“एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के अंतर्गत शासकीय महाविद्यालय आठनेर के एनएसएस स्वयंसेवकों ने किया वृक्षारोपण
संवाददाता :आशीष ठाकरे
गोद ग्राम गोंडी घोघरा में लगाए गए 60 फलदार एवं छायादार पौधे
शासकीय महाविद्यालय आठनेर की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) की संयुक्त इकाई द्वारा दिनांक 7 अगस्त 2026 को गोद ग्राम गोंडी घोघरा में पर्यावरण संरक्षण एवं जनजागरूकता से संबंधित विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शासन के “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान को जन-जन तक पहुंचाना तथा ग्रामीणों एवं स्वयंसेवकों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता उत्पन्न करना था। इस अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों द्वारा उत्साहपूर्वक वृक्षारोपण किया गया और लगाए गए पौधों की देखभाल एवं संरक्षण का संकल्प लिया गया।
कार्यक्रम के दौरान ग्राम पंचायत, आंगनबाड़ी केंद्र तथा मोक्षधाम क्षेत्र में विभिन्न प्रजातियों के कुल 60 पौधों का रोपण किया गया। इनमें मुख्य रूप से आम, जाम, जामुन सहित अनेक फलदार एवं उपयोगी पौधे शामिल थे। कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारियों, ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों, महाविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना अधिकारियों, स्वयंसेवकों तथा स्थानीय ग्रामीणों ने सक्रिय सहभागिता की।
प्रशासनिक अधिकारियों एवं एनएसएस पदाधिकारियों की सहभागिता
वृक्षारोपण कार्यक्रम में जनपद पंचायत आठनेर की सीईओ आस्था जैन की विशेष उपस्थिति रही। उनके साथ एपीओ भरत सिंह रघुवंशी, ग्राम सचिव लक्ष्मी चंद अमरूते तथा शासकीय महाविद्यालय आठनेर की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई से डॉ. साधना ठाकुर, डॉ. विकेश सिंह एवं डॉ. निर्मल विश्वास उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में अधिकारियों और एनएसएस पदाधिकारियों ने स्वयंसेवकों के साथ मिलकर पौधों का रोपण किया। इस दौरान सभी ने पर्यावरण संरक्षण को केवल एक दिवसीय गतिविधि न मानकर इसे निरंतर चलने वाला सामाजिक दायित्व बनाने पर जोर दिया। स्वयंसेवकों ने भी लगाए गए पौधों को नियमित रूप से पानी देने, उनकी सुरक्षा करने तथा उनके विकास की निगरानी करने की जिम्मेदारी लेने की भावना व्यक्त की।
“एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश
“एक पेड़ माँ के नाम” अभियान का उद्देश्य प्रकृति और मानव जीवन के बीच भावनात्मक संबंध को मजबूत करना है। इसी भावना को ध्यान में रखते हुए स्वयंसेवकों ने ग्राम गोंडी घोघरा में पौधारोपण किया। कार्यक्रम के दौरान यह संदेश दिया गया कि जिस प्रकार मां हमारे जीवन में सुरक्षा, ममता और जीवनदायिनी शक्ति का प्रतीक होती हैं, उसी प्रकार पेड़-पौधे भी मानव जीवन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
वृक्ष हमें ऑक्सीजन प्रदान करने के साथ-साथ पर्यावरण का संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। पेड़ वर्षा चक्र को संतुलित करने, मिट्टी के कटाव को रोकने, तापमान को नियंत्रित करने और जैव विविधता को बनाए रखने में भी सहायक होते हैं। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी जिम्मेदारी उठानी चाहिए।
पंचायत, आंगनबाड़ी एवं मोक्षधाम परिसर में हुआ पौधारोपण
वृक्षारोपण अभियान के अंतर्गत ग्राम के विभिन्न सार्वजनिक एवं उपयोगी स्थानों का चयन किया गया। ग्राम पंचायत परिसर, आंगनबाड़ी केंद्र तथा मोक्षधाम क्षेत्र में कुल 60 पौधे लगाए गए। आम, जाम और जामुन जैसे पौधों का चयन इस दृष्टि से भी महत्वपूर्ण रहा कि भविष्य में इनके फल ग्रामीणों एवं पक्षियों के लिए उपयोगी होंगे।
सार्वजनिक स्थानों पर पौधारोपण से इन स्थानों की सुंदरता बढ़ने के साथ-साथ भविष्य में लोगों को छाया एवं स्वच्छ वातावरण भी प्राप्त होगा। कार्यक्रम के दौरान स्वयंसेवकों ने यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि पौधे लगाने के बाद उनकी नियमित देखभाल भी की जाए। इस अवसर पर ग्रामीणों से भी अपील की गई कि वे पौधों को पशुओं से बचाने, समय-समय पर पानी देने तथा उनकी सुरक्षा में सहयोग करें।
पर्यावरण संरक्षण के लिए निकाली गई जागरूकता रैली
वृक्षारोपण के साथ-साथ राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों द्वारा ग्राम में पर्यावरण जागरूकता रैली भी निकाली गई। रैली के माध्यम से ग्रामीणों को अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा पर्यावरण को सुरक्षित रखने का संदेश दिया गया। स्वयंसेवकों ने विभिन्न प्रेरणादायक नारों के माध्यम से ग्रामीणों का ध्यान पर्यावरण संरक्षण की ओर आकर्षित किया।
रैली के दौरान “सूखी धरती करे पुकार, वृक्ष लगाकर करो श्रृंगार” जैसे नारों के माध्यम से ग्रामवासियों को वृक्षारोपण के लिए प्रेरित किया गया। स्वयंसेवकों ने ग्रामीणों को बताया कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि पौधों को वृक्ष बनने तक उनकी देखभाल करना भी उतना ही आवश्यक है।
