Panna News: बारिश में झरनों और जलप्रपातों के पास जाने पर रोक, सेल्फी लेने पर भी प्रतिबंध; कलेक्टर ने जारी किया आदेश
Panna मानसून के मौसम में पर्यटकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पन्ना जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। बरसात के दौरान जिले के प्रमुख झरनों और जलप्रपातों पर बढ़ते हादसों की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन ने इन स्थानों पर अत्यधिक नजदीक जाने और सेल्फी एवं फोटो लेने पर प्रतिबंध लगा दिया है।
पन्ना कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट ऊषा परमार ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 के तहत धारा 163(1) के अंतर्गत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया है। यह आदेश जिले के कई प्रमुख प्राकृतिक पर्यटन स्थलों पर आगामी दो माह तक प्रभावी रहेगा।
प्रशासन का उद्देश्य बारिश के मौसम में पर्यटकों और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना तथा किसी भी अप्रिय घटना को रोकना है।
इन स्थानों पर लगाया गया प्रतिबंध
जिला प्रशासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार पन्ना जिले के कई प्रमुख झरनों और जलप्रपात स्थलों पर यह प्रतिबंध लागू किया गया है।
Panna तहसील क्षेत्र के अंतर्गत कोतवाली थाना क्षेत्र में स्थित किलकिला कुंड, कौवा सेहा, रानीपुरा सेहा, लखनपुर सेहा और कैमासन फॉल पर लोगों के अत्यधिक नजदीक जाने पर रोक लगाई गई है।
इसके अलावा चौकी मझगवां, थाना मड़ला क्षेत्र अंतर्गत केन नदी पुल और पांडव फॉल तथा थाना बृजपुर क्षेत्र अंतर्गत प्रसिद्ध बृहस्पति कुंड स्थल पर भी प्रतिबंध लागू रहेगा।
इसी प्रकार अमानगंज तहसील के थाना अमानगंज क्षेत्र स्थित पंडवन और पवई तहसील के थाना पवई क्षेत्र अंतर्गत चांदा फॉल (सिल्वर फॉल) पर भी आगामी दो माह तक प्रतिबंधात्मक आदेश प्रभावशील रहेगा।
सेल्फी और फोटो लेने पर भी रोक
प्रशासन ने केवल जलप्रपातों के नजदीक जाने पर ही नहीं बल्कि खतरनाक स्थानों पर खड़े होकर सेल्फी लेने और फोटो खींचने पर भी रोक लगाई है।
बारिश के मौसम में झरनों और जलप्रपातों में पानी का बहाव अचानक तेज हो जाता है। ऐसे में पर्यटक अक्सर रोमांच के लिए पानी के करीब जाने या सेल्फी लेने का प्रयास करते हैं, जिससे दुर्घटना की संभावना बढ़ जाती है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे प्राकृतिक स्थलों की सुंदरता का आनंद सुरक्षित दूरी से लें और किसी भी प्रकार का जोखिम न उठाएं।
हादसों को रोकने के लिए लिया गया फैसला
बरसात के मौसम में पन्ना जिले के प्राकृतिक पर्यटन स्थलों पर बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। झरनों और जलप्रपातों में पानी बढ़ने के कारण कई बार फिसलन और तेज बहाव की स्थिति बन जाती है।
ऐसे स्थानों पर पर्यटकों का लापरवाही से आगे बढ़ना गंभीर हादसों का कारण बन सकता है। पिछले वर्षों में भी देश के कई हिस्सों में जलप्रपातों के पास सेल्फी लेने और पानी में उतरने के दौरान दुर्घटनाएं सामने आती रही हैं।
इसी को ध्यान में रखते हुए पन्ना जिला प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए यह कदम उठाया है।
आदेश उल्लंघन पर होगी कार्रवाई
कलेक्टर द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि प्रतिबंध का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
आदेश का पालन नहीं करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 और अन्य संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत अभियोजन की कार्रवाई की जा सकती है।
प्रशासन ने संबंधित विभागों और पुलिस अधिकारियों को भी निर्देश दिए हैं कि वे प्रतिबंधित क्षेत्रों में निगरानी रखें और नियमों का पालन सुनिश्चित कराएं।
पर्यटकों से प्रशासन की अपील
जिला प्रशासन ने नागरिकों और पर्यटकों से अपील की है कि वे प्राकृतिक स्थलों पर सावधानी बरतें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
अधिकारियों का कहना है कि यह प्रतिबंध लोगों की सुविधा या पर्यटन को रोकने के लिए नहीं, बल्कि उनकी सुरक्षा के लिए लगाया गया है।
प्रशासन चाहता है कि लोग पन्ना के प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लें, लेकिन सुरक्षा नियमों को ध्यान में रखते हुए।
पर्यटन और सुरक्षा के बीच संतुलन जरूरी
Panna जिले में कई खूबसूरत झरने और जलप्रपात हैं, जो बारिश के मौसम में आकर्षण का केंद्र बन जाते हैं। बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और पर्यटक इन स्थानों पर घूमने पहुंचते हैं।
हालांकि प्राकृतिक स्थलों पर सुरक्षा की अनदेखी कई बार गंभीर परिणाम दे सकती है। ऐसे में प्रशासन द्वारा उठाया गया यह कदम पर्यटन गतिविधियों को सुरक्षित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
निष्कर्ष
मानसून के दौरान पन्ना जिले के झरनों और जलप्रपातों पर सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन ने सख्ती दिखाई है। कलेक्टर ऊषा परमार के आदेश के बाद कई प्रमुख पर्यटन स्थलों पर दो महीने के लिए प्रतिबंध लागू कर दिया गया है। अब इन स्थानों पर नजदीक जाने और सेल्फी लेने पर रोक रहेगी। प्रशासन का उद्देश्य लोगों की जान की सुरक्षा करना और बारिश के मौसम में होने वाली दुर्घटनाओं को रोकना है।
