धर्म नगरी थांदला में इतिहास रचेगा चातुर्मास, 2 अगस्त को होगा भव्य कलश स्थापना महोत्सव
जीवनलाल जैन की रिपोर्ट।
17 वर्षों बाद तपस्वी संतों के चातुर्मास को लेकर जैन समाज में उत्साह, मेट्रो गार्डन में होगा भव्य धार्मिक आयोजन
Thandla । धर्म नगरी थांदला के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। परम पूज्य महातपस्वी आचार्य श्री 108 कुंथुसागरजी महाराज के महामना महान तपस्वी संत आचार्य पूज्य श्री 108 कुशाग्रनन्दीजी महाराज आदि ससंघ के चातुर्मास वर्ष 2026 का भव्य शुभारंभ होने जा रहा है।
चातुर्मास कलश स्थापना महोत्सव का आयोजन रविवार 2 अगस्त 2026 को थांदला में श्रद्धा, भक्ति और धार्मिक उत्साह के साथ किया जाएगा। लंबे अंतराल के बाद तपस्वी संतों के चातुर्मास आगमन को लेकर सकल दिगंबर जैन समाज सहित पूरे क्षेत्र में हर्ष और आध्यात्मिक वातावरण बना हुआ है।
17 वर्षों बाद ऐतिहासिक धार्मिक आयोजन
आयोजन समिति के अनुसार लगभग 17 वर्षों बाद थांदला में महामना तपस्वी संतों के चातुर्मास का यह विशेष अवसर प्राप्त हुआ है। इसी कारण समाज के लोगों में इस आयोजन को लेकर विशेष उत्साह दिखाई दे रहा है।
श्रद्धालुओं का मानना है कि संतों के सानिध्य में होने वाले धार्मिक कार्यक्रमों से समाज में धर्म, संस्कार, संयम और आध्यात्मिक चेतना का प्रसार होता है।
चातुर्मास काल जैन परंपरा में विशेष महत्व रखता है। इस दौरान साधु-संत एक स्थान पर रहकर धर्म उपदेश, आत्मचिंतन, तप और साधना के माध्यम से समाज को आध्यात्मिक मार्गदर्शन प्रदान करते हैं।
दोपहर 1:30 बजे होगा कलश स्थापना समारोह
आयोजन समिति ने बताया कि भव्य कलश स्थापना महोत्सव का शुभारंभ रविवार को दोपहर 1:30 बजे थांदला स्थित मेट्रो गार्डन में किया जाएगा।
कार्यक्रम में धार्मिक अनुष्ठान, मंगलाचरण, पूजन विधि और आध्यात्मिक प्रवचनों का आयोजन होगा। संतों के मुखारविंद से धर्म, तप, त्याग और आत्मकल्याण का संदेश श्रद्धालुओं तक पहुंचेगा।
आयोजकों को उम्मीद है कि इस ऐतिहासिक धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होकर धर्म लाभ प्राप्त करेंगे।
धर्म, तप और आत्मकल्याण का मिलेगा संदेश
चातुर्मास के शुभारंभ अवसर पर होने वाले कार्यक्रमों में धर्म के मूल सिद्धांतों और जीवन में आध्यात्मिक मूल्यों के महत्व पर प्रकाश डाला जाएगा।
आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि संतों के प्रवचन से लोगों को जीवन में संयम, सदाचार और आत्मिक शांति की प्रेरणा मिलेगी।
उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन केवल धार्मिक कार्यक्रम नहीं होते, बल्कि समाज को एकजुट करने और संस्कारों को मजबूत करने का माध्यम भी बनते हैं।
व्यापक तैयारियों में जुटा आयोजन समिति
भव्य आयोजन को सफल बनाने के लिए आयोजन समिति लगातार तैयारियों में जुटी हुई है।
समिति के अध्यक्ष अरुण कोठारी (बाला सेठ), उपाध्यक्ष पारस मेहता, कोषाध्यक्ष इन्द्रवदन मेहता तथा कर्मठ कार्यकर्ता विजय भीमावत सहित समाज के पदाधिकारी और कार्यकर्ता व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में लगे हुए हैं।
कार्यक्रम स्थल पर श्रद्धालुओं की सुविधा, बैठने की व्यवस्था, धार्मिक आयोजन और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को लेकर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
श्रद्धालुओं के लिए महाप्रसाद की व्यवस्था
आयोजन समिति ने बताया कि कार्यक्रम में शामिल होने वाले सभी श्रद्धालुओं के लिए महाप्रसाद (भोजन) की समुचित व्यवस्था की गई है।
समाज के पदाधिकारियों ने कहा कि बाहर से आने वाले धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
समाज ने की अधिक से अधिक उपस्थिति की अपील
सकल दिगंबर जैन समाज, थांदला ने सभी धर्मप्रेमी बंधुओं से इस ऐतिहासिक धार्मिक आयोजन में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की है।
समाज की ओर से कहा गया कि यह अवसर लंबे समय बाद प्राप्त हुआ है, इसलिए सभी श्रद्धालु परिवार सहित उपस्थित होकर संतों का आशीर्वाद प्राप्त करें और चातुर्मास कलश स्थापना महोत्सव को सफल बनाएं।
Thandla में बनेगा आध्यात्मिक वातावरण
चातुर्मास कलश स्थापना महोत्सव को लेकर पूरे थांदला नगर में धार्मिक उत्साह का माहौल है। मंदिरों और जैन समाज के बीच आयोजन को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं।
श्रद्धालुओं को विश्वास है कि आचार्य श्री कुशाग्रनन्दीजी महाराज आदि ससंघ के सानिध्य में होने वाला यह चातुर्मास थांदला के धार्मिक इतिहास में एक यादगार अध्याय साबित होगा।
