—Advertisement—

गणाचार्य विरागसागर महाराज की स्मृतियों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की पहल, विद्वानों को मिली जिम्मेदारियां

Author Picture
Published On: 10 August 2026
गणाचार्य

—Advertisement—

आचार्यश्री विनिश्चय सागर के सान्निध्य में ‘विमलकीर्ति स्मृति-ग्रंथ’ संपादक मंडल की बैठक संपन्न

गणाचार्य श्री विरागसागर महाराज के जीवन, साधना, साहित्य और समाजसेवा पर केंद्रित होगा स्मृति-ग्रंथ

मुरैना/गाजियाबाद। पारसनाथ दिगंबर जैन मंदिर, कविनगर, गाजियाबाद में वाक्केसरी आचार्य श्री 108 विनिश्चय सागर जी महाराज के ससंघ सान्निध्य में गणाचार्य श्री 108 विरागसागर जी महाराज की पावन स्मृति को समर्पित ‘विमलकीर्ति स्मृति-ग्रंथ’ के प्रकाशन एवं संपादन को लेकर संपादक मंडल की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्मृति-ग्रंथ की रूपरेखा, सामग्री संकलन, संपादकीय व्यवस्था और प्रकाशन से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

बैठक में उपस्थित विद्वानों ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि स्मृति-ग्रंथ केवल श्रद्धांजलि तक सीमित न रहे, बल्कि इसे एक प्रामाणिक, शोधपरक, तथ्यपूर्ण और संग्रहणीय दस्तावेज के रूप में तैयार किया जाए। इसके माध्यम से गणाचार्य श्री विरागसागर जी महाराज के जीवन, विचार, साधना और समाज के लिए किए गए कार्यों को भावी पीढ़ियों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।

बहुआयामी व्यक्तित्व को समेटेगा स्मृति-ग्रंथ

बैठक में सर्वसम्मति से तय किया गया कि ‘विमलकीर्ति स्मृति-ग्रंथ’ में गणाचार्य श्री 108 विरागसागर जी महाराज के बहुआयामी व्यक्तित्व और कृतित्व को व्यापक रूप से प्रस्तुत किया जाएगा।

स्मृति-ग्रंथ में उनके तप, साधना, त्याग, आध्यात्मिक चिंतन, साहित्यिक अवदान, धर्म एवं संस्कृति के संरक्षण, शिक्षा एवं संस्कार निर्माण, सामाजिक जागरण तथा राष्ट्रहित में किए गए कार्यों को प्रमाणिक सामग्री के साथ संकलित किया जाएगा।

विद्वानों ने कहा कि गणाचार्य श्री विरागसागर जी महाराज का जीवन आध्यात्मिक साधना के साथ-साथ समाज के प्रति मार्गदर्शन और संस्कार निर्माण की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण रहा है। इसलिए उनके जीवन के विभिन्न पक्षों को संतुलित और प्रमाणिक तरीके से प्रस्तुत किया जाना आवश्यक है।

शोधपरक सामग्री के संकलन पर जोर

बैठक में स्मृति-ग्रंथ के लिए शोधपरक लेखों के चयन और सामग्री संकलन की प्रक्रिया पर भी चर्चा हुई। सदस्यों ने सुझाव दिया कि ग्रंथ में ऐसे लेख शामिल किए जाएं जो गणाचार्य श्री विरागसागर जी महाराज के जीवन और अवदान का तथ्यात्मक एवं विश्लेषणात्मक परिचय प्रस्तुत कर सकें।

इसके साथ ही उनके जीवन से जुड़े दुर्लभ संस्मरण, चित्र, पत्र, लेख, प्रवचन, साहित्यिक सामग्री और महत्वपूर्ण दस्तावेजों को भी यथासंभव संकलित करने का निर्णय लिया गया।

सदस्यों का मानना रहा कि इस प्रकार की मूल और दुर्लभ सामग्री स्मृति-ग्रंथ को भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण संदर्भ दस्तावेज बनाने में सहायक होगी।

विद्वानों को सौंपे गए संपादन के दायित्व

स्मृति-ग्रंथ के संपादन कार्य के लिए विभिन्न विद्वानों को जिम्मेदारियां सौंपी गईं। बैठक में प्रधान संपादक डॉ. श्रेयांश कुमार बड़ौत तथा संपादक डॉ. आशीष कुमार जैन, बम्होरी सहित संपादक मंडल के सदस्यों ने भाग लिया।

इसके अलावा पं. विनोद जैन रजवांस, डॉ. आशीष जैन आचार्य सागर, डॉ. सुनील जैन संचय, ललितपुर, डॉ. अल्पना अशोक मोदी जैन, ग्वालियर तथा पं. अनिल जैन शास्त्री, सागर सहित अन्य विद्वान एवं सहयोगी सदस्य बैठक में उपस्थित रहे।

