राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर वरिष्ठ बुनकरों का शाल-श्रीफल भेंट कर किया सम्मान
संवाददाता : मनोज कुमार पुष्पद
सारंगपुर में आयोजित कार्यक्रम में बुनकरों को दी गई योजनाओं की जानकारी, समस्याओं के शीघ्र निराकरण का मिला आश्वासन
पड़ाना/सारंगपुर, 8 अगस्त। 12वें राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर शुक्रवार, 7 अगस्त को हस्तशिल्प एवं हाथकरघा विकास निगम, सारंगपुर में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र के वरिष्ठ बुनकरों का सम्मान करते हुए उनके योगदान को सराहा गया। इस दौरान बुनकरों को शाल, श्रीफल एवं पुष्पमाला भेंट कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य हथकरघा क्षेत्र से जुड़े बुनकरों के योगदान को सम्मान देना, उन्हें शासन की योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराना तथा उनकी समस्याओं पर चर्चा करना रहा।
वरिष्ठ बुनकरों का किया सम्मान
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सहायक संचालक, जिला हथकरघा कार्यालय सारंगपुर बालकृष्ण कोकड़िया तथा हस्तशिल्प विकास निगम सारंगपुर के प्रबंधक मान सिंह वर्मा रहे।
अतिथियों ने क्षेत्र के वरिष्ठ बुनकरों को शाल, श्रीफल एवं पुष्पमाला भेंट कर सम्मानित किया। इस दौरान पड़ाना बुनकर सहकारी समिति, सनशाइन बुनकर सहकारी समिति, रोशनी स्व-सहायता समूह तथा महिला कल्याण बुनकर सहकारी समिति से जुड़े बुनकरों का सम्मान किया गया।
पड़ाना बुनकर सहकारी समिति से अब्दुल हक अंसारी एवं अबरार अंसारी, सनशाइन बुनकर सहकारी समिति से शफीक भाई अंसारी एवं अब्दुल समद अंसारी, रोशनी स्व-सहायता समूह से इरशाद भाई अंसारी एवं गुफरान अंसारी तथा महिला कल्याण बुनकर सहकारी समिति से कुरेशा बी एवं रोशनी समूह से हसीना बी अंसारी को सम्मानित किया गया।
हथकरघा की उपलब्धियों और योजनाओं पर डाला प्रकाश
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए हस्तशिल्प विकास निगम के प्रबंधक मान सिंह वर्मा ने राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने हथकरघा क्षेत्र की उपलब्धियों और बुनकरों के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि हथकरघा हमारी पारंपरिक कला और संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। बुनकर अपनी मेहनत और कौशल के माध्यम से इस परंपरा को पीढ़ी दर पीढ़ी आगे बढ़ा रहे हैं। हथकरघा क्षेत्र को मजबूत करने के लिए शासन स्तर पर विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनका लाभ पात्र बुनकरों तक पहुंचाना आवश्यक है।
समस्याओं के शीघ्र निराकरण का आश्वासन
सहायक संचालक जिला हथकरघा कार्यालय बालकृष्ण कोकड़िया ने कार्यक्रम में उपस्थित बुनकरों को संबोधित करते हुए उनकी समस्याओं को सुना और उनके शीघ्र निराकरण का आश्वासन दिया।
उन्होंने कहा कि बुनकर विभाग की रीढ़ हैं। बुनकरों के सामने आने वाली समस्याओं को गंभीरता से लिया जाएगा और उन्हें विभाग की योजनाओं से जोड़कर अधिक से अधिक लाभ दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने बुनकरों से अपील की कि वे शासन की योजनाओं की जानकारी प्राप्त करें और पात्रता के अनुसार उनका लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि विभाग बुनकरों की समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
पूर्व सहायक संचालक ने भी रखे विचार
इस अवसर पर पूर्व सहायक संचालक शब्बीर हुसैन अंसारी ने भी बुनकरों को संबोधित किया। उन्होंने हथकरघा क्षेत्र के महत्व और बुनकरों की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पारंपरिक हथकरघा कला को संरक्षित करना सभी की जिम्मेदारी है।
उन्होंने बुनकरों से बदलते समय के अनुसार नई तकनीक और बाजार की आवश्यकताओं को समझने तथा अपने उत्पादों की गुणवत्ता बेहतर करने की दिशा में प्रयास करने का आह्वान किया।
बड़ी संख्या में बुनकर रहे मौजूद
कार्यक्रम में समिति प्रबंधक कुरैश अंसारी, मोहम्मद नवाब अंसारी, वली मोहम्मद, बाबूलाल कोठार, धर्मेंद्र मालवीय, अशोक गिरी, श्री बास्कल्ले, कमलेश रविदास, ओम प्रकाश, रईस अंसारी, शाहिद अंसारी, कुरैशा, बिलाल अंसारी, रफीक भाई, रोशनी वाले अंसारी, हसीना बी अंसारी सहित बड़ी संख्या में बुनकर उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान बुनकरों में उत्साह देखने को मिला। वरिष्ठ बुनकरों ने सम्मान के लिए आयोजकों और अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम न केवल वरिष्ठ बुनकरों के सम्मान का अवसर बना, बल्कि हथकरघा क्षेत्र की समस्याओं, सरकारी योजनाओं और बुनकरों के भविष्य को लेकर संवाद का महत्वपूर्ण मंच भी साबित हुआ।
