भाण्डवपुर महातीर्थ में श्री राजेन्द्रसूरीश्वरजी म.सा. की 200वीं जन्म तिथि और श्री तप मंदिर प्रतिष्ठा को लेकर पंचाह्निका महोत्सव होगा। 24 सितंबर को जाजम प्रसंग आयोजित होगा।
भाण्डवपुर महातीर्थ में भव्य महामहोत्सव, 200वीं जन्म तिथि पर गूंजेगी भक्ति
भाण्डवपुर। ब्रजेश बोहरा।
अति प्राचीन एवं ऐतिहासिक भाण्डवपुर महातीर्थ में आगामी समय में भक्ति, आस्था और आध्यात्मिकता का भव्य संगम देखने को मिलेगा। विश्वपूज्य दादा गुरुदेव श्री राजेन्द्रसूरीश्वरजी म.सा. की 200वीं जन्म तिथि तथा श्री तप मंदिर की प्रतिष्ठाञ्जनशलाका के निमित्त पंचाह्निका महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। महोत्सव की तैयारियों को लेकर भादवा सुदी तेरस, 24 सितंबर 2026, गुरुवार को प्रातः 9:30 बजे शुभ जाजम प्रसंग भाण्डवपुर महातीर्थ में आयोजित किया जाएगा।
इस धार्मिक आयोजन को लेकर समाजबंधुओं, श्रद्धालुओं और धर्मप्रेमियों में उत्साह का वातावरण है। जाजम प्रसंग के माध्यम से अधिकाधिक श्रद्धालुओं को महोत्सव से जोड़ने और आयोजन को भव्य एवं सफल बनाने के लिए भावभरा आमंत्रण दिया गया है।
भाण्डवपुर महातीर्थ में जाजम प्रसंग
महोत्सव की तैयारियों को लेकर आयोजित होने वाला जाजम प्रसंग धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 24 सितंबर 2026 को सुबह 9:30 बजे भाण्डवपुर महातीर्थ में समाजबंधुओं एवं श्रद्धालुओं की उपस्थिति में आयोजन से जुड़ी तैयारियों और सहभागिता को लेकर चर्चा होगी।आयोजकों की ओर से श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे जाजम प्रसंग में अधिकाधिक संख्या में उपस्थित होकर आगामी पंचाह्निका महोत्सव को सफल बनाने में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें।
भाण्डवपुर तीर्थ की धार्मिक एवं ऐतिहासिक पहचान से जुड़ी जानकारी के लिए उपलब्ध जैन तीर्थ संदर्भ सामग्री भी देखी जा सकती है।
श्री राजेन्द्रसूरीश्वरजी की 200वीं जन्म तिथि
आगामी 15 जनवरी 2027, पौष सुदी गुरु सप्तमी को विश्वपूज्य दादा गुरुदेव श्री राजेन्द्रसूरीश्वरजी म.सा. की 200वीं जन्म तिथि के अवसर पर विशेष धार्मिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।इस अवसर को लेकर भाण्डवपुर महातीर्थ में पंचाह्निका महोत्सव का आयोजन प्रस्तावित है। आयोजन में बड़ी संख्या में समाजबंधुओं एवं श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है।महोत्सव का उद्देश्य धार्मिक आस्था के साथ-साथ समाज के लोगों को एकजुट करना और गुरुदेव की आध्यात्मिक परंपरा से श्रद्धालुओं को जोड़ना भी है।
संतों की दिव्यकृपा और आशीर्वाद
महोत्सव को लेकर युग प्रभावक पुण्यसम्राट श्रीमद् विजय जयन्तसेनसूरीश्वरजी म.सा. एवं कृपासिन्धु संयमवयः स्थविर योगिराज श्री शान्तिविजयजी म.सा. की दिव्यकृपा प्राप्त होगी।वर्तमान गच्छाधिपति श्रीमद् विजय नित्यसेनसूरीश्वरजी म.सा. का आशीर्वाद तथा भाण्डवपुर तीर्थोद्धारक मरुधरमणि पूज्य आचार्यदेव श्रीमद् विजय जयरत्नसूरीश्वरजी म.सा. की शुभ निश्रा भी महोत्सव को प्राप्त होगी।इससे आयोजन के प्रति श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा जा रहा है।
धार्मिक आयोजन में लाभार्थी बनने का अवसर
महोत्सव में सहभागी बनने के लिए विभिन्न लाभ निर्धारित किए गए हैं। श्रद्धालु अपनी श्रद्धा एवं सामर्थ्य के अनुसार निर्धारित लाभ लेकर इस धार्मिक आयोजन में सहभागी बन सकते हैं।
| लाभ | निर्धारित राशि |
|---|---|
| रत्न स्तंभ | ₹1,01,000 |
| स्वर्ण स्तंभ | ₹51,000 |
| रजत स्तंभ | ₹21,000 |
| शुभेच्छुक | ₹7,100 |
आयोजकों के अनुसार लाभार्थियों के नाम आमंत्रण पत्रिका में प्रकाशित किए जाएंगे। इससे श्रद्धालुओं को धार्मिक आयोजन से प्रत्यक्ष रूप से जुड़ने का अवसर मिलेगा।
श्रद्धालुओं से सहभागिता की अपील
आयोजक संस्था श्री महावीर जैन श्वेताम्बर पेढ़ी एवं श्री वर्धमान राजेन्द्र जैन भाग्योदय ट्रस्ट संघ, भाण्डवपुर तीर्थ की ओर से समस्त श्रद्धालुओं से जाजम प्रसंग में उपस्थित होने की अपील की गई है।संस्था की ओर से मीडिया प्रभारी ब्रजेश बोहरा ने समाजबंधुओं एवं धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं से अधिकाधिक संख्या में उपस्थित होकर आगामी पंचाह्निका महोत्सव को सफल बनाने में सहभागी बनने का आह्वान किया है।भाण्डवपुर महातीर्थ में होने वाला यह आयोजन धार्मिक आस्था, गुरु भक्ति और सामाजिक सहभागिता का महत्वपूर्ण अवसर बनने जा रहा है। 24 सितंबर को होने वाले जाजम प्रसंग से महोत्सव की तैयारियों को गति मिलेगी और श्रद्धालुओं को आयोजन से जुड़ने का अवसर प्राप्त होगा।
