क्षेत्र की सुख-समृद्धि और शांति की कामना लेकर मुकेश कुमावत की 32 किलोमीटर दंडवत यात्रा शुरू
संवाददाता – अर्जुन कुमावत बछोड़िया
ताराखेड़ी से होरी हनुमान जी मंदिर तक आस्था का अनूठा सफर, ग्रामीणों ने किया भव्य स्वागत
Ratlam (ताराखेड़ी-होरी हनुमान जी)। क्षेत्र में सुख-समृद्धि, शांति और विकास की कामना को लेकर रतलाम जिले के ग्राम ताराखेड़ी निवासी मुकेश कुमावत ने एक अनूठी धार्मिक यात्रा प्रारंभ की है। उन्होंने संपूर्ण क्षेत्र के कल्याण और खुशहाली की प्रार्थना के साथ 32 किलोमीटर लंबी दंडवत यात्रा का संकल्प लिया है।
मुकेश कुमावत की यह यात्रा किसी व्यक्तिगत इच्छा या निजी स्वार्थ के लिए नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के लोगों के सुख, शांति और समृद्धि की भावना से की जा रही है। उनकी आस्था और संकल्प को देखकर ग्रामीणों में भी उत्साह और श्रद्धा का वातावरण बना हुआ है।
ताराखेड़ी से शुरू हुई यात्रा, होरी हनुमान जी मंदिर में होगा समापन
रतलाम जिले के ग्राम ताराखेड़ी निवासी मुकेश कुमावत क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना को लेकर 32 किलोमीटर लंबी दंडवत धार्मिक यात्रा पर निकले हैं। उनकी यह यात्रा श्रद्धा, आस्था और सेवा भावना का प्रतीक बनी हुई है। मुकेश कुमावत ने यह संकल्प किसी व्यक्तिगत इच्छा की पूर्ति के लिए नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के कल्याण और लोगों के मंगल की कामना के उद्देश्य से लिया है।
मुकेश कुमावत की दंडवत यात्रा ग्राम ताराखेड़ी से प्रारंभ हुई है। यात्रा का मार्ग कचनारा, सरसोद, निम्बोद, बेहपुर और नांदवेल होते हुए राजस्थान स्थित प्रसिद्ध श्री होरी हनुमान जी मंदिर तक निर्धारित किया गया है। करीब 32 किलोमीटर की इस कठिन धार्मिक यात्रा में वे पूरे मार्ग में दंडवत करते हुए आगे बढ़ रहे हैं और भगवान हनुमान जी से क्षेत्र में सुख, शांति और समृद्धि बनाए रखने की प्रार्थना कर रहे हैं।
यात्रा के दौरान ग्रामीणों में भी विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है। जगह-जगह लोग श्रद्धा के साथ उनका स्वागत कर रहे हैं और उनके संकल्प की सराहना कर रहे हैं। मुकेश कुमावत के साथ ग्रामीण और सहयोगी भी यात्रा को सफल बनाने में जुटे हुए हैं।
आस्था और समर्पण से भरी यह यात्रा क्षेत्र में धार्मिक विश्वास और सामाजिक एकजुटता का संदेश दे रही है। ग्रामीणों का मानना है कि ऐसे धार्मिक प्रयास लोगों में सकारात्मक ऊर्जा और सेवा भावना को बढ़ावा देते हैं।
दिव्यांग भाइयों ने भी बढ़ाया यात्रा का उत्साह
मुकेश कुमावत की 32 किलोमीटर लंबी दंडवत यात्रा में क्षेत्र के लोगों के साथ-साथ दिव्यांग भाइयों की सहभागिता भी विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। ताराखेड़ी निवासी दो दिव्यांग भाई अमृतराम और कमल प्रजापत भी इस धार्मिक यात्रा में पूरे उत्साह, श्रद्धा और समर्पण के साथ शामिल हुए हैं।
दोनों भाई ट्राईसाइकिल के माध्यम से यात्रा में आगे बढ़ रहे हैं और अपनी आस्था एवं भक्ति का परिचय दे रहे हैं। कठिन परिस्थितियों के बावजूद उनका उत्साह और भगवान के प्रति विश्वास सभी के लिए प्रेरणा बन रहा है। उनकी सहभागिता यह संदेश दे रही है कि सच्ची श्रद्धा और मजबूत संकल्प के सामने कोई भी बाधा बड़ी नहीं होती।
यात्रा के दौरान अमृतराम और कमल प्रजापत लगातार मुकेश कुमावत का साथ दे रहे हैं और क्षेत्र की सुख-शांति एवं समृद्धि की कामना में अपनी भागीदारी निभा रहे हैं। ग्रामीण भी दोनों भाइयों के उत्साह और भक्ति भाव की सराहना कर रहे हैं।
इसके अलावा मुकेश कुमावत के छोटे भाई सुरेश कुमावत और उनके मित्र भी इस धार्मिक संकल्प को पूरा कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। वे यात्रा के दौरान आवश्यक सहयोग प्रदान कर रहे हैं, ताकि यह आस्था भरी यात्रा सफलतापूर्वक पूरी हो सके।
सभी सहयोगी मिलकर श्रद्धा और सेवा भावना के साथ इस धार्मिक यात्रा को आगे बढ़ा रहे हैं। यह यात्रा केवल एक धार्मिक संकल्प नहीं, बल्कि आपसी सहयोग, विश्वास और सामाजिक एकता का भी संदेश दे रही है।

गांव-गांव में हो रहा भव्य स्वागत
दंडवत यात्रा के दौरान रास्ते में आने वाले गांवों में ग्रामीणों में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है। लोग श्रद्धा और सम्मान के साथ यात्रा का स्वागत कर रहे हैं।
बेहपुर और चांदाखेड़ी गांव में युवाओं एवं ग्रामीणों ने मुकेश कुमावत का पुष्पमालाओं से स्वागत किया। ग्रामीणों ने उनकी मनोकामना पूर्ण होने और यात्रा सफल होने की कामना की।
इस अवसर पर नानालाल कुमावत, मोहन कुमावत, अनिल भावसार, धर्मपाल और कुलदीप धनगर सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
आस्था और सेवा का संदेश दे रही यात्रा
मुकेश कुमावत की यह दंडवत यात्रा धार्मिक आस्था के साथ-साथ समाज और क्षेत्र के प्रति उनकी भावना को भी दर्शाती है। बिना किसी व्यक्तिगत स्वार्थ के क्षेत्र की खुशहाली के लिए किया जा रहा यह प्रयास ग्रामीणों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।
ग्रामीणों का कहना है कि ऐसी धार्मिक यात्राएं लोगों में सकारात्मक ऊर्जा, एकता और आस्था को मजबूत करती हैं। मुकेश कुमावत का संकल्प कई लोगों के लिए प्रेरणा बन रहा है।