रैली के माध्यम से स्वच्छ एवं हरित ग्राम की परिकल्पना को साकार करने का संदेश दिया गया। ग्रामीणों ने भी स्वयंसेवकों के प्रयासों की सराहना करते हुए पर्यावरण संरक्षण की गतिविधियों में सहयोग करने की भावना व्यक्त की।
भरत सिंह रघुवंशी ने बताई वृक्षों की उपयोगिता
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मनरेगा अधिकारी भरत सिंह रघुवंशी ने वृक्षों के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार हम अपने शरीर की देखभाल करते हैं, उसी प्रकार हमें वृक्षों की भी देखभाल करनी चाहिए। पौधा लगाने के बाद यदि उसकी उचित देखभाल नहीं की जाती है तो उसका उद्देश्य पूरा नहीं हो सकता।
उन्होंने कहा कि वृक्ष हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा हैं। वे हमें स्वच्छ वायु प्रदान करते हैं और पर्यावरण को संतुलित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए पौधारोपण के साथ-साथ उनकी सुरक्षा और संवर्धन की जिम्मेदारी भी सभी को निभानी चाहिए। उन्होंने ग्रामीणों एवं स्वयंसेवकों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उन्हें संरक्षित करने का आह्वान किया।
सीईओ आस्था जैन ने पर्यावरण के प्रति संवेदनशील बनने का किया आह्वान
जनपद पंचायत आठनेर की सीईओ आस्था जैन ने कार्यक्रम में उपस्थित ग्रामीणों एवं स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि मनुष्य के अस्तित्व के संरक्षण के लिए हमें पर्यावरण के प्रति संवेदनशील होना आवश्यक है। वर्तमान समय में पर्यावरण संतुलन एक महत्वपूर्ण विषय बन चुका है और इसके संरक्षण की जिम्मेदारी केवल शासन या किसी एक संस्था की नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की है।
उन्होंने कहा कि यदि हम आज पर्यावरण की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाते हैं, तो आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ हवा, जल और स्वस्थ वातावरण उपलब्ध कराया जा सकेगा। उन्होंने स्वयंसेवकों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि युवा वर्ग समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने की महत्वपूर्ण शक्ति है।
डॉ. निर्मल विश्वास ने पौधों के संरक्षण पर दिया जोर
राष्ट्रीय सेवा योजना के अधिकारी डॉ. निर्मल विश्वास ने स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए पौधारोपण के साथ पौधों को बचाने की जिम्मेदारी लेने की बात कही। उन्होंने कहा कि पौधा लगाना पर्यावरण संरक्षण की दिशा में पहला कदम है, लेकिन उसे नियमित देखभाल के माध्यम से वृक्ष का स्वरूप देना वास्तविक उपलब्धि है।
उन्होंने स्वयंसेवकों से अपील की कि वे लगाए गए प्रत्येक पौधे की जिम्मेदारी लें और उसके विकास की नियमित निगरानी करें। उन्होंने कहा कि एनएसएस का उद्देश्य केवल सेवा गतिविधियों का आयोजन करना नहीं, बल्कि समाज में जिम्मेदारी, संवेदनशीलता और सहयोग की भावना विकसित करना भी है।
ग्रामीणों एवं स्वयंसेवकों की सक्रिय भागीदारी
कार्यक्रम में राष्ट्रीय सेवा योजना के लगभग 40 स्वयंसेवकों, स्थानीय ग्रामीणजनों तथा एनएसएस अधिकारियों ने सक्रिय रूप से सहभागिता की। स्वयंसेवकों ने पूरे उत्साह के साथ पौधारोपण, रैली और जनजागरूकता गतिविधियों में भाग लिया। स्थानीय ग्रामीणों ने भी कार्यक्रम में सहयोग करते हुए पौधों के संरक्षण में अपनी भूमिका निभाने का संकल्प व्यक्त किया।
कार्यक्रम के दौरान युवाओं में पर्यावरण संरक्षण को लेकर विशेष उत्साह दिखाई दिया। स्वयंसेवकों ने यह संदेश दिया कि प्रकृति का संरक्षण केवल सरकारी योजनाओं से संभव नहीं है, बल्कि समाज की सामूहिक भागीदारी आवश्यक है।
आभार प्रदर्शन के साथ कार्यक्रम का समापन
कार्यक्रम के अंत में ग्राम सचिव लक्ष्मी चंद अमरूते द्वारा उपस्थित सभी अतिथियों, अधिकारियों, एनएसएस पदाधिकारियों, स्वयंसेवकों एवं ग्रामीणजनों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। उन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने में सभी के सहयोग के लिए धन्यवाद दिया तथा भविष्य में भी इसी प्रकार की जनहित एवं पर्यावरण संरक्षण संबंधी गतिविधियों में सहयोग की अपेक्षा व्यक्त की।
इस प्रकार शासकीय महाविद्यालय आठनेर की राष्ट्रीय सेवा योजना की संयुक्त इकाई द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम केवल वृक्षारोपण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसके माध्यम से ग्रामीणों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता पैदा करने का प्रभावी प्रयास किया गया। “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के अंतर्गत लगाए गए 60 पौधे आने वाले समय में ग्राम गोंडी घोघरा के पर्यावरण को हरा-भरा बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। कार्यक्रम ने यह संदेश भी दिया कि यदि प्रत्येक व्यक्ति एक पौधा लगाने के साथ उसकी देखभाल की जिम्मेदारी ले, तो सामूहिक प्रयासों से पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा परिवर्तन लाया जा सकता है।
