आलीराजपुर में 160 जब्त वाहनों की हुई नीलामी, शासन को ₹22.18 लाख का राजस्व प्राप्त
दैनिक स्वराज वाणी रिपोर्टर खलील मंसूरी
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पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त कार्रवाई, वर्षों से थानों में खड़े जब्त वाहनों का हुआ विधिसम्मत निराकरण
Alirajpur। जिला पुलिस एवं राजस्व विभाग की संयुक्त पहल के तहत वर्षों से विभिन्न थानों में रखे जब्त वाहनों के निराकरण के लिए चलाए गए विशेष अभियान के अंतर्गत 160 वाहनों की सार्वजनिक नीलामी सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इस नीलामी से शासन को ₹22 लाख 18 हजार 500 का राजस्व प्राप्त हुआ। अधिकारियों के अनुसार इस कार्रवाई से न केवल सरकारी राजस्व में वृद्धि हुई, बल्कि थाना परिसरों में लंबे समय से घेरकर खड़े जब्त वाहनों से अतिरिक्त स्थान भी खाली हुआ।
छह थानों के वाहनों की हुई नीलामी
विशेष अभियान के तहत जिले के छह पुलिस थानों में वर्षों से रखे अपराधों एवं पुलिस एक्ट के तहत जब्त वाहनों की नियमानुसार सार्वजनिक नीलामी की गई।
राजस्व अनुभाग आलीराजपुर के अंतर्गत कोतवाली आलीराजपुर, आंबुआ और नानपुर, जबकि राजस्व अनुभाग जोबट के अंतर्गत जोबट, आजादनगर और उदयगढ़ थानों में रखे वाहनों को नीलामी प्रक्रिया में शामिल किया गया।

वैधानिक प्रक्रिया के बाद हुई कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक रघुवंश सिंह ने बताया कि जब्त वाहनों के कारण थाना परिसरों में जगह की कमी के साथ-साथ प्रशासनिक और अभिलेखीय कार्यों में भी कठिनाई हो रही थी। इसे देखते हुए पुलिस एवं राजस्व विभाग ने संयुक्त रूप से विशेष अभियान चलाया।
उन्होंने बताया कि नीलामी से पहले जिला दंडाधिकारी के माध्यम से संबंधित वाहन स्वामियों को नियमानुसार अधिसूचनाएं जारी कर अपने वाहन प्राप्त करने का पर्याप्त अवसर दिया गया। निर्धारित अवधि तक किसी भी वाहन पर दावा नहीं किए जाने के बाद विधिक प्रावधानों के तहत समाचार पत्रों में सार्वजनिक निविदा प्रकाशित कर खुली नीलामी आयोजित की गई।
पारदर्शी तरीके से संपन्न हुई नीलामी
अधिकारियों ने बताया कि जब्त वाहनों की नीलामी पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत संपन्न कराई गई। नीलामी में भाग लेने के इच्छुक व्यक्तियों से पहले निर्धारित शुल्क जमा कराया गया, जिसके बाद उन्हें टोकन जारी किए गए। इसके पश्चात खुली बोली की प्रक्रिया अपनाई गई, जिसमें सभी प्रतिभागियों को समान अवसर प्रदान किया गया। सबसे अधिक बोली लगाने वाले बोलीदाता को नियमानुसार वाहन आवंटित किए गए। प्रशासन का कहना है कि पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक औपचारिकताओं और वैधानिक प्रावधानों का पालन किया गया।
किस थाने से कितना मिला राजस्व
नीलामी के दौरान विभिन्न थानों से शासन को निम्नानुसार राजस्व प्राप्त हुआ—
- थाना कोतवाली आलीराजपुर: 75 वाहन, ₹12,15,500
- थाना आंबुआ: 10 वाहन, ₹1,20,000
- थाना नानपुर: 2 वाहन, ₹36,000
- थाना जोबट: 38 वाहन, ₹3,61,000
- थाना उदयगढ़: 30 वाहन, ₹3,76,500
- थाना आजादनगर: 5 वाहन, ₹1,09,500
इन सभी को मिलाकर 160 वाहनों की नीलामी से कुल ₹22,18,500 का राजस्व शासन के खाते में जमा हुआ।

थाना परिसरों में खाली हुई जगह
पुलिस अधीक्षक रघुवंश सिंह ने कहा कि संयुक्त कार्रवाई के माध्यम से वर्षों से लंबित जब्त वाहनों का विधिसम्मत निराकरण किया गया है। इससे शासन को राजस्व प्राप्त होने के साथ-साथ थाना परिसरों में अतिरिक्त स्थान भी उपलब्ध हुआ है, जिससे भविष्य में प्रशासनिक कार्यों को बेहतर ढंग से संचालित किया जा सकेगा।
उन्होंने बताया कि यह कार्रवाई अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ज्योति उमठ बघेल, एसडीओपी आलीराजपुर डॉ. शक्तिसिंह चौहान, एसडीओपी जोबट आशुतोष तथा राजस्व विभाग के अधिकारियों के समन्वय से संपन्न कराई गई।
प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण पहल
जिला प्रशासन के अनुसार जब्त वाहनों के मामलों का समय पर निराकरण प्रशासनिक व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। लंबे समय से विभिन्न थानों में खड़े वाहनों के कारण जहां स्थान की समस्या उत्पन्न हो रही थी, वहीं इनके रखरखाव, सुरक्षा और देखरेख पर भी अतिरिक्त संसाधनों की आवश्यकता पड़ती थी। नीलामी जैसी प्रक्रिया के माध्यम से ऐसे लंबित मामलों का विधिसम्मत समाधान किया जा रहा है।
अधिकारियों का कहना है कि इस प्रकार की कार्रवाई से पुलिस थानों में अनावश्यक रूप से रखे वाहनों की संख्या कम होती है और उपलब्ध स्थान का बेहतर उपयोग किया जा सकता है। इसके साथ ही शासन को राजस्व की प्राप्ति भी होती है, जिसका उपयोग जनहित से जुड़े कार्यों में किया जा सकता है।
जिला प्रशासन ने बताया कि भविष्य में भी जब्त वाहनों और अन्य लंबित मामलों के त्वरित निराकरण के लिए नियमानुसार अभियान चलाए जाएंगे। प्रशासन का उद्देश्य लंबित प्रकरणों को समय सीमा में निपटाना, पारदर्शी प्रक्रियाओं को बढ़ावा देना और सरकारी संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करना है।

