इंटरनेशनल डायमंड डे के संस्थापक हार्दिक हुंडिया ने कहा कि एक दिन पूरा विश्व इंटरनेशनल डायमंड डे मनाएगा। लैब ग्रोन डायमंड से हर बजट में हीरा पहनना संभव होगा।
इंटरनेशनल डायमंड डे: हार्दिक हुंडिया का बड़ा ऐलान, हीरा होगा सभी के लिए
मुंबई। इंटरनेशनल डायमंड डे के संस्थापक हार्दिक हुंडिया ने 12 अगस्त को मुंबई में घोषणा करते हुए कहा कि वह दिन दूर नहीं जब पूरा विश्व इंटरनेशनल डायमंड डे मनाएगा। उन्होंने कहा कि हीरा अब केवल खास लोगों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि बदलते दौर में हर व्यक्ति अपने बजट के अनुसार डायमंड ज्वेलरी पहन सकेगा।
भारत के रत्नकलाकारों की दुनिया में पहचान
हार्दिक हुंडिया ने कहा कि विश्व में भारत आज हीरा उत्पादन के क्षेत्र में प्रथम स्थान पर है। दुनिया के बड़े-बड़े उद्योगपति, राजा-महाराजा, देश के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति यदि रियल डायमंड की ज्वेलरी पहनते हैं तो यह संभव है कि उसमें लगा हुआ हीरा भारत के किसी रत्नकलाकार ने तैयार किया हो।उन्होंने कहा कि भारत का डायमंड उद्योग दुनिया में अपनी अलग पहचान रखता है और भारतीय कारीगरों की मेहनत तथा हुनर इसकी बड़ी ताकत है।
“हीरा है सभी के लिए” — हार्दिक हुंडिया
हार्दिक हुंडिया ने कहा कि पहले हर व्यक्ति हीरा नहीं पहन सकता था। आमतौर पर लोगों के बीच यह बात कही जाती थी कि “हीरा है सदा के लिए”, लेकिन अब इसकी व्याख्या बदल रही है।
उनका नया संदेश है—“हीरा है सभी के लिए।”उनके अनुसार, बदलते समय के साथ डायमंड ज्वेलरी की पहुंच भी बढ़ रही है और अब सामान्य बजट वाले लोग भी डायमंड ज्वेलरी पहनने की इच्छा पूरी कर सकते हैं।
लैब ग्रोन डायमंड का बढ़ता चलन
भारत में अब लैब ग्रोन डायमंड का चलन तेजी से बढ़ रहा है। हार्दिक हुंडिया के मुताबिक लैब ग्रोन डायमंड देखने में रियल डायमंड जैसा दिखाई देता है और इसकी कीमत रियल डायमंड की तुलना में काफी कम होती है।उन्होंने कहा कि इसकी कीमत कई मामलों में रियल डायमंड के मुकाबले लगभग 15 से 20 प्रतिशत तक हो सकती है। ऐसे में कम बजट में डायमंड ज्वेलरी पहनने की चाह रखने वाले लोगों के लिए यह एक विकल्प बन रहा है।
12 अगस्त को “कोहिनूर ऑफ इंडिया” सम्मान
इंटरनेशनल डायमंड डे मैगज़ीन द्वारा 12 लोगों को “कोहिनूर ऑफ इंडिया” सम्मान से सम्मानित किए जाने का उल्लेख भी हार्दिक हुंडिया ने किया। उन्होंने कहा कि देश और विदेश में भारत का नाम रोशन करने वाले विभिन्न क्षेत्रों के लोगों को सम्मानित करने का अवसर मिला।
उन्होंने जिन प्रमुख महानुभावों का उल्लेख किया, उनमें हीरा बाजार के “मैन ऑफ द मिलेनियम” डायमंड किंग भरत शाह, रोज़ी ब्लू वाले अरुण मेहता, गोल्ड किंग पृथ्वीराज कोठारी, पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम के भतीजे एपीजे सलीम, सू श्री लता मंगेशकर, फिल्म निर्माता और बिल्डर आनंद पंडित, लोकमत ग्रुप के चेयरमैन विजय दर्डा, वरिष्ठ धाराशास्त्री अश्विन आंकड, शिरिल श्रॉफ, विष्णु जैन, उज्ज्वल निकम, आसिफ कुरेसी, रिजवान मर्चेंट, दुबई से विजय भाई शाह, आशित भाई मेहता, ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ के निर्माता आशित मोदी, कवि एवं कलाकार शैलेश लोढ़ा, विश्व हिंदू परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष और हीरा बाजार के भीष्म पितामह आनंद शंकर जी पंड्या तथा समीर वानखेड़े जैसे कई महानुभाव शामिल हैं।
भारत सरकार भी दे रही है लैब ग्रोन डायमंड को बढ़ावा
हार्दिक हुंडिया ने बताया कि भारत सरकार भी लैब ग्रोन डायमंड को बढ़ावा दे रही है, जो देश के हीरा उद्योग के लिए अच्छी बात है। उनका मानना है कि तकनीक और बदलते बाजार के साथ डायमंड इंडस्ट्री में नए अवसर पैदा हो रहे हैं।इस विषय पर भारत सरकार के आधिकारिक वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की जानकारी भी देखी जा सकती है।
एक दिन पूरा विश्व मनाएगा इंटरनेशनल डायमंड डे
हार्दिक हुंडिया ने विश्वास जताया कि आने वाले समय में इंटरनेशनल डायमंड डे केवल भारत तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरी दुनिया में इसे मनाया जाएगा।उन्होंने कहा कि आने वाले समय में डायमंड प्रेमी अपने-अपने बजट के अनुसार हीरा पहन सकेंगे और हीरे की ज्वेलरी आम लोगों तक भी पहुंच सकेगी।
हार्दिक हुंडिया का संदेश साफ है—“हीरा है सभी के लिए।”
रिपोर्टर: दैनिक स्वराज वाणी
स्थान: मुंबई
