डीजल चोरी के शक में चालकों को बंधक बनाकर मारपीट का आरोप, वायरल वीडियो के बाद पुलिस जांच में जुटी
रिपोर्ट – संभागीय ब्यूरो प्रमुख सुनील रैदास दैनिक स्वराज वाणी
शहडोल के बुढार थाना क्षेत्र का मामला, ट्रांसपोर्ट कंपनी संचालकों पर गंभीर आरोप
शहडोल जिले के बुढार थाना क्षेत्र में डीजल चोरी के संदेह को लेकर वाहन चालकों के साथ कथित मारपीट और बंधक बनाए जाने का मामला सामने आया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
पीड़ित चालकों ने आरोप लगाया है कि ट्रांसपोर्ट कंपनी के संचालकों और उनके सहयोगियों ने उन्हें एक कमरे में बंद कर डंडों, मुक्कों और थप्पड़ों से पीटा। आरोप है कि उनसे जबरन डीजल चोरी स्वीकार करवाने का प्रयास किया गया और पूरी घटना का वीडियो भी रिकॉर्ड किया गया।
वायरल वीडियो के बाद सामने आया मामला
जानकारी के अनुसार, यह मामला तब सामने आया जब कथित मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वीडियो वायरल होने के बाद पीड़ित चालकों ने बुढार थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
पीड़ितों का कहना है कि घटना के बाद शिकायत करने पर उन्हें जान से मारने और परिवार को नुकसान पहुंचाने की धमकियां दी गईं। इसी डर के कारण उन्होंने तत्काल पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं कराई।
चालकों ने लगाए बंधक बनाने और मारपीट के आरोप
शिकायत के अनुसार, उमरिया जिले के ग्राम रायपुर निवासी चालक इरशाद मोहम्मद अपने साथियों मुस्तकीम मोहम्मद, सुनील रैदास, रजनीश काछी, शाहिद उर्फ पड्डा सहित अन्य चालकों के साथ बुढार स्थित एक ट्रांसपोर्ट कंपनी पहुंचे थे।
आरोप है कि वहां मौजूद कंपनी संचालकों और उनके साथियों ने सभी चालकों को एक कमरे में बंद कर दिया। इसके बाद उनके साथ कथित रूप से मारपीट की गई।
पीड़ितों ने आरोप लगाया कि उन्हें डीजल चोरी के मामले में फंसाने के लिए जबरन कबूलनामा दिलवाया गया। इसके लिए वीडियो रिकॉर्डिंग भी की गई और कुछ लोगों से कोरे कागजों पर हस्ताक्षर एवं अंगूठे के निशान लिए जाने का आरोप लगाया गया है।
कई लोगों पर लगाए गए आरोप
पीड़ित चालकों ने अब्दुल शफीक खान उर्फ अब्दुल्ला, अब्दुल रफीक खान उर्फ बबलू, अमित गुप्ता, अंजी, जयंत जामवानी, निखिल सेन सहित अन्य लोगों पर मारपीट और दबाव बनाने के आरोप लगाए हैं।
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि कथित वीडियो को बाद में सबूत के रूप में इस्तेमाल करने की योजना थी। हालांकि, पूरे मामले की वास्तविकता पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
पुलिस ने शुरू की वायरल वीडियो की जांच
मामले को लेकर बुढार थाना प्रभारी विनय सिंह ने बताया कि चालकों की शिकायत प्राप्त हो गई है। वायरल वीडियो की सत्यता और लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस वीडियो, शिकायत और संबंधित पक्षों के बयान के आधार पर मामले की पड़ताल कर रही है।
जांच के बाद होगी आगे की कार्रवाई
फिलहाल पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। घटना से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है, ताकि वास्तविक तथ्यों का पता लगाया जा सके। पीड़ित पक्ष ने अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने और मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि जांच पूरी पारदर्शिता के साथ होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाने चाहिए।
मामले से संबंधित आरोपों की पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि घटना में कौन-कौन लोग शामिल थे और उनकी भूमिका क्या थी। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और जांच प्रक्रिया में सहयोग करें।
स्थानीय क्षेत्र में घटना से जुड़ा एक वीडियो वायरल होने के बाद यह मामला चर्चा का विषय बन गया है। वीडियो के सामने आने के बाद लोगों में तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। हालांकि, पुलिस का कहना है कि किसी भी व्यक्ति को कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार नहीं है।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जांच के दौरान यदि कोई व्यक्ति दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार उचित कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की प्राथमिकता क्षेत्र में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखना है। साथ ही, यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि पीड़ितों को आवश्यक सुरक्षा और न्याय मिल सके। मामले की जांच पूरी होने के बाद ही आगे की स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
