झारखंड छात्र आंदोलन: JPSC-JSSC अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन जारी, देवेंद्र नाथ महतो का अनशन बना मुद्दा
भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी के आरोपों को लेकर 12वें दिन भी धरना जारी
झारखंड में सरकारी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है। JPSC और JSSC-CGL परीक्षाओं में गड़बड़ी, पेपर लीक और भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर रांची में युवाओं का प्रदर्शन तेज होता जा रहा है। छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो के नेतृत्व में चल रहा यह आंदोलन अब राज्य सरकार के लिए राजनीतिक चुनौती बन गया है।
रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से 29 जुलाई 2026 को शुरू हुआ अनिश्चितकालीन धरना 5 अगस्त को 12वें दिन भी जारी रहा। आंदोलनकारी छात्रों ने अपनी मांगों को लेकर सरकार से जल्द निर्णय लेने की मांग की है।
देवेंद्र नाथ महतो का अनशन बना चर्चा का केंद्र
छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने भर्ती परीक्षाओं में सुधार की मांग को लेकर आमरण अनशन शुरू किया था। आंदोलन के दौरान सोनम वांगचुक के आग्रह के बाद उन्होंने पानी ग्रहण किया, हालांकि छात्रों का आंदोलन और मांगें जारी हैं।
प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि जब तक भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता नहीं लाई जाती और उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
छात्रों की प्रमुख मांगें
आंदोलनकारी छात्रों ने सरकार के सामने कई मांगें रखी हैं। इनमें प्रमुख रूप से—
- 14वीं JPSC संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा को रद्द करने की मांग।
- JPSC और JSSC-CGL सहित अन्य भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की CBI और ED से जांच।
- OMR शीट, मुख्य परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाएं और श्रेणीवार कटऑफ सार्वजनिक करने की मांग।
- विवादित परीक्षा एजेंसियों को ब्लैकलिस्ट करने की मांग।
- भर्ती आयोगों में व्यापक सुधार लागू करने की मांग।
छात्रों का आरोप है कि भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता की कमी के कारण योग्य उम्मीदवारों के साथ अन्याय हो रहा है।
जांच में जुटी CID, कई जगह छापेमारी
14वीं JPSC परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही CID ने राज्य के कई जिलों में छापेमारी की है। जांच के दौरान रांची, धनबाद, बोकारो, देवघर, गोड्डा, रामगढ़ और हजारीबाग सहित कई स्थानों पर कार्रवाई की गई।
जांच एजेंसी ने इस दौरान लैपटॉप, मोबाइल फोन, बैंक दस्तावेज, अभ्यर्थियों की OMR शीट की कार्बन कॉपी, एडमिट कार्ड और अन्य दस्तावेज जब्त किए हैं। इनकी तकनीकी और फॉरेंसिक जांच की जा रही है।
इससे पहले भी CID द्वारा JPSC कार्यालय में जांच की जा चुकी है और परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े कुछ लोगों से पूछताछ और गिरफ्तारी की कार्रवाई की गई है।
सरकार बनाएगी उच्चस्तरीय समिति
छात्रों की शिकायतों की समीक्षा के लिए राज्य सरकार उच्चस्तरीय समिति गठित करने की तैयारी में है। सरकार का कहना है कि भर्ती प्रक्रियाओं में निष्पक्षता सुनिश्चित की जाएगी और जांच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होगी।
वहीं विपक्ष इस मुद्दे को लेकर सरकार पर लगातार हमला कर रहा है और युवाओं की मांगों को लेकर सवाल उठा रहा है।
कांग्रेस के लिए भी बढ़ी राजनीतिक चुनौती
झारखंड में सत्तारूढ़ गठबंधन की सहयोगी कांग्रेस के सामने भी यह आंदोलन चुनौती बन गया है। पार्टी सरकार में साझेदार होने के साथ-साथ युवाओं के बीच अपनी छवि बनाए रखना चाहती है।
कांग्रेस नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात कर प्रदर्शनकारियों की समस्याओं पर चर्चा करेगा। पार्टी ने युवा कांग्रेस और NSUI के पदाधिकारियों को भी प्रदर्शनकारियों से संपर्क करने के निर्देश दिए हैं।
कांग्रेस का मानना है कि युवाओं की चिंताओं को नजरअंदाज करने से राजनीतिक नुकसान हो सकता है।
आगे विधानसभा घेराव की तैयारी
आंदोलनकारी छात्रों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द फैसला नहीं लिया गया तो वे झारखंड विधानसभा का घेराव करेंगे। छात्रों ने 6 और 7 अगस्त को बड़े आंदोलन की तैयारी की बात कही है।
अब सभी की नजर सरकार की आगामी कार्रवाई और छात्रों की मांगों पर होने वाले निर्णय पर टिकी हुई है।
