चेताया था… फिर भी मौत के नाले में उतार दी ईको!
संवाददाता :मनोज कुमार पुष्पद
11 यात्रियों से भरी गाड़ी उफनते नाले में बही, एक की मौत, आठ लापता; दो को ग्रामीणों ने बचाया
Sarangpur /पड़ाना। सोमवार रात से हो रही मूसलाधार बारिश के बीच पड़ाना बायपास पुलिया के समीप एक दर्दनाक हादसा हो गया। उफनते नाले में पानी का तेज बहाव देखकर मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों और ग्रामीणों ने वाहन चालक को आगे जाने से रोकने की कोशिश की, लेकिन चालक द्वारा कथित तौर पर वाहन को पानी के बीच से निकालने का प्रयास किया गया। इसी दौरान 11 यात्रियों से भरी ईको वाहन तेज बहाव की चपेट में आकर नाले में बह गई।
हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। ग्रामीणों ने अपनी जान की परवाह किए बिना रस्सियों की मदद से बचाव अभियान शुरू किया और कुछ लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने में मदद की। देर रात तक नाले, झिरी और आसपास के जलभराव वाले क्षेत्रों में तलाश एवं बचाव अभियान जारी रहा।
पानी देखकर ग्रामीणों ने किया था मना
बताया गया कि पड़ाना बायपास पुलिया के पास नाले में पानी का बहाव लगातार बढ़ रहा था। मौके पर मौजूद ग्रामीणों और प्रशासनिक अमले ने वाहन चालक को स्थिति गंभीर होने की जानकारी देते हुए आगे नहीं जाने की सलाह दी।
इसके बावजूद वाहन को पानी के बीच से निकालने का प्रयास किया गया। कुछ ही देर में तेज बहाव ने ईको वाहन को अपनी चपेट में ले लिया और देखते ही देखते वाहन पानी में बह गया।
हादसे की सूचना मिलते ही मौके पर मौजूद लोगों ने तत्काल बचाव प्रयास शुरू किए। घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए।
ग्रामीणों ने रस्सियों के सहारे शुरू किया बचाव अभियान
वाहन के नाले में बहने के बाद आसपास मौजूद ग्रामीणों ने तत्काल मोर्चा संभाला। ग्रामीणों ने रस्सियां बांधकर तेज बहाव वाले पानी में बचाव अभियान चलाया। इस दौरान कई लोगों ने अपनी जान जोखिम में डालकर यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने का प्रयास किया।
बचाव कार्य में लखन परमार, मुकेश परमार, प्रदुम्न परमार, ऋतिक पुष्पद, राकेश पुष्पद, ओम पुष्पद, आशु व्यास, संतोष मालवीय, मुकेश मालवीय, सुरेंद्र बिसेन, मुकेश जलोदिया, दिनेश परमार, महेंद्र भूरू परमार, सादिक मंसूरी, हामिद मंसूरी, रोशन गुप्ता और कालूराम सेन सहित अन्य ग्रामीणों ने सहयोग किया।
ग्रामीणों की तत्परता से कुछ यात्रियों को बाहर निकालने में मदद मिली। प्रशासन और पुलिस के साथ स्थानीय लोगों के सामूहिक प्रयास से राहत एवं बचाव अभियान चलाया गया।
झिरी मंदिर और बंधे के आसपास देर रात तक तलाश
वाहन के बहने के बाद लापता यात्रियों की तलाश नाले, झिरी मंदिर के समीप और बंधे के आसपास की गई। तेज बारिश, अंधेरा और पानी के तेज बहाव के कारण राहत एवं बचाव दल को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
तलाशी अभियान के दौरान कुछ शव बरामद होने की सूचना सामने आई। एक घायल व्यक्ति भी बंधे के समीप मिला, जिसे ग्रामीणों ने निजी वाहन की मदद से सारंगपुर अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका उपचार जारी बताया गया।
एक की मौत, आठ लापता होने की सूचना
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हादसे में एक यात्री की मौत और आठ लोगों के लापता होने की सूचना है, जबकि दो लोगों को जीवित बचाए जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, राहत एवं बचाव अभियान जारी रहने के कारण मृतकों और लापता यात्रियों की संख्या में आधिकारिक पुष्टि के बाद बदलाव संभव है।
लापता यात्रियों के परिजन घटनास्थल पर अपनों की सलामती की उम्मीद लगाए हुए हैं। लगातार बारिश और बढ़ते जलस्तर के बीच प्रशासन तथा ग्रामीणों द्वारा खोजबीन की जा रही है।

मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारी
घटना की गंभीरता को देखते हुए राज्य मंत्री डॉ. गौतम टेटवाल, नगर पालिका अध्यक्ष पंकज पालीवाल, मंडल अध्यक्ष शेखर शर्मा, कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा, पुलिस अधीक्षक अमित तोलानी, एसडीओपी अरविंद, थाना प्रभारी राहुल रघुवंशी, एसडीएम रोहित बाम्होर सहित अन्य प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे।
अधिकारियों ने घटनास्थल की स्थिति का जायजा लिया और राहत एवं बचाव कार्य की जानकारी ली। लापता लोगों की तलाश के लिए बचाव दलों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बारिश के बीच चुनौतीपूर्ण रहा रेस्क्यू
हादसे के समय क्षेत्र में तेज बारिश हो रही थी। नाले में पानी का बहाव तेज होने के साथ अंधेरा भी बचाव कार्य में बड़ी चुनौती बना रहा। इसके बावजूद ग्रामीणों और प्रशासनिक अमले ने लगातार प्रयास जारी रखे।
इस घटना ने एक बार फिर बारिश के दौरान उफनते नदी-नालों और पुल-पुलियाओं को पार करने के जोखिम को सामने ला दिया है। पानी का बहाव कम दिखाई देने पर भी उसके भीतर की गहराई और तेज धारा का अनुमान लगाना मुश्किल होता है।
लापता यात्रियों के परिजनों में चिंता
हादसे के बाद लापता यात्रियों के परिवारों में चिंता और बेचैनी का माहौल है। परिजन घटनास्थल पर पहुंचकर अपने अपनों की जानकारी लेने का प्रयास कर रहे हैं। प्रशासन की ओर से खोज एवं बचाव अभियान लगातार जारी रखा गया है।
हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि तेज बहाव वाले नाले को पार करने का प्रयास नहीं किया जाता तो इस दर्दनाक हादसे को टाला जा सकता था। घटना के बाद बारिश के दौरान जलभराव वाले रास्तों और उफनते नालों पर अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत एक बार फिर सामने आई है।
