सांसद निधि से पड़ाना के सार्वजनिक मुक्तिधाम और खेड़ापति हनुमान मंदिर परिसर में लगीं 10 कुर्सियां, श्रद्धालुओं और ग्रामीणों को मिलेगी बड़ी सुविधा
पड़ाना नगर के श्रद्धालुओं, ग्रामीणों और अंतिम संस्कार में आने वाले लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए राजगढ़ सांसद रोडमल नागर की सांसद निधि से सार्वजनिक मुक्तिधाम एवं प्राचीन खेड़ापति हनुमान मंदिर परिसर में 10 मजबूत कुर्सियां स्थापित की गई हैं। इस पहल का उद्देश्य धार्मिक स्थलों और सार्वजनिक स्थानों पर आने वाले लोगों, विशेषकर बुजुर्गों, महिलाओं और दिव्यांगजनों को बैठने की बेहतर सुविधा उपलब्ध कराना है।
स्थानीय नागरिकों ने इस कार्य का स्वागत करते हुए इसे जनसुविधा की दिशा में एक सराहनीय पहल बताया है। उनका कहना है कि मंदिर और मुक्तिधाम जैसे स्थानों पर बैठने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण लोगों को लंबे समय तक खड़े रहना पड़ता था, जिससे विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों और महिलाओं को परेशानी का सामना करना पड़ता था। अब सांसद निधि से लगाई गई इन कुर्सियों से आमजन को बड़ी राहत मिलेगी।
सांसद निधि से स्वीकृत हुई जनसुविधा
राजगढ़ लोकसभा क्षेत्र के सांसद रोडमल नागर द्वारा क्षेत्र की जनआवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास निधि (MPLADS) से यह कार्य स्वीकृत कराया गया। स्वीकृत राशि से पड़ाना नगर के दो महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थलों पर मजबूत और टिकाऊ कुर्सियां स्थापित की गई हैं।
धार्मिक एवं सामाजिक दृष्टि से महत्वपूर्ण इन स्थानों पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु और ग्रामीण पहुंचते हैं। ऐसे में बैठने की व्यवस्था उपलब्ध कराना लंबे समय से स्थानीय लोगों की मांग थी।
खेड़ापति हनुमान मंदिर परिसर में लगाई गईं आठ कुर्सियां
सांसद निधि के तहत प्राचीन खेड़ापति हनुमान मंदिर परिसर में आठ मजबूत कुर्सियां स्थापित की गई हैं।
यह मंदिर नगर की आस्था का प्रमुख केंद्र है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन एवं पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। मंगलवार, शनिवार तथा विशेष धार्मिक अवसरों पर यहां श्रद्धालुओं की संख्या और अधिक बढ़ जाती है।
अब मंदिर परिसर में बैठने की समुचित व्यवस्था होने से पूजा-पाठ, भजन-कीर्तन और धार्मिक आयोजनों में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं को काफी सुविधा मिलेगी।
विशेष रूप से बुजुर्ग श्रद्धालु, महिलाएं और दिव्यांगजन अब आराम से बैठकर पूजा-अर्चना और धार्मिक कार्यक्रमों में भाग ले सकेंगे।
सार्वजनिक मुक्तिधाम पर भी बैठने की हुई व्यवस्था
मंदिर परिसर के अलावा पड़ाना के सार्वजनिक मुक्तिधाम में भी दो कुर्सियां स्थापित की गई हैं।
मुक्तिधाम वह स्थान है जहां अंतिम संस्कार और शोक सभाओं के दौरान बड़ी संख्या में लोग एकत्रित होते हैं। ऐसे अवसरों पर लंबे समय तक खड़े रहने की मजबूरी कई लोगों के लिए कठिन होती है, विशेषकर बुजुर्गों और महिलाओं के लिए।
अब यहां बैठने की सुविधा उपलब्ध होने से अंतिम संस्कार में शामिल होने वाले लोगों को राहत मिलेगी। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह छोटी लेकिन अत्यंत उपयोगी सुविधा है, जिसका लाभ लंबे समय तक लोगों को मिलेगा।
