गुरुवंदना से गूंजा सांदीपनि विद्यालय, गुरु पूर्णिमा पखवाड़े का हुआ भव्य समापन
उत्कृष्ट शिक्षकों और मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान, गुरु-शिष्य परंपरा को किया नमन
मनोज कुमार पुष्पद की रिपोर्ट
पड़ाना। सांदीपनि विद्यालय मऊ में बुधवार को गुरु पूर्णिमा पखवाड़े का समापन श्रद्धा, सम्मान और सांस्कृतिक गरिमा के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर विद्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में गुरु-शिष्य परंपरा के महत्व को रेखांकित करते हुए शिक्षा, संस्कार और अनुशासन के मूल्यों का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले शिक्षकों एवं बेहतर प्रदर्शन करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।
गुरु पूर्णिमा पखवाड़े के समापन समारोह में विद्यालय परिसर में उत्साह और आध्यात्मिक वातावरण देखने को मिला। विद्यार्थियों ने गुरु वंदना एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपने शिक्षकों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त की। कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों ने विद्यार्थियों को जीवन में गुरु के मार्गदर्शन का महत्व समझाया और निरंतर मेहनत के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
दीप प्रज्वलन और गुरु वंदना से हुआ शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन कर किया गया। इसके बाद विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत गुरु वंदना ने पूरे विद्यालय परिसर को भक्तिमय बना दिया। गुरु वंदना के माध्यम से विद्यार्थियों ने अपने जीवन में शिक्षकों के योगदान और मार्गदर्शन के प्रति सम्मान प्रकट किया।
कार्यक्रम में अतिथियों ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान सर्वोच्च माना गया है। गुरु केवल शिक्षा देने का कार्य नहीं करते, बल्कि वे विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण, संस्कारों के विकास और भविष्य को दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उत्कृष्ट शिक्षकों और मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान
समारोह के दौरान शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया गया। साथ ही बोर्ड परीक्षाओं एवं वार्षिक परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को शील्ड और प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए।
अतिथियों ने सम्मानित विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि सफलता का आधार नियमित अध्ययन, अनुशासन और मेहनत है। उन्होंने विद्यार्थियों से लक्ष्य निर्धारित कर पूरी लगन के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।
विद्यालय प्रबंधन ने बताया कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें शिक्षा के प्रति प्रेरित करते हैं। सम्मान समारोह से विद्यार्थियों में प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित होती है और वे बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित होते हैं।

गुरु ही दिखाते हैं जीवन की सही दिशा
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला सोशल मीडिया प्रभारी लोकेंद्र गुर्जर ने गुरु-शिष्य परंपरा के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि गुरु विद्यार्थी के जीवन में मार्गदर्शक की भूमिका निभाते हैं। गुरु के ज्ञान और संस्कारों से ही विद्यार्थी अपने जीवन में सफलता के मार्ग पर आगे बढ़ता है।
उन्होंने कहा कि केवल किताबी ज्ञान ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि अच्छे संस्कार, नैतिक मूल्य और अनुशासन भी जीवन में सफलता के लिए आवश्यक हैं। शिक्षक विद्यार्थियों के अंदर छिपी प्रतिभा को पहचानकर उसे निखारने का कार्य करते हैं।
मुख्य अतिथि मनोहर सिंह परमार ने कहा कि शिक्षक समाज निर्माण के महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को गुरु के प्रति सम्मान, कृतज्ञता और सदाचार बनाए रखने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार प्राप्त करना नहीं, बल्कि एक अच्छे नागरिक का निर्माण करना भी है।
शिक्षा और संस्कारों पर दिया गया जोर
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि आज के समय में विद्यार्थियों के लिए शिक्षा के साथ संस्कारों का होना भी बेहद जरूरी है। गुरु अपने अनुभव और ज्ञान से विद्यार्थियों को जीवन की कठिन परिस्थितियों का सामना करने के लिए तैयार करते हैं।
उन्होंने कहा कि गुरु पूर्णिमा केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि उन सभी शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त करने का अवसर है, जिन्होंने जीवन को नई दिशा दी है। विद्यार्थियों को अपने शिक्षकों के बताए मार्ग पर चलते हुए जीवन में सफलता प्राप्त करने का प्रयास करना चाहिए।
जनप्रतिनिधियों और विद्यालय परिवार की रही उपस्थिति
कार्यक्रम में भाजपा जिला मंत्री मनोहर सिंह परमार, सरपंच इंस मंसूरी, भाजपा ग्रामीण मंडल अध्यक्ष रोखर राम, मंडल महामंत्री जगदौरा, जनपद सदस्य प्रतिनिधि फतेह सिंह राजपूत, जिला सोशल मीडिया प्रभारी लोकेंद्र गुर्जर और विकासखंड शिक्षा अधिकारी मुरेरा बिरमाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
इसके अलावा विद्यालय के प्राचार्य एसएल भारतीय, जावेद बैग मिर्जा, विजय सिंह मेहंडिया, योगेश सिसोदिया, राजेश परमार, भोजराज परचार सहित शिक्षकगण, छात्र-छात्राएं और विद्यालय परिवार के सदस्य मौजूद रहे।
विद्यार्थियों ने लिया आगे बढ़ने का संकल्प
समापन अवसर पर विद्यार्थियों ने शिक्षा के प्रति समर्पण और नियमित अध्ययन का संकल्प लिया। उन्होंने अपने शिक्षकों के मार्गदर्शन में आगे बढ़ते हुए जीवन में सफलता प्राप्त करने की प्रतिबद्धता जताई।
कार्यक्रम का संचालन लक्ष्मीनारायण सूर्यवंशी ने किया। विद्यालय परिवार की ओर से सभी अतिथियों का स्वागत एवं आभार व्यक्त किया गया।
गुरु पूर्णिमा पखवाड़े का यह समापन समारोह विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायी रहा। कार्यक्रम ने गुरु-शिष्य संबंधों की गरिमा, शिक्षा के महत्व और भारतीय संस्कारों की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया।