सभी विद्वानों ने स्मृति-ग्रंथ को उच्च स्तरीय, तथ्यपूर्ण और भावी पीढ़ियों के लिए उपयोगी बनाने को लेकर अपने महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए।

आध्यात्मिक और सामाजिक योगदान को मिलेगा स्थान

बैठक में इस बात पर विशेष चर्चा हुई कि गणाचार्य श्री विरागसागर जी महाराज के आध्यात्मिक व्यक्तित्व, तप एवं साधना के साथ समाज के प्रति उनके मार्गदर्शन को भी प्रमुखता से प्रस्तुत किया जाए।

इसके साथ ही साहित्य, शिक्षा और संस्कार निर्माण के क्षेत्र में उनके योगदान तथा जैन संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन में उनकी भूमिका को भी प्रमाणिक सामग्री के माध्यम से सामने लाने पर जोर दिया गया।

विद्वानों ने कहा कि किसी भी महान संत के जीवन को समझने के लिए केवल उनके धार्मिक कार्यों का उल्लेख पर्याप्त नहीं होता, बल्कि उनके विचारों, सामाजिक दृष्टिकोण, साहित्यिक योगदान और समाज को दिए गए मार्गदर्शन को भी समग्रता के साथ प्रस्तुत करना आवश्यक है।

दुर्लभ संस्मरणों और दस्तावेजों का होगा संकलन

संपादक मंडल के सदस्यों ने सुझाव दिया कि स्मृति-ग्रंथ में गणाचार्य श्री विरागसागर जी महाराज से जुड़े ऐसे संस्मरण भी शामिल किए जाएं, जो उनके निकट संपर्क में रहे लोगों के अनुभवों को सामने लाते हों।

इसके अलावा उनके पत्र, प्रवचन, चित्र, लेख और अन्य उपलब्ध सामग्री का संकलन करने की योजना बनाई गई है। इससे ग्रंथ में उनके जीवन के विभिन्न चरणों और व्यक्तित्व के अलग-अलग पहलुओं को समझने का अवसर मिलेगा।

सदस्यों ने कहा कि प्रमाणिक स्रोतों से प्राप्त सामग्री का व्यवस्थित संपादन और संदर्भों के साथ प्रकाशन स्मृति-ग्रंथ की विश्वसनीयता को और मजबूत करेगा।

विद्वानों का किया गया सम्मान

बैठक के अवसर पर चातुर्मास समिति की ओर से उपस्थित सभी विद्वानों एवं संपादक मंडल के सदस्यों का सम्मान किया गया। समिति की ओर से स्मृति-ग्रंथ के इस महत्वपूर्ण कार्य में विद्वानों के सहयोग और मार्गदर्शन के लिए आभार व्यक्त किया गया।

सम्मान समारोह के दौरान उपस्थित सदस्यों ने गणाचार्य श्री विरागसागर जी महाराज की पावन स्मृति को अक्षुण्ण रखने तथा उनके प्रेरणादायी जीवन और अवदान को समाज एवं नई पीढ़ी तक पहुंचाने के उद्देश्य से मिलकर कार्य करने का संकल्प व्यक्त किया।

भावी पीढ़ियों के लिए बनेगा संदर्भ-ग्रंथ

बैठक में यह भावना व्यक्त की गई कि ‘विमलकीर्ति स्मृति-ग्रंथ’ केवल वर्तमान पीढ़ी के लिए श्रद्धा का माध्यम न होकर आने वाली पीढ़ियों के लिए भी उपयोगी संदर्भ सामग्री बने।

स्मृति-ग्रंथ में गणाचार्य श्री विरागसागर जी महाराज के जीवन, साधना, साहित्य, विचार, सामाजिक योगदान और समाजोपयोगी कार्यों को समग्र रूप से प्रस्तुत करने का प्रयास किया जाएगा।

संपादक मंडल का उद्देश्य है कि ग्रंथ में संकलित सामग्री तथ्यात्मक, प्रमाणिक और शोधपरक हो, ताकि भविष्य में जैन धर्म, संस्कृति, साहित्य और सामाजिक इतिहास के अध्ययन के लिए भी इसका उपयोग किया जा सके।

बैठक के अंत में सभी सदस्यों ने संकल्प व्यक्त किया कि सामूहिक प्रयासों और विद्वानों के मार्गदर्शन से ‘विमलकीर्ति स्मृति-ग्रंथ’ को उत्कृष्ट स्वरूप प्रदान किया जाएगा। यह ग्रंथ गणाचार्य श्री 108 विरागसागर जी महाराज के प्रेरणादायी जीवन और उनके बहुआयामी अवदान को समाज एवं भावी पीढ़ियों तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास सिद्ध होगा।

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

Related News
Breaking News हमेशा आपके पास

SwarajVani App Install करें

Latest India News & Breaking Updates — सीधे Home Screen पर

Offline पढ़ें Breaking Alerts बिल्कुल Free
SwarajVani को iPhone पर install करें:
📤 Share बटन दबाएं → "Add to Home Screen" select करें
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp