सावन के पहले सोमवार पर भोजपुर मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब, हर-हर महादेव के जयकारों से गूंजा परिसर
संदीप सिंह
जिला संवाददाता भोपाल
तड़के 5 बजे से शुरू हुआ दर्शन और जलाभिषेक का सिलसिला, हजारों श्रद्धालुओं ने किए भगवान भोलेनाथ के दर्शन
भोपाल। पवित्र सावन माह के पहले सोमवार के अवसर पर ऐतिहासिक और प्रसिद्ध भोजपुर शिव मंदिर (भोजेश्वर मंदिर) में आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला। सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। भगवान भोलेनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए भक्तों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं।
सोमवार तड़के करीब 5 बजे से ही पूरा भोजपुर मंदिर क्षेत्र “हर-हर महादेव” और “बम-बम भोले” के जयकारों से गूंज उठा। दूर-दराज के क्षेत्रों से आए श्रद्धालुओं ने श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ भगवान शिव का पूजन-अर्चन किया।
विशेष पूजा-अर्चना और भव्य श्रृंगार
सावन के पहले सोमवार को लेकर मंदिर प्रशासन और व्यवस्थापकों द्वारा विशेष तैयारियां की गई थीं। भगवान शिव के विशाल शिवलिंग को रंग-बिरंगे फूलों, गेंदे की मालाओं और आकर्षक पुष्प सज्जा से भव्य रूप से सजाया गया।
सुबह मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना के साथ भस्म और जल से अभिषेक किया गया। इसके बाद भगवान भोलेनाथ की विशेष आरती संपन्न हुई और मंदिर के पट आम श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए।
आरती के बाद भक्तों ने कतारबद्ध होकर भगवान शिव को जल, दूध, बेलपत्र और पूजा सामग्री अर्पित की। मंदिर परिसर में पूरे दिन धार्मिक उत्साह और भक्ति का वातावरण बना रहा।
श्रद्धालुओं में दिखा जबरदस्त उत्साह
सावन सोमवार को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला। युवा, महिलाएं और बुजुर्ग सभी भगवान शिव के दर्शन के लिए सुबह से ही मंदिर पहुंचने लगे थे।
कई भक्त हाथों में जल कलश, दूध, बेलपत्र और पूजा की थाली लेकर अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए। बड़ी संख्या में श्रद्धालु ऐसे भी थे, जो दूर-दराज के क्षेत्रों से रात में ही भोजपुर पहुंच गए थे, ताकि सुबह भगवान भोलेनाथ का दर्शन कर सकें।
भक्तों का कहना था कि सावन के सोमवार को भगवान शिव की पूजा और जलाभिषेक करने से विशेष पुण्य प्राप्त होता है। इसी आस्था के चलते हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु भोजेश्वर मंदिर पहुंचते हैं।

सुरक्षा और व्यवस्था के किए गए विशेष इंतजाम
श्रद्धालुओं की भारी संख्या को देखते हुए पुलिस प्रशासन और मंदिर समिति द्वारा सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। मंदिर परिसर में भीड़ नियंत्रण के लिए अलग-अलग कतारों और बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई।
श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए व्यवस्थापकों और सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया गया था। पुलिस बल लगातार मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में निगरानी करता रहा।
प्रशासन का उद्देश्य था कि सभी श्रद्धालु शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से भगवान भोलेनाथ के दर्शन और जलाभिषेक कर सकें।
भोजेश्वर मंदिर का धार्मिक महत्व
भोजपुर स्थित भोजेश्वर मंदिर भगवान शिव को समर्पित भारत के प्रसिद्ध प्राचीन मंदिरों में से एक है। यहां स्थापित विशाल शिवलिंग श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है।
सावन माह में इस मंदिर का महत्व और अधिक बढ़ जाता है। देश के विभिन्न क्षेत्रों से शिवभक्त यहां पहुंचकर भगवान भोलेनाथ की पूजा-अर्चना करते हैं।
पहले सोमवार के अवसर पर मंदिर में उमड़ी भीड़ ने एक बार फिर साबित किया कि भगवान शिव के प्रति श्रद्धालुओं की आस्था कितनी गहरी है।
भक्ति और आस्था से सराबोर रहा भोजपुर
सावन के पहले सोमवार पर भोजपुर मंदिर परिसर में सुबह से शाम तक भक्तिमय माहौल बना रहा। हर ओर शिवभक्ति के स्वर सुनाई दिए और श्रद्धालु भोलेनाथ की आराधना में लीन नजर आए।
मंदिर प्रशासन और पुलिस की बेहतर व्यवस्था के कारण श्रद्धालुओं ने सुचारु रूप से दर्शन किए। आस्था, भक्ति और अनुशासन के साथ सावन सोमवार का धार्मिक आयोजन संपन्न हुआ।
