Gold Silver Prices Crash के बीच जून 2026 में सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। सोना 10,500 रुपये और चांदी 33,000 रुपये तक सस्ती हुई। जानिए ताजा रेट, गिरावट की वजह और निवेशकों के लिए क्या है मौका।
Gold Silver Prices Crash: जून 2026 में सोने-चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट, निवेशकों के लिए सुनहरा मौका
Gold Silver Prices Crash ने जून 2026 में सर्राफा बाजार और निवेशकों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। पिछले कुछ महीनों में रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने वाले सोने और चांदी के दाम अब तेजी से नीचे आ रहे हैं। मिडिल ईस्ट में शांति समझौते और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों में सुधार के संकेतों के बीच निवेशकों की सुरक्षित निवेश (Safe Haven) की मांग कम हुई है, जिसका सीधा असर सोने और चांदी की कीमतों पर देखने को मिला है।
इंडियन बुलियन ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) और मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) के आंकड़ों के अनुसार जून महीने में सोने और चांदी दोनों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। जहां सोना 10 ग्राम पर 10 हजार रुपये से अधिक सस्ता हुआ है, वहीं चांदी के दामों में 33 हजार रुपये प्रति किलोग्राम तक की कमी आई है।
जून में सोने की कीमतों में कितनी गिरावट?
जून 2026 की शुरुआत में 24 कैरेट सोने का भाव लगभग 1,55,536 रुपये प्रति 10 ग्राम था। महीने के दौरान लगातार दबाव बना रहा और 19 जून तक यह घटकर 1,44,970 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया।इस प्रकार जून के पहले 19 दिनों में सोने की कीमतों में लगभग 10,566 रुपये प्रति 10 ग्राम की गिरावट दर्ज की गई।
जून में सोने के प्रमुख रेट
| तारीख | सोना (24 कैरेट) |
|---|---|
| 1 जून | ₹1,55,536 |
| 5 जून | ₹1,54,238 |
| 8 जून | ₹1,51,489 |
| 9 जून | ₹1,52,519 |
| 19 जून | ₹1,44,970 |
चांदी के दामों में कितनी गिरावट आई?
Gold Silver Prices Crash का असर चांदी पर और भी ज्यादा देखने को मिला। जून की शुरुआत में चांदी का भाव 2,63,250 रुपये प्रति किलो था, जो 19 जून तक गिरकर 2,31,973 रुपये प्रति किलो रह गया।इस प्रकार चांदी की कीमतों में लगभग 31 से 33 हजार रुपये प्रति किलो तक की गिरावट दर्ज की गई।
जून में चांदी के प्रमुख रेट
| तारीख | चांदी (प्रति किलो) |
|---|---|
| 1 जून | ₹2,63,250 |
| 5 जून | ₹2,56,908 |
| 8 जून | ₹2,44,300 |
| 9 जून | ₹2,45,938 |
| 19 जून | ₹2,31,973 |
Gold Silver Prices Crash की मुख्य वजहें
1. मिडिल ईस्ट में तनाव कम होना
पिछले कुछ महीनों में वैश्विक तनाव के कारण निवेशक सोने और चांदी में निवेश कर रहे थे। लेकिन मिडिल ईस्ट में शांति समझौते की खबरों के बाद जोखिम लेने की प्रवृत्ति बढ़ी है।
2. डॉलर की मजबूती
अमेरिकी डॉलर में मजबूती आने से सोने की अंतरराष्ट्रीय कीमतों पर दबाव बना है।
3. निवेशकों की मुनाफावसूली
रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के बाद निवेशकों ने बड़े पैमाने पर मुनाफावसूली की, जिससे कीमतों में गिरावट आई।
4. वैश्विक आर्थिक संकेत
विश्व अर्थव्यवस्था में स्थिरता के संकेत मिलने से सुरक्षित निवेश की मांग कम हुई है।
एक सप्ताह में कितने सस्ते हुए सोना और चांदी?
पिछले एक सप्ताह में सोने और चांदी दोनों में बड़ी गिरावट देखने को मिली।
- सोना: ₹2,830 प्रति 10 ग्राम सस्ता
- चांदी: ₹10,609 प्रति किलो सस्ती
कुल मिलाकर दोनों धातुओं में लगभग ₹13,400 की गिरावट दर्ज की गई।
क्या अभी सोना खरीदना चाहिए?
विशेषज्ञों का मानना है कि लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह गिरावट एक अवसर हो सकती है। हालांकि निवेश करने से पहले बाजार की स्थिति और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर नजर रखना जरूरी है।
निवेशकों के लिए सुझाव
चरणबद्ध निवेश करें
एकमुश्त निवेश से बचें
लंबी अवधि की योजना बनाएं
बाजार में उतार-चढ़ाव को ध्यान में रखें
विशेषज्ञों की राय
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार यदि वैश्विक तनाव दोबारा बढ़ता है तो सोने और चांदी की कीमतों में फिर तेजी आ सकती है। वहीं यदि आर्थिक स्थिरता बनी रहती है तो कीमतों पर दबाव जारी रह सकता है।
आगे क्या रहेगा बाजार का रुख?
आने वाले दिनों में अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतियां, डॉलर इंडेक्स और वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाएं सोने-चांदी की दिशा तय करेंगी।विशेषज्ञों का कहना है कि निवेशकों को जल्दबाजी में निर्णय लेने के बजाय बाजार के संकेतों का इंतजार करना चाहिए।

