भारतीय किसान यूनियन मंच हस्ताक्षर अभियान को नागदा क्षेत्र के गांवों में किसानों, युवाओं और ग्रामीणों का जबरदस्त समर्थन मिल रहा है। जानिए अभियान की 5 प्रमुख मांगें।
भारतीय किसान यूनियन मंच हस्ताक्षर अभियान को मिला जबरदस्त समर्थन, 5 बड़ी मांगों को लेकर गांव-गांव बढ़ा जनआंदोलन
नागदा। लखन गुर्जर। भारतीय किसान यूनियन मंच हस्ताक्षर अभियान को नागदा क्षेत्र के गांव-गांव से किसानों, युवाओं और ग्रामीणों का लगातार अपार समर्थन मिल रहा है। ग्रासिम इंडस्ट्रीज से जुड़े स्थानीय जनहित के मुद्दों को लेकर चलाए जा रहे इस अभियान में बड़ी संख्या में ग्रामीण आगे आकर हस्ताक्षर कर रहे हैं।
अभियान के माध्यम से प्रदूषण प्रभावित गांवों के अधिकार, CSR निधि के उपयोग में पारदर्शिता, स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता, क्षेत्रीय विकास तथा प्रभावित परिवारों को उचित राहत जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जा रहा है।
गांव-गांव पहुंच रहा हस्ताक्षर अभियान
भारतीय किसान यूनियन मंच हस्ताक्षर अभियान के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार जनसंपर्क किया जा रहा है। अभियान में शामिल कार्यकर्ता गांवों में पहुंचकर किसानों और ग्रामीणों से चर्चा कर रहे हैं तथा स्थानीय समस्याओं से संबंधित मांगों के समर्थन में हस्ताक्षर करवाए जा रहे हैं।
भारतीय किसान यूनियन मंच के प्रदेश अध्यक्ष कवि देव सिंह गुर्जर ने बताया कि अभियान को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में युवाओं और किसानों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। बड़ी संख्या में ग्रामीण स्वयं आगे आकर अभियान का समर्थन कर रहे हैं।
उनका कहना है कि क्षेत्र के प्रभावित परिवारों और किसानों की समस्याओं को मजबूती के साथ प्रशासन एवं संबंधित औद्योगिक प्रबंधन तक पहुंचाना अभियान का प्रमुख उद्देश्य है।
किसानों और युवाओं में बढ़ा उत्साह
अभियान के दौरान युवाओं के साथ-साथ किसानों और ग्रामीणों की भागीदारी भी लगातार बढ़ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में उद्योगों के साथ विकास की प्रक्रिया में स्थानीय लोगों की समस्याओं और आवश्यकताओं को भी प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
विशेष रूप से रोजगार, पर्यावरण, गांवों में विकास कार्य और CSR निधि के उपयोग से जुड़े विषय ग्रामीणों के बीच चर्चा का प्रमुख केंद्र बने हुए हैं।
उठाई जा रही 5 प्रमुख मांगें
भारतीय किसान यूनियन मंच हस्ताक्षर अभियान में मुख्य रूप से पांच प्रमुख मांगों को सामने रखा जा रहा है।
पहली मांग प्रदूषण प्रभावित गांवों को न्याय दिलाने और प्रभावित परिवारों की समस्याओं का समाधान करने की है।
दूसरी मांग CSR निधि के उपयोग का सार्वजनिक लेखा-जोखा उपलब्ध कराने की है, ताकि ग्रामीणों को यह जानकारी मिल सके कि क्षेत्र के विकास के लिए उपलब्ध निधि का उपयोग किन कार्यों में किया जा रहा है।
तीसरी मांग स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता देने की है। अभियान से जुड़े लोगों का कहना है कि स्थानीय क्षेत्र में रोजगार के अवसर उपलब्ध होने से युवाओं को इसका सीधा लाभ मिलना चाहिए।
चौथी मांग स्थानीय विकास कार्यों को प्राथमिकता देने की है। इसमें ग्रामीण क्षेत्रों की मूलभूत आवश्यकताओं और जनहित से जुड़े कार्यों पर ध्यान देने की बात कही गई है।
पांचवीं मांग प्रदूषण की निष्पक्ष जांच कर प्रभावित परिवारों को उचित राहत दिलाने की है।
ओमप्रकाश परमार नागराज भी हुए शामिल
भारतीय किसान यूनियन मंच हस्ताक्षर अभियान में अखिल भारतीय बलाई महासंघ के प्रदेश महामंत्री ओमप्रकाश परमार नागराज भी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने ग्रामीणों और युवा साथियों से अभियान में अधिक से अधिक संख्या में जुड़ने का आह्वान किया।
ओमप्रकाश परमार नागराज ने कहा कि जनहित से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाने के लिए ग्रामीणों की एकजुट भागीदारी जरूरी है। उन्होंने युवाओं और किसानों से अभियान को आगे बढ़ाने में सहयोग करने की अपील की।
प्रशासन तक पहुंचाई जाएगी ग्रामीणों की आवाज
कवि देवसिंह गुर्जर के अनुसार ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र के विकास और प्रभावित परिवारों के हितों से जुड़े मुद्दों पर प्रशासन तथा संबंधित औद्योगिक प्रबंधन को गंभीरता से विचार करना चाहिए।अभियान के आयोजकों का कहना है कि हजारों प्रभावित परिवारों और किसानों की आवाज को प्रशासन तक मजबूती से पहुंचाने के उद्देश्य से हस्ताक्षर अभियान को गांव-गांव तक ले जाया जाएगा।अभियान के दौरान एकत्र किए जा रहे हस्ताक्षरों के माध्यम से ग्रामीणों की मांगों और जनसमर्थन को सामने रखा जाएगा।
आने वाले दिनों में अभियान होगा और व्यापक
भारतीय किसान यूनियन मंच हस्ताक्षर अभियान में युवाओं, किसानों एवं ग्रामीणों की बढ़ती भागीदारी को देखते हुए आने वाले दिनों में इसके और व्यापक होने की संभावना जताई जा रही है।कवि देवसिंह गुर्जर ने कहा कि गांव-गांव से मिल रहा जनसमर्थन अभियान को लगातार मजबूती प्रदान कर रहा है। उनका कहना है कि स्थानीय लोगों से जुड़े मुद्दों को लेकर अभियान आगे भी जारी रहेगा।इस बीच, पर्यावरण से जुड़े मामलों की जानकारी के लिए पाठक मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट देख सकते हैं, जहां प्रदूषण निगरानी, जन शिकायत और पर्यावरण संबंधी जानकारी उपलब्ध है।
सरकारी योजनाओं एवं संबंधित विभागों की जानकारी के लिए भारत सरकार के राष्ट्रीय पोर्टल पर भी जानकारी प्राप्त की जा सकती है।

