कपिलेश्वर राम नाम बैंक में गूंज रहा राम नाम का जाप, 5 करोड़ से अधिक नाम हुए जमा
मनोज कुमार पुष्पद की रिपोर्ट
श्रावण माह के बाद अयोध्या की राम-राम सेंट्रल बैंक में भेजे जाएंगे लिखित राम नाम
सारंगपुर। धार्मिक आस्था और भक्ति भावना के केंद्र कपिलेश्वर तीर्थ धाम में स्थापित राम नाम बैंक इन दिनों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बनी हुई है। यहां प्रतिदिन भक्त श्रद्धा भाव से राम नाम लिखकर बैंक में जमा कर रहे हैं। अब तक इस राम नाम बैंक में 5 करोड़ से अधिक राम नाम जमा हो चुके हैं और यह धार्मिक अभियान निरंतर जारी है।
कपिलेश्वर तीर्थ विकास एवं भजन मंडल द्वारा कपिलेश्वर तीर्थ स्थल पर अखंड रामायण पाठ, गौशाला सेवा और पर्यावरण संरक्षण के लिए वृक्षारोपण जैसे धार्मिक एवं सामाजिक कार्य लगातार किए जा रहे हैं। इसी सेवा और भक्ति की श्रृंखला में राम नाम बैंक की स्थापना की गई, जहां श्रद्धालु नियमित रूप से राम नाम लेखन कर अपनी आस्था अर्पित कर रहे हैं।
रामायण मंदिर में स्थापित है राम नाम बैंक
कपिलेश्वर तीर्थ क्षेत्र स्थित रामायण मंदिर में स्थापित राम नाम बैंक में भक्त अपने हाथों से राम नाम लिखकर जमा करते हैं। समिति के अनुसार, यह कार्य प्रतिदिन जारी है और बड़ी संख्या में श्रद्धालु इसमें भाग ले रहे हैं।
कपिलेश्वर तीर्थ विकास समिति के अध्यक्ष कुमेर सिंह सोलंकी ने बताया कि राम नाम लेखन का अभियान लगातार चल रहा है। भक्तों में इसे लेकर विशेष उत्साह देखा जा रहा है और बड़ी संख्या में लोग अपनी श्रद्धा के रूप में राम नाम लिखकर बैंक में जमा कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि अब तक करोड़ों की संख्या में राम नाम इस बैंक में जमा हो चुके हैं। आने वाले समय में भी इस अभियान को व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।
कलयुग में राम नाम ही सबसे बड़ा सहारा
कपिलेश्वर तीर्थ विकास समिति के सचिव कैलाश शर्मा ने राम नाम के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में भगवान राम का नाम जीवन को सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक शक्ति प्रदान करता है।
उन्होंने कहा कि गोस्वामी तुलसीदास जी ने भी रामचरितमानस में लिखा है —
“कलयुग केवल नाम आधारा,
सुमिरि सुमिरि नर उतरहि पारा।”
उन्होंने श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि दैनिक जीवन में भगवान राम का स्मरण करें और समय मिलने पर राम नाम लिखकर इस धार्मिक अभियान में सहभागी बनें।
अयोध्या की राम-राम सेंट्रल बैंक में जमा होंगे राम नाम
समिति की ओर से निर्णय लिया गया है कि श्रावण माह के बाद राम नाम बैंक में जमा हुए राम नाम को एकत्रित कर अयोध्या स्थित राम-राम सेंट्रल बैंक में जमा कराया जाएगा।
इसके लिए धर्मप्रेमी नागरिकों और श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे अधिक से अधिक संख्या में राम नाम लेखन अभियान से जुड़ें और इस धार्मिक कार्य में अपनी सहभागिता निभाएं।
धर्म और मानव कल्याण का संदेश
राम नाम बैंक का उद्देश्य केवल धार्मिक गतिविधि तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से लोगों में आध्यात्मिक चेतना, संस्कार और धर्म के प्रति समर्पण की भावना को बढ़ावा देना है।
समिति सदस्यों का कहना है कि भारतीय परंपरा में नाम स्मरण को आत्मिक शांति और मानव कल्याण का मार्ग माना गया है। राम नाम लेखन से व्यक्ति में सकारात्मक सोच, अनुशासन और भक्ति भावना का विकास होता है।
कपिलेश्वर तीर्थ धाम में चल रहे इस अभियान से क्षेत्र के श्रद्धालुओं में उत्साह का वातावरण है। भक्तों का मानना है कि राम नाम का यह संकल्प समाज में धार्मिक जागृति और संस्कारों के संरक्षण का माध्यम बनेगा।
समिति ने सभी धर्मप्रेमी नागरिकों से अपील की है कि वे राम नाम लेखन अभियान में जुड़कर इस पुण्य कार्य में अपना योगदान दें। उनका कहना है कि जो मानव धर्म की रक्षा करता है, धर्म भी उसकी रक्षा करता है। इसी संकल्प के साथ कपिलेश्वर राम नाम बैंक का संचालन किया जा रहा है।
