Sant Ravidas समाज ने श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गुरु पूर्णिमा उत्सव, निर्माणाधीन संत गुरु शिवमणि रविदास मंदिर बनेगा आस्था का केंद्र
कौशिक पण्डित, मनावर
गुरु पूर्णिमा पर धार्मिक एवं सामाजिक आयोजन
मनावर। गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर Sant Ravidas समाज द्वारा श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के वातावरण में गुरु पूर्णिमा उत्सव का आयोजन किया गया। यह विशेष कार्यक्रम खंडवा-बड़ौदा स्टेट हाईवे स्थित सोडल बाबा के सामने पहाड़ी क्षेत्र में मां नर्मदा के पवित्र तट पर स्थित निर्माणाधीन संत गुरु शिवमणि रविदास मंदिर परिसर में आयोजित किया गया।
गुरु पूर्णिमा के अवसर पर समाजजनों ने संत रविदास जी के विचारों और उनके बताए मार्ग को याद करते हुए गुरु के प्रति अपनी श्रद्धा प्रकट की। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाज के लोग शामिल हुए और धार्मिक वातावरण में पूजा-अर्चना कर गुरु महिमा का गुणगान किया।
निर्माणाधीन मंदिर बनेगा क्षेत्र की पहचान
संत रविदास समाज द्वारा निर्माणाधीन संत गुरु शिवमणि रविदास मंदिर आने वाले समय में क्षेत्र का एक ऐतिहासिक धार्मिक एवं सामाजिक केंद्र बनने जा रहा है। मां नर्मदा के तट पर स्थित यह मंदिर श्रद्धालुओं के लिए आस्था का प्रमुख स्थल बनेगा।
समाजजनों के अनुसार, मंदिर निर्माण कार्य करोड़ों रुपये की लागत से किया जा रहा है। इस भव्य मंदिर के निर्माण में समाज के लोगों की मेहनत, समर्पण और जन सहयोग महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। समाज के प्रत्येक वर्ग के लोग अपनी क्षमता के अनुसार मंदिर निर्माण में योगदान दे रहे हैं।
मंदिर निर्माण समिति के सदस्यों ने बताया कि इस मंदिर का उद्देश्य केवल धार्मिक स्थल का निर्माण करना नहीं है, बल्कि संत रविदास जी के विचारों, सामाजिक समरसता, समानता और मानव कल्याण के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना भी है।
जन सहयोग से आगे बढ़ रहा मंदिर निर्माण कार्य
संत गुरु शिवमणि रविदास मंदिर निर्माण कार्य समाज की एकजुटता और सामूहिक प्रयास का उदाहरण बन रहा है। समाज के लोगों ने मिलकर मंदिर निर्माण का बीड़ा उठाया है और लगातार सहयोग प्रदान कर रहे हैं।
समाज के वरिष्ठ लोगों का कहना है कि किसी भी बड़े कार्य की सफलता के लिए एकता और सहयोग जरूरी होता है। इसी भावना के साथ समाज के लोग मंदिर निर्माण में अपना योगदान दे रहे हैं। मंदिर निर्माण कार्य में आर्थिक सहयोग के साथ-साथ सामाजिक सहयोग भी मिल रहा है।
समाजजनों ने कहा कि यह मंदिर आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्थल बनेगा, जहां लोग संत रविदास जी के जीवन, उनके आदर्शों और उनके संदेशों से प्रेरणा प्राप्त कर सकेंगे।
गुरु पूर्णिमा पर प्रसादी वितरण कार्यक्रम आयोजित
गुरु पूर्णिमा उत्सव के दौरान विशेष पूजा-अर्चना के बाद प्रसादी वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में शामिल समाजजनों ने प्रसादी ग्रहण की और एक-दूसरे को गुरु पूर्णिमा की शुभकामनाएं दीं।
पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धा और भक्ति का वातावरण बना रहा। लोगों ने संत रविदास जी के बताए मार्ग पर चलने और समाज में प्रेम, भाईचारे एवं समानता का संदेश फैलाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने कहा कि गुरु पूर्णिमा केवल एक धार्मिक पर्व नहीं है, बल्कि यह गुरु के प्रति सम्मान, कृतज्ञता और उनके मार्गदर्शन को जीवन में अपनाने का अवसर भी है।

समाज की एकता और सहयोग की दिखी मिसाल
गुरु पूर्णिमा उत्सव के दौरान संत रविदास समाज की एकता और संगठन शक्ति देखने को मिली। समाज के विभिन्न लोगों ने आयोजन में सक्रिय भागीदारी निभाई और कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग किया।
समाज के पदाधिकारियों ने कहा कि संत रविदास जी ने हमेशा समाज में समानता, प्रेम और मानवता का संदेश दिया। उनके विचार आज भी समाज को सही दिशा देने का कार्य कर रहे हैं। उनके आदर्शों को अपनाकर समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि मंदिर निर्माण कार्य भी इसी उद्देश्य को लेकर किया जा रहा है, ताकि आने वाली पीढ़ियां संत रविदास जी के विचारों से जुड़ सकें और उनके आदर्शों को अपने जीवन में उतार सकें।
प्रमुख लोगों की रही उपस्थिति
गुरु पूर्णिमा उत्सव कार्यक्रम में संत रविदास समाज के अध्यक्ष शांतिलाल कुवाले, मंदिर निर्माण समिति अध्यक्ष राकेश बिल्लौरे, पूर्व अध्यक्ष सुनील जरेवाल सहित अनेक समाजजन उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में राधेश्याम वर्मा, दिनेश भार्गव, तुलसीराम यादव, संतोष बिल्लौरे, घीसालाल यादव, शोभाराम, भग्गू ठेकेदार, सुनील बिल्लौरे, राकेश यादव, सखाराम, संतोष भार्गव, पूनम चंद, प्रकाश बिल्लौरे, हुकुम और दीपक हंसल सहित सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
सभी उपस्थित लोगों ने मंदिर निर्माण कार्य को आगे बढ़ाने और समाज हित में निरंतर कार्य करने का संकल्प लिया।
Sant Ravidas के विचारों को आगे बढ़ाने का संकल्प
कार्यक्रम के समापन अवसर पर समाजजनों ने संत रविदास जी के आदर्शों को याद करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। उपस्थित लोगों ने कहा कि संत रविदास जी ने समाज को समानता, भाईचारे और मानवता का संदेश दिया, जो आज भी उतना ही प्रासंगिक है।
उन्होंने कहा कि संत रविदास जी का जीवन हमें सिखाता है कि मनुष्य की पहचान उसके कर्मों से होती है, न कि जाति या किसी अन्य भेदभाव से। उनके विचार समाज में एकता और सद्भाव बनाए रखने की प्रेरणा देते हैं।
गुरु पूर्णिमा का यह आयोजन धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक एकता और सेवा भावना का प्रतीक बना। समाज के लोगों ने विश्वास जताया कि जन सहयोग से निर्माणाधीन संत गुरु शिवमणि रविदास मंदिर जल्द ही एक भव्य धार्मिक एवं सामाजिक केंद्र के रूप में स्थापित होगा।
