वसुधैव कुटुंबकम् काव्य प्रतियोगिता 2026 के परिणाम घोषित। नीमच के चिराग जैन ने काव्य लेखन और 90 सेकंड वीडियो कविता पाठ दोनों विधाओं में प्रथम स्थान प्राप्त किया। नागदा की अभिव्यक्ति विचार मंच एवं अखिल भारतीय साहित्य परिषद् द्वारा आयोजित प्रतियोगिता में उज्जैन संभाग के साहित्यकारों ने भाग लिया।
वसुधैव कुटुंबकम् काव्य प्रतियोगिता: नीमच के चिराग जैन ने दोनों विधाओं में शानदार जीत दर्ज की
नागदा। वसुधैव कुटुंबकम् काव्य प्रतियोगिता के परिणाम रविवार को घोषित कर दिए गए। नगर की प्रतिष्ठित साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संस्था अभिव्यक्ति विचार मंच तथा अखिल भारतीय साहित्य परिषद् नागदा इकाई द्वारा आयोजित इस प्रतियोगिता में उज्जैन संभाग के साहित्यकारों, कवियों एवं रचनाकारों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।इस वर्ष प्रतियोगिता का विषय “वसुधैव कुटुंबकम् – सारी दुनिया एक परिवार” रखा गया था। प्रतियोगिता का उद्देश्य भारतीय संस्कृति के इस महान संदेश को साहित्य के माध्यम से जन-जन तक पहुंचाना था। प्रतियोगिता दो विधाओं—काव्य लेखन और 90 सेकंड वीडियो कविता पाठ—में आयोजित की गई।
वसुधैव कुटुंबकम् काव्य प्रतियोगिता का उद्देश्य
वसुधैव कुटुंबकम् काव्य प्रतियोगिता का आयोजन समाज में भाईचारा, मानवता, विश्व शांति और वैश्विक एकता के संदेश को मजबूत करने के लिए किया गया। भारतीय दर्शन का यह मूल मंत्र बताता है कि पूरी दुनिया एक परिवार है और सभी मनुष्य समान हैं।
अभिव्यक्ति विचार मंच एवं अखिल भारतीय साहित्य परिषद् नागदा इकाई वर्षों से साहित्य और संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए विभिन्न आयोजन करती रही हैं। इसी कड़ी में यह प्रतियोगिता आयोजित की गई।
वसुधैव कुटुंबकम् काव्य प्रतियोगिता में चिराग जैन बने विजेता
मंच अध्यक्ष प्रफुल्ल शुक्ला एवं साहित्य परिषद् अध्यक्ष अशोक शर्मा मृदुल ने बताया कि निर्णायक मंडल द्वारा प्राप्त प्रविष्टियों का गहन मूल्यांकन किया गया।
काव्य लेखन प्रतियोगिता परिणाम
🥇 प्रथम पुरस्कार – चिराग जैन चैतन्य (नीमच)
🥈 द्वितीय पुरस्कार – एस.एन. उपाध्याय बना (लसूड़िया खेमा)
🥉 तृतीय पुरस्कार – अभय वेद (बड़नगर)
प्रतियोगिता में प्राप्त रचनाओं में मानवीय मूल्यों, वैश्विक सद्भाव, सामाजिक समरसता तथा भारतीय संस्कृति के दर्शन को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया।
विशेष भागीदारी पुरस्कार प्राप्त प्रतिभागी
वसुधैव कुटुंबकम् काव्य प्रतियोगिता में उत्कृष्ट रचनात्मक योगदान के लिए निम्न प्रतिभागियों का चयन विशेष भागीदारी पुरस्कार हेतु किया गया—
- जगमोहन सहज (तराना)
- हीरालाल सत्संगी (बड़नगर)
- सुभाष सेन (चिरौला)
- कल्पना तिवारी (उज्जैन)
- वंदना दातवानी
इन प्रतिभागियों की रचनाओं को निर्णायक मंडल ने विशेष सराहना के योग्य माना।
प्रोत्साहन पुरस्कार विजेताओं की सूची
