40 दिवसीय अखंड जाप अनुष्ठान का समापन, नागदा में 25 से 28 अक्टूबर तक होगा 24 कुंडीय गायत्री महायज्ञ
शांतिकुंज हरिद्वार के मार्गदर्शन में हुआ संकल्प समारोह, श्रद्धालुओं ने निभाई सक्रिय सहभागिता
Nagda । अखिल विश्व गायत्री परिवार के तत्वावधान में शांतिकुंज हरिद्वार के मार्गदर्शन में आयोजित 40 दिवसीय अखंड जाप अनुष्ठान का विधिवत समापन गायत्री शक्तिपीठ नागदा पर श्रद्धा और भक्ति के वातावरण में हुआ। गायत्री जयंती के पावन अवसर से प्रारंभ हुए इस आध्यात्मिक अनुष्ठान की पूर्णाहुति रविवार को संकल्प समारोह के साथ संपन्न हुई।
समापन अवसर पर 24 कलशों का विधिविधान से पूजन किया गया। इसके साथ ही भगवान शिव का अभिषेक, यज्ञ एवं अन्य धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में गायत्री परिवार से जुड़े बड़ी संख्या में परिजनों ने उपस्थित होकर अपनी आस्था और श्रद्धा प्रकट की। पूरे आयोजन के दौरान मंत्रोच्चार, भक्ति भाव और आध्यात्मिक ऊर्जा का वातावरण बना रहा।
गायत्री शक्तिपीठ नागदा में आयोजित इस अनुष्ठान का उद्देश्य समाज में आध्यात्मिक चेतना, सकारात्मक विचारों और संस्कारों का प्रसार करना रहा। 40 दिनों तक लगातार चले अखंड जाप में गायत्री परिवार के कार्यकर्ताओं और साधकों ने नियमित रूप से सहभागिता निभाई तथा विश्व कल्याण, मानव उत्थान और समाज में सद्भाव की भावना के लिए प्रार्थना की।
25 से 28 अक्टूबर तक होगा 24 कुंडीय गायत्री महायज्ञ
गायत्री परिवार की कार्यकर्ता मुमता बैरागी ने बताया कि अखंड जाप अनुष्ठान की पूर्णाहुति के बाद अब नागदा में भव्य 24 कुंडीय गायत्री महायज्ञ की तैयारियां प्रारंभ कर दी गई हैं। यह महायज्ञ 25 अक्टूबर से 28 अक्टूबर तक नागदा जंक्शन की दुर्गापुरा कॉलोनी में आयोजित किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि महायज्ञ को लेकर गायत्री परिवार के कार्यकर्ताओं द्वारा विभिन्न स्तरों पर तैयारियां की जा रही हैं। आयोजन स्थल की व्यवस्था, श्रद्धालुओं की सहभागिता, धार्मिक कार्यक्रमों की रूपरेखा और जनसंपर्क अभियान को लेकर कार्य तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।
24 कुंडीय गायत्री महायज्ञ को केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज में जागरूकता और संस्कार निर्माण का अभियान बताया जा रहा है। गायत्री परिवार का मानना है कि यज्ञ भारतीय संस्कृति की प्राचीन परंपरा है, जो वातावरण की शुद्धि के साथ-साथ व्यक्ति के विचारों और जीवन मूल्यों को भी सकारात्मक दिशा प्रदान करता है।

Nagda से शुरू होगा महाअभियान, 11 क्षेत्रों में होंगे आयोजन
मुमता बैरागी ने बताया कि 24 कुंडीय गायत्री महायज्ञों की श्रृंखला की शुरुआत नागदा से होगी। इसके बाद ग्रामीण क्षेत्रों सहित कुल 11 विभिन्न क्षेत्रों में भी इसी प्रकार के महायज्ञ आयोजित किए जाएंगे।
इन आयोजनों का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों तक आध्यात्मिक चेतना, संस्कार और जनजागरण का संदेश पहुंचाना है। गायत्री परिवार द्वारा समाज के प्रत्येक वर्ग को इस अभियान से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि लोगों में नैतिक मूल्यों, सेवा भावना और सकारात्मक सोच का विकास हो सके।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में समाज को अच्छे संस्कारों, संयमित जीवनशैली और सकारात्मक विचारों की आवश्यकता है। ऐसे धार्मिक और सामाजिक आयोजन लोगों को आत्मचिंतन करने तथा अपने जीवन में श्रेष्ठ विचारों को अपनाने की प्रेरणा देते हैं।

