल-विदिशा फोरलेन परियोजना और भोपाल बाइपास विस्तार को राजधानी के भविष्य के शहरी विकास से जोड़कर देखा जा रहा है, जबकि स्वास्थ्य और कृषि क्षेत्र के बड़े प्रावधानों से प्रदेश में आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में सरकार के प्रयासों को गति मिलने की उम्मीद है।
