दतिया उपचुनाव रिजल्ट 2026: कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह की बढ़त मजबूत, 10 राउंड बाद 10 हजार से ज्यादा वोटों की लीड
दतिया। मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव की मतगणना सोमवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच जारी है। शुरुआती उतार-चढ़ाव के बाद अब कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह ने मुकाबले में मजबूत बढ़त बना ली है। 10 राउंड की मतगणना पूरी होने के बाद कांग्रेस उम्मीदवार घनश्याम सिंह 10 हजार से अधिक वोटों से आगे चल रहे हैं, जबकि भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी पिछड़ गए हैं।
दतिया उपचुनाव के नतीजों पर पूरे प्रदेश की नजर बनी हुई है। हालांकि इस चुनाव के परिणाम से प्रदेश की सरकार पर कोई सीधा असर नहीं पड़ेगा, लेकिन राजनीतिक दृष्टि से यह चुनाव भाजपा और कांग्रेस दोनों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
71.44 प्रतिशत हुआ था मतदान
दतिया विधानसभा सीट पर 30 जुलाई 2026 को मतदान हुआ था। इस दौरान मतदाताओं में खासा उत्साह देखने को मिला और कुल 71.44 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। सोमवार सुबह 8 बजे से मतगणना शुरू हुई। राउंडवार सामने आ रहे रुझानों में शुरुआत में भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी ने बढ़त बनाई थी, लेकिन बाद के दौर में कांग्रेस ने वापसी करते हुए बढ़त हासिल कर ली।
शुरुआती बढ़त के बाद पिछड़ी भाजपा
मतगणना के शुरुआती राउंड में भाजपा उम्मीदवार आशुतोष तिवारी आगे चल रहे थे। लेकिन जैसे-जैसे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की ईवीएम खुलती गईं, कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह की स्थिति मजबूत होती गई।
छठे राउंड के बाद कांग्रेस ने बढ़त बनानी शुरू की। इसके बाद सातवें, आठवें और नौवें राउंड में कांग्रेस की बढ़त लगातार बढ़ती चली गई। नौवें राउंड के बाद घनश्याम सिंह करीब 8,400 से अधिक वोटों की बढ़त बना चुके थे। वहीं 10वें राउंड के बाद यह अंतर 10 हजार वोटों से अधिक पहुंच गया।
भाजपा-कांग्रेस के बीच प्रतिष्ठा की लड़ाई
दतिया उपचुनाव को भाजपा और कांग्रेस दोनों के लिए प्रतिष्ठा का सवाल माना जा रहा है। भाजपा ने इस बार युवा नेता आशुतोष तिवारी को मैदान में उतारा है, जबकि कांग्रेस ने अनुभवी नेता घनश्याम सिंह पर भरोसा जताया है।
आजाद समाज पार्टी के दामोदर यादव भी चुनाव मैदान में हैं, जिससे मुकाबला त्रिकोणीय नजर आया। हालांकि मुख्य मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच ही माना जा रहा है।
क्यों हुआ दतिया में उपचुनाव?
दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव की स्थिति 2023 के विधानसभा चुनाव के बाद बनी। उस चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी राजेंद्र भारती ने भाजपा के दिग्गज नेता और पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा को हराया था।
बाद में राजेंद्र भारती की विधानसभा सदस्यता समाप्त होने के कारण यह सीट खाली हो गई और उपचुनाव कराना पड़ा। भाजपा ने इस बार नरोत्तम मिश्रा की जगह नए चेहरे आशुतोष तिवारी को मौका दिया, जबकि कांग्रेस ने घनश्याम सिंह को प्रत्याशी बनाया।
नरोत्तम मिश्रा और भाजपा संगठन के लिए अहम चुनाव
दतिया सीट लंबे समय से भाजपा के प्रभाव वाली सीटों में शामिल रही है। ऐसे में यहां होने वाले उपचुनाव को भाजपा के लिए संगठनात्मक परीक्षा के रूप में देखा जा रहा है। वहीं कांग्रेस के लिए यह सीट अपनी पकड़ मजबूत करने का अवसर मानी जा रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस चुनाव के परिणाम का असर आने वाले विधानसभा चुनावों की रणनीति पर भी पड़ सकता है। खासकर भाजपा संगठन और कांग्रेस नेतृत्व दोनों इस परिणाम को गंभीरता से देखेंगे।
कांग्रेस में भी रही अंदरूनी खींचतान
दतिया चुनाव के दौरान कांग्रेस के अंदर भी मतभेद सामने आए थे। पूर्व विधायक राजेंद्र भारती ने पार्टी और प्रत्याशी को लेकर कई सवाल उठाए थे। उन्होंने भविष्य में अपनी राजनीतिक भूमिका को लेकर भी संकेत दिए थे।
इसके बावजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चुनाव प्रचार में पूरी ताकत लगाई और अब तक की मतगणना में पार्टी उम्मीदवार मजबूत स्थिति में दिखाई दे रहे हैं।
अंतिम परिणाम का इंतजार
फिलहाल मतगणना जारी है और अभी कई राउंड की गिनती बाकी है। कांग्रेस अपनी बढ़त को जीत में बदलने की कोशिश कर रही है, वहीं भाजपा भी अंतिम परिणाम तक मुकाबले में वापसी की उम्मीद लगाए हुए है।
दतिया की जनता ने किस उम्मीदवार पर भरोसा जताया है, इसका अंतिम फैसला सभी राउंड की मतगणना पूरी होने के बाद ही साफ होगा। फिलहाल कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह की बढ़त ने मुकाबले को एकतरफा बना दिया है