प्रतियोगिता में बेहतर प्रस्तुति देने वाले प्रतिभागियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से प्रोत्साहन पुरस्कार भी घोषित किए गए।प्रोत्साहन पुरस्कार प्राप्त प्रतिभागी—
- भूपेंद्र सिंह पंवार (बिरियाखेड़ी)
- योगेंद्र सिंह डोडिया (रत्नीयाखेड़ी)
- माधुरी सोनी
- संजना पोरवाल (नागदा)
- संदीप श्रीवास्तव (नागदा)
- पिंकी मनोज पोरवाल (नागदा)
- चाहत जैन (नागदा)
- कृष्णचंद्र पुरोहित (नागदा)
- प्रीति कांठेड़ (नागदा)
- गगनदीप बर्मी (नागदा)
- राजकुमारी परमार (नागदा)
- सुंदरलाल जोशी (नागदा)
- गोपाल सुनहरे (नागदा)
- मयंक शर्मा
- कृष्णा निषाद
- राजेंद्र कांठेड़
- जपजीत सिंह
- रतलाम क्षेत्र के प्रतिभागी
90 सेकंड वीडियो कविता पाठ प्रतियोगिता में भी चिराग जैन अव्वल
वसुधैव कुटुंबकम् काव्य प्रतियोगिता के अंतर्गत आयोजित 90 सेकंड वीडियो कविता पाठ प्रतियोगिता में भी नीमच के चिराग जैन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया।
वीडियो कविता पाठ प्रतियोगिता परिणाम
🥇 प्रथम – चिराग जैन (नीमच)
🥈 द्वितीय – सुभाष सेन (चिरौला, बड़नगर)
🥉 तृतीय – प्रीति कांठेड़
विशेष प्रोत्साहन पुरस्कार
- शिवेंद्र वर्मा (उज्जैन)
- हीरालाल सत्संगी (बड़नगर)
- योगेंद्र सिंह डोडिया (रत्नीयाखेड़ी)
इस प्रकार चिराग जैन ने दोनों विधाओं में प्रथम स्थान प्राप्त कर प्रतियोगिता में अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट परिचय दिया।
आयोजकों ने दी विजेताओं को बधाई
अभिव्यक्ति विचार मंच के अध्यक्ष प्रफुल्ल शुक्ला एवं अखिल भारतीय साहित्य परिषद् नागदा इकाई के अध्यक्ष अशोक शर्मा मृदुल ने सभी विजेताओं और प्रतिभागियों को बधाई देते हुए कहा कि साहित्य समाज को जोड़ने का सबसे प्रभावी माध्यम है।उन्होंने कहा कि प्रतियोगिता में प्राप्त रचनाओं ने यह सिद्ध किया है कि आज भी समाज में साहित्य के प्रति गहरी रुचि मौजूद है और युवा रचनाकार भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों को आगे बढ़ाने का कार्य कर रहे हैं।
शीघ्र होगा सम्मान समारोह
आयोजकों ने जानकारी दी कि वसुधैव कुटुंबकम् काव्य प्रतियोगिता के विजेताओं को आगामी दिनों में आयोजित एक संयुक्त सम्मान समारोह में सम्मानित किया जाएगा। समारोह की तिथि जल्द घोषित की जाएगी।इस अवसर पर विजेताओं को प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिह्न प्रदान किए जाएंगे।
वसुधैव कुटुंबकम् का संदेश आज भी प्रासंगिक
भारतीय संस्कृति का मूल मंत्र “वसुधैव कुटुंबकम्” आज वैश्विक स्तर पर भी प्रासंगिक है। बढ़ती सामाजिक चुनौतियों, संघर्षों और विभाजनों के बीच यह संदेश विश्व बंधुत्व, सहयोग और मानवता का मार्ग दिखाता है।
इसी भावना को जन-जन तक पहुंचाने के लिए आयोजित वसुधैव कुटुंबकम् काव्य प्रतियोगिता साहित्य और संस्कृति के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुई है।
