शिव मंदिरों में गूंज रहे भजन-कीर्तन, अच्छी बारिश के लिए महिलाओं ने की भगवान शिव से प्रार्थना
संवाददाता :मनोज कुमार पुष्पद
पड़ाना। श्रावण मास के पावन अवसर पर क्षेत्र के शिव मंदिरों में धार्मिक आस्था और भक्ति का वातावरण देखने को मिल रहा है। अच्छी बारिश की कामना को लेकर महिलाएं प्रतिदिन सुबह और शाम मंदिरों में पहुंचकर भजन-कीर्तन कर भगवान शिव की आराधना कर रही हैं। मानसून की धीमी रफ्तार और पर्याप्त वर्षा नहीं होने से किसानों और आम लोगों की चिंता बढ़ गई है। ऐसे में महिलाएं सामूहिक रूप से पूजा-अर्चना कर भगवान भोलेनाथ से अच्छी बारिश की प्रार्थना कर रही हैं।
पंडित आशुतोष व्यास ने बताया कि श्रावण मास भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। इस महीने में सुहागिन महिलाओं द्वारा भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करने से वैवाहिक जीवन में सुख-शांति बनी रहती है और अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि श्रावण मास में श्रद्धा और भक्ति भाव से की गई पूजा का विशेष महत्व होता है।
उन्होंने बताया कि इस वर्ष सावन की शुरुआत में कुछ स्थानों पर हल्की रिमझिम बारिश हुई, लेकिन इसके बाद क्षेत्र में अपेक्षित वर्षा नहीं हो सकी। बारिश की कमी का असर खेती और जनजीवन पर पड़ रहा है। किसानों को फसलों की चिंता सताने लगी है। इसी को देखते हुए महिलाएं मंदिरों में एकत्र होकर भगवान शिव की आराधना कर रही हैं और शीघ्र अच्छी बारिश होने की मंगल कामना कर रही हैं।
क्षेत्र के विभिन्न मंदिरों में नियमित रूप से भजन-कीर्तन का आयोजन किया जा रहा है। गांधी चौक बस स्टैंड स्थित श्रीराम मंदिर नर्मदेश्वर महादेव मंदिर, गुजराती दर्जी समाज श्री राधा-कृष्ण मंदिर, हाट बाजार स्थित श्रीराम शिव मंदिर, सदर बाजार स्थित अंबे माता मंदिर और पटेल मोहल्ला स्थित रामेश्वरम महादेव मंदिर में महिलाएं सुबह और शाम धार्मिक कार्यक्रमों में भाग ले रही हैं।
रामेश्वरम महादेव मंदिर में प्रतिदिन शाम को विशेष रूप से भजन-कीर्तन का आयोजन किया जा रहा है। इसमें महिलाएं पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ भगवान शिव के भजन गाकर वातावरण को भक्तिमय बना रही हैं। महिलाओं का कहना है कि भगवान भोलेनाथ उनकी प्रार्थना स्वीकार करें और क्षेत्र में अच्छी वर्षा हो, जिससे किसानों को राहत मिले और सभी का जीवन खुशहाल हो।
भजन-कीर्तन में शामिल महिलाएं पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ शिव आराधना कर रही हैं। उनका मानना है कि धार्मिक आस्था और सामूहिक प्रार्थना से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। श्रावण मास में शिव भक्ति का यह क्रम क्षेत्र में लोगों के बीच धार्मिक एकता और विश्वास का प्रतीक बन गया है।
बारिश की कमी के कारण किसानों को जिन परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, उसे देखते हुए महिलाओं की यह पहल ग्रामीण समाज में आस्था और सहयोग की भावना को मजबूत कर रही है। मंदिरों में गूंजते शिव भजनों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया है और श्रद्धालु भगवान शिव से जल्द अच्छी बारिश की कामना कर रहे हैं।