बुजुर्गों और महिलाओं को मिलेगी विशेष राहत
नगरवासियों ने बताया कि मंदिर और मुक्तिधाम दोनों स्थानों पर बड़ी संख्या में वरिष्ठ नागरिक नियमित रूप से आते हैं।
अब तक बैठने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण कई लोगों को धूप, गर्मी या बारिश के दौरान खड़े रहना पड़ता था। कई बार स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे लोगों को भी असुविधा होती थी।
नई कुर्सियां लगने के बाद अब श्रद्धालु और ग्रामीण आराम से बैठ सकेंगे। इससे धार्मिक कार्यक्रमों और सामाजिक अवसरों पर आने वाले लोगों को काफी सुविधा मिलेगी।
जनप्रतिनिधियों की पहल का दिखा सकारात्मक असर
स्थानीय लोगों का कहना है कि जनप्रतिनिधियों द्वारा यदि क्षेत्र की छोटी-छोटी आवश्यकताओं पर भी ध्यान दिया जाए तो आम नागरिकों को सीधा लाभ मिलता है।
सांसद निधि से किए गए इस कार्य को लोगों ने जनहित से जुड़ी एक सकारात्मक पहल बताया। उनका कहना है कि सार्वजनिक स्थलों पर इस प्रकार की मूलभूत सुविधाओं का विस्तार लगातार होना चाहिए ताकि आमजन को बेहतर वातावरण मिल सके।
ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने सांसद रोडमल नागर का जताया आभार
कुर्सियों की स्थापना के बाद नगरवासियों और ग्रामीणों ने सांसद रोडमल नागर के प्रति आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर प्राचीन खेड़ापति मंदिर समिति के पुजारी, वरिष्ठ भाजपा नेता डॉ. मोहनलाल शर्मा, मनोज शर्मा, भाजपा नेता अनिल कुमार सोनी, राजेश डाबरा, लक्ष्मी नारायण परमार, जगदीश दरबार, अजय महेश्वरी, महेश जाटव, दिनेश जनपद, श्रीनाथ दास गुप्ता, ओम परमार, पप्पू जाटव, जीवन विजयपुरिया, जगदीश जाटव सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और नगरवासी उपस्थित रहे।
सभी ने सांसद द्वारा कराई गई इस जनहितकारी पहल की सराहना करते हुए कहा कि इससे श्रद्धालुओं और आम नागरिकों को लंबे समय तक लाभ मिलेगा।
धार्मिक स्थलों पर सुविधाओं का विस्तार आवश्यक
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि धार्मिक स्थल केवल पूजा-अर्चना के केंद्र नहीं होते, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का भी महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं।
ऐसे स्थानों पर बैठने, पेयजल, स्वच्छता और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध होना आवश्यक है। इससे दूर-दराज़ से आने वाले श्रद्धालुओं को भी सुविधा मिलती है और धार्मिक आयोजनों का संचालन बेहतर तरीके से हो पाता है।
छोटी पहल, बड़ा जनहित
पड़ाना नगर में सांसद निधि से स्थापित की गई इन 10 कुर्सियों को स्थानीय लोग छोटी लेकिन बेहद उपयोगी पहल मान रहे हैं। सार्वजनिक मुक्तिधाम और खेड़ापति हनुमान मंदिर जैसे स्थानों पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोगों का आना-जाना रहता है। ऐसे में बैठने की सुविधा उपलब्ध होने से बुजुर्गों, महिलाओं, दिव्यांगजनों और अन्य श्रद्धालुओं को सीधा लाभ मिलेगा।
स्थानीय नागरिकों ने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी सांसद निधि एवं अन्य विकास योजनाओं के माध्यम से नगर में इसी प्रकार के जनहितकारी कार्य किए जाते रहेंगे, जिससे धार्मिक स्थलों और सार्वजनिक परिसरों में मूलभूत सुविधाओं का विस्तार हो और आमजन को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
