मुरैना में दिगंबर जैन संतों का चातुर्मास मंगल कलश स्थापना समारोह 9 अगस्त को, आचार्यश्री उदार सागर जी महाराज ससंघ करेंगे वर्षायोग
श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन पंचायती बड़ा मंदिर में होगा भव्य आयोजन
मुरैना (मनोज जैन नायक)। शहर के श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन पंचायती बड़ा मंदिर में 9 अगस्त को भव्य चातुर्मास मंगल कलश स्थापना समारोह का आयोजन किया जाएगा। यह धार्मिक आयोजन दिगंबर जैनाचार्य, मुनिराज, ऐलक, क्षुल्लक महाराज एवं क्षुल्लिका माताजी के पावन सान्निध्य में संपन्न होगा।
इस अवसर पर परम पूज्य आचार्यश्री उदार सागर जी महाराज अपने संघ के साथ मुरैना में चातुर्मास करेंगे। जैन धर्म में चातुर्मास का विशेष आध्यात्मिक महत्व माना जाता है। वर्षा ऋतु के दौरान साधु-संत एक ही स्थान पर रहकर साधना, स्वाध्याय, तप और धर्मोपदेश के माध्यम से समाज को आध्यात्मिक मार्गदर्शन प्रदान करते हैं।
चातुर्मास से पहले होगा मंगल कलश स्थापना समारोह
चातुर्मास के शुभारंभ से पूर्व मंगल कलश स्थापना की परंपरा जैन समाज में अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। यह अनुष्ठान शुभता, पवित्रता और आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है।
मंगल कलश स्थापना के माध्यम से श्री जिनेंद्र प्रभु का मंगल आह्वान किया जाता है और चातुर्मास स्थल को धार्मिक ऊर्जा से अभिसिंचित करने की भावना की जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इससे वातावरण में शांति, सकारात्मकता और आध्यात्मिक उन्नति का संचार होता है।
चातुर्मास के दौरान श्रद्धालु संतों के सान्निध्य में धर्म आराधना, स्वाध्याय, संयम और साधना का लाभ प्राप्त करते हैं। इसी उद्देश्य से समाज के लोगों में मंगल कलश स्थापना समारोह को लेकर विशेष उत्साह देखा जा रहा है।
आचार्यश्री उदार सागर जी महाराज के सान्निध्य में होंगे धार्मिक अनुष्ठान
मंगल कलश स्थापना समारोह के अवसर पर आचार्यश्री उदार सागर जी महाराज, मुनिश्री उपशांत सागर जी महाराज और संघस्थ संतों के पावन सान्निध्य में धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
कार्यक्रम का शुभारंभ सुबह श्री जिनेंद्र प्रभु के अभिषेक, शांतिधारा और पूजन के साथ होगा। इसके बाद दोपहर 1 बजे से विशाल मंगल कलश स्थापना समारोह आयोजित किया जाएगा।
समारोह में साधर्मी बंधु, मातृशक्ति और युवा वर्ग मंत्रोच्चारण के साथ मंगल कलशों की स्थापना करेंगे। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।

चातुर्मास का धार्मिक महत्व
जैन धर्म में चातुर्मास को त्याग, तपस्या, संयम और आत्मशुद्धि का काल माना जाता है। इस अवधि में साधु-संत एक स्थान पर रहकर गहन साधना करते हैं और अपने प्रवचनों के माध्यम से समाज को धर्म, अहिंसा और सदाचार का संदेश देते हैं।
चातुर्मास के दौरान धार्मिक अध्ययन, ध्यान, पूजा-अर्चना और विभिन्न आध्यात्मिक गतिविधियों का आयोजन किया जाता है। श्रद्धालु भी इस अवधि में व्रत, नियम और धार्मिक कार्यों के माध्यम से आत्मिक उन्नति का प्रयास करते हैं।
मंगल कलश का विशेष महत्व
भारतीय धार्मिक परंपराओं में किसी भी शुभ कार्य से पहले मंगल कलश स्थापना का विशेष महत्व माना गया है। कलश को समृद्धि, शुभता और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है।
चातुर्मास के दौरान मंदिर या संतों के निवास स्थल पर विशेष रूप से निर्मित मंगल कलश स्थापित किए जाते हैं। मान्यता है कि संतों की साधना, मंत्रोच्चारण और धार्मिक आराधना से इन कलशों में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार होता है, जो समाज के लिए कल्याणकारी मानी जाती है।
देशभर से पहुंचेंगे गुरुभक्त
वर्षायोग समिति के मुख्य संयोजक राजेंद्र जैन दयेरी वाले ने बताया कि बड़े जैन मंदिर मुरैना में संत शिरोमणि समाधिस्थ आचार्यश्री विद्यासागर जी महाराज और आचार्यश्री अभिनंदन सागर जी महाराज के शिष्य आचार्यश्री उदार सागर जी महाराज अपने संघ के साथ वर्षायोग के लिए मंगल कलश स्थापना करेंगे।
आचार्यश्री के साथ मुनिश्री उपशांत सागर जी महाराज, ऐलकश्री उत्साह सागर जी महाराज, क्षुल्लकश्री उपकार सागर जी महाराज एवं संघस्थ क्षुल्लिका माताजी भी उपस्थित रहेंगी।
उन्होंने बताया कि यह भव्य आयोजन ब्रह्मचारी प्रदीप जैन “पियूष” भैयाजी (जबलपुर) के मार्गदर्शन में आयोजित किया जाएगा। समारोह में प्रतिष्ठाचार्य संजय शास्त्री (सिहोनिया) और विद्वान नवनीत शास्त्री मुरैना का विशेष सहयोग रहेगा।

धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे आयोजित
मंगल कलश स्थापना समारोह के दौरान विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रम का शुभारंभ मंगलाचरण, ध्वजारोहण, चित्र अनावरण और दीप प्रज्वलन के साथ होगा।
इसके बाद भजन संध्या, धार्मिक प्रस्तुतियां और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। नन्हे-मुन्ने बच्चों द्वारा मनोहारी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जाएंगी।
भजन गायक एवं संगीतकार मनीष जैन एंड पार्टी मुरैना द्वारा भक्तिमय प्रस्तुतियां दी जाएंगी, जिससे श्रद्धालु धर्म और भक्ति के वातावरण में सराबोर होंगे।
समारोह के समापन के बाद उपस्थित श्रद्धालुओं के लिए सामूहिक भोज की व्यवस्था भी की गई है।
आयोजन समिति ने की श्रद्धालुओं से अपील
श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन पंचायती बड़ा मंदिर कमेटी और वर्षायोग समिति ने सभी श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की है।
आयोजकों का कहना है कि यह आयोजन धर्म, साधना और आध्यात्मिक ऊर्जा का विशेष अवसर है, जिसमें समाज के सभी वर्गों की भागीदारी महत्वपूर्ण है।
