सोना-चांदी की कीमतों में जोरदार उछाल, एक सप्ताह में सोना ₹10 हजार और चांदी ₹20 हजार तक महंगी
MCX पर सोना ₹1.52 लाख और चांदी ₹2.34 लाख प्रति किलो के पार, अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों और ब्याज दरों पर बाजार की नजर
नई दिल्ली। भारतीय सर्राफा बाजार और मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर Gold-Silver की कीमतें इन दिनों ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं। अगस्त की शुरुआत से ही दोनों कीमती धातुओं में तेज खरीदारी देखने को मिल रही है। महज एक सप्ताह के दौरान वायदा बाजार में सोने की कीमत में करीब ₹10,000 प्रति 10 ग्राम की तेजी दर्ज की गई है, जबकि चांदी के भाव में करीब ₹20,000 प्रति किलोग्राम का उछाल आया है।
कीमती धातुओं की कीमतों में आई इस तेजी से निवेशकों और सर्राफा बाजार दोनों की नजरें अब घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार के अगले रुख पर टिकी हुई हैं। अमेरिका से आने वाले आर्थिक आंकड़े, डॉलर की चाल और फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति को सोने-चांदी की कीमतों के लिए महत्वपूर्ण कारकों में माना जा रहा है।
MCX पर सोने ने लगाई बड़ी छलांग
10 अगस्त को MCX पर सोने का वायदा भाव करीब ₹1,52,050 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा था। यदि इसकी तुलना 3 अगस्त के भाव से की जाए, तो उस समय सोना करीब ₹1.42 लाख प्रति 10 ग्राम के स्तर पर था।
इस तरह केवल एक सप्ताह के भीतर सोने की कीमत में लगभग ₹10,000 प्रति 10 ग्राम की तेजी देखने को मिली। सोने में आई यह तेजी निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी और अंतरराष्ट्रीय बाजार में बने सकारात्मक संकेतों के बीच देखी जा रही है।
सोना परंपरागत रूप से आर्थिक और वैश्विक अनिश्चितता के समय सुरक्षित निवेश के विकल्प के रूप में देखा जाता है। ऐसे में ब्याज दरों, डॉलर और अमेरिकी अर्थव्यवस्था से जुड़े संकेतों का सीधा असर इसकी कीमतों पर पड़ता है।
चांदी में भी ₹20 हजार से ज्यादा की तेजी
सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी जबरदस्त तेजी दर्ज की गई है। 10 अगस्त को MCX पर चांदी का वायदा भाव करीब ₹2,34,030 प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंच गया।
वहीं, 3 अगस्त को चांदी का भाव करीब ₹2.14 लाख प्रति किलोग्राम के आसपास था। इस आधार पर एक सप्ताह में चांदी की कीमत में करीब ₹20,000 से अधिक की बढ़ोतरी हुई है।
चांदी का उपयोग निवेश के अलावा औद्योगिक क्षेत्रों में भी होता है। इसलिए इसकी कीमतों पर वैश्विक औद्योगिक मांग और निवेशकों की गतिविधियों का भी असर देखने को मिलता है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने में हल्की नरमी
वैश्विक बाजार में सोमवार को सोने की कीमतों में कुछ नरमी देखने को मिली। निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली किए जाने के कारण स्पॉट गोल्ड करीब 0.5 प्रतिशत गिरकर 4,322.28 डॉलर प्रति औंस पर आ गया।
हालांकि, इससे पहले अमेरिकी रोजगार के कमजोर आंकड़ों के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में मजबूत तेजी देखी गई थी। कमजोर रोजगार आंकड़ों ने अमेरिका में ब्याज दरों में कटौती की संभावनाओं को लेकर बाजार की उम्मीदों को बढ़ाया है।
यूएस गोल्ड फ्यूचर्स भी करीब 0.4 प्रतिशत की गिरावट के साथ 4,381.60 डॉलर के स्तर पर कारोबार कर रहे थे।
अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों पर नजर
अब अंतरराष्ट्रीय बाजार के निवेशकों की नजर अमेरिका से जारी होने वाले महंगाई के आंकड़ों पर है। इन आंकड़ों का असर फेडरल रिजर्व की आगामी ब्याज दर नीति पर पड़ सकता है।
यदि अमेरिका में महंगाई और आर्थिक गतिविधियों से जुड़े आंकड़े ब्याज दरों में कटौती की संभावनाओं को मजबूत करते हैं, तो इसका असर सोने की कीमतों पर पड़ सकता है। दूसरी ओर, यदि अमेरिकी अर्थव्यवस्था मजबूत संकेत देती है, तो डॉलर और बॉन्ड यील्ड में बदलाव के चलते कीमती धातुओं पर दबाव भी बन सकता है।
प्रमुख शहरों में सोने-चांदी के भाव
10 अगस्त को देश के प्रमुख शहरों में सोने और चांदी के भाव में भी ऊंचे स्तर देखने को मिले। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार 24 कैरेट सोने का भाव नई दिल्ली में ₹1,51,190, मुंबई में ₹1,51,450, बेंगलुरु में ₹1,51,570, कोलकाता में ₹1,51,250 और चेन्नई में ₹1,52,220 प्रति 10 ग्राम रहा।
वहीं 22 कैरेट सोने की कीमत नई दिल्ली में ₹1,38,591, मुंबई में ₹1,38,829, बेंगलुरु में ₹1,38,939, कोलकाता में ₹1,38,646 और चेन्नई में ₹1,39,535 प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई।
चांदी की बात करें तो 999 शुद्धता वाली चांदी का भाव नई दिल्ली में ₹2,32,200, मुंबई में ₹2,32,600, बेंगलुरु में ₹2,32,790, कोलकाता में ₹2,32,300 और चेन्नई में ₹2,34,610 प्रति किलोग्राम बताया गया है।
क्यों बढ़ रही हैं सोने-चांदी की कीमतें?
एलकेपी सिक्योरिटीज के रिसर्च एनालिस्ट जतीन त्रिवेदी के अनुसार, बीते सप्ताह सोने की कीमत में करीब 6 प्रतिशत की मजबूत तेजी दर्ज की गई। अमेरिका के रोजगार आंकड़े उम्मीद से कमजोर रहने के बाद वहां ब्याज दरों में कटौती की संभावना बढ़ी है।
ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद के बीच निवेशकों का रुझान सोने जैसे सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर बढ़ सकता है। इसके अलावा अमेरिकी डॉलर में कमजोरी को भी सोने और चांदी की कीमतों में तेजी के प्रमुख कारणों में शामिल किया जा रहा है।
डॉलर कमजोर होने पर अंतरराष्ट्रीय बाजार में अन्य मुद्राओं वाले निवेशकों के लिए सोना अपेक्षाकृत आकर्षक हो सकता है। यही वजह है कि हाल के दिनों में कीमती धातुओं में मजबूत खरीदारी देखने को मिली है।
निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण रहेगा आगे का रुख
सोने और चांदी की कीमतों में तेज उछाल के बीच बाजार विशेषज्ञों की नजर अब आने वाले आर्थिक आंकड़ों पर है। अमेरिकी महंगाई के आंकड़े, फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति, डॉलर की चाल और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां कीमती धातुओं की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
घरेलू बाजार में भी अंतरराष्ट्रीय कीमतों, रुपये की विनिमय दर और स्थानीय मांग का असर सोने-चांदी के भाव पर पड़ता है। ऐसे में कीमतों में आगे भी उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
फिलहाल अगस्त की शुरुआत से सोने और चांदी में आई तेज बढ़त ने सर्राफा बाजार और निवेशकों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। एक सप्ताह में सोने में करीब ₹10 हजार और चांदी में करीब ₹20 हजार की तेजी ने दोनों कीमती धातुओं को ऊंचे स्तर पर पहुंचा दिया है।