अखंड जाप से मिला साधना और सेवा का संदेश
40 दिवसीय अखंड जाप अनुष्ठान के दौरान गायत्री परिवार के साधकों ने नियमित साधना करते हुए आध्यात्मिक अनुशासन का परिचय दिया। अनुष्ठान में शामिल सभी साधकों ने श्रद्धा और समर्पण के साथ मंत्र जाप किया।
गायत्री परिवार के अनुसार, अखंड जाप केवल धार्मिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह आत्मशुद्धि, विचारों की सकारात्मकता और समाज कल्याण की भावना को मजबूत करने का माध्यम है। इस प्रकार के आयोजन व्यक्ति को अपने भीतर श्रेष्ठ गुणों को विकसित करने और समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने की प्रेरणा देते हैं।
पूर्णाहुति कार्यक्रम में शामिल श्रद्धालुओं ने भी इस अनुष्ठान को जीवन में सकारात्मक ऊर्जा देने वाला अनुभव बताया। उपस्थित लोगों ने भविष्य में होने वाले महायज्ञों में भी सक्रिय भागीदारी का संकल्प लिया।

सहयोग करने वाले सभी परिजनों का जताया आभार
मुमता बैरागी ने 40 दिवसीय अखंड जाप अनुष्ठान को सफल बनाने में सहयोग करने वाले सभी भाई-बहनों और गायत्री परिवार के कार्यकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि समाज हित के श्रेष्ठ कार्यों के लिए परमात्मा स्वयं मनुष्यों का चयन करते हैं। गायत्री परिवार के माध्यम से किए जा रहे सभी कार्यों का उद्देश्य मानव कल्याण और समाज में अच्छे विचारों का प्रसार करना है।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति यदि अपने जीवन में सेवा, सदाचार और संस्कारों को स्थान देता है तो समाज में सकारात्मक परिवर्तन संभव है। इसी भावना के साथ गायत्री परिवार लगातार विभिन्न आध्यात्मिक और सामाजिक गतिविधियों का संचालन कर रहा है।
“मनुष्य में देवत्व का उदय और धरती पर स्वर्ग का अवतरण” है उद्देश्य
गायत्री परिवार का मूल उद्देश्य “मनुष्य में देवत्व का उदय एवं धरती पर स्वर्ग का अवतरण” है। इसी विचार को लेकर संगठन द्वारा देशभर में विभिन्न अभियान चलाए जा रहे हैं।
मुमता बैरागी ने बताया कि गायत्री परिवार द्वारा घर-घर यज्ञ, घर-घर संस्कार, प्रत्येक विद्यालय में शिक्षा के साथ विद्या तथा प्रत्येक मंदिर को जनजागरण का केंद्र बनाने का अभियान संचालित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ी को संस्कारवान, तेजस्वी और चरित्रवान बनाना आज की आवश्यकता है। बच्चों और युवाओं में नैतिक शिक्षा, अनुशासन और जिम्मेदारी की भावना विकसित करने के लिए समाज के हर वर्ग को आगे आना होगा।
भावनाशील और प्रतिभाशाली लोगों से सहभागिता का आह्वान
प्रस्तावित 24 कुंडीय गायत्री महायज्ञों को सफल बनाने के लिए गायत्री परिवार ने भावनाशील, सेवाभावी और प्रतिभाशाली लोगों से सक्रिय सहयोग की अपील की है।
परिवार की ओर से कहा गया कि ऐसे आयोजन तभी सफल होते हैं जब समाज के लोग मिलकर अपनी जिम्मेदारी निभाते हैं। यज्ञ और संस्कार अभियान के माध्यम से समाज में एकता, सद्भाव और मानव सेवा की भावना को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।
नागदा में होने वाला 24 कुंडीय गायत्री महायज्ञ आध्यात्मिक चेतना और सामाजिक जागरण का महत्वपूर्ण केंद्र बनने की उम्मीद है। गायत्री परिवार के कार्यकर्ता इस आयोजन को सफल बनाने के लिए पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ जुटे हुए हैं।
संवाददाता
जीवनलाल जैन, नागदा
संपर्क: 9179662633
