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झाबुआ जिले को मिला नया प्रभारी सीएमएचओ, Dr. M.L. Chopra को सौंपी गई जिम्मेदारी

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Published On: 17 June 2026
Dr. M.L. Chopra

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झाबुआ जिले को मिला नया प्रभारी सीएमएचओ, Dr. M.L. Chopra को सौंपी गई जिम्मेदारी

झाबुआ में स्वास्थ्य विभाग का बड़ा प्रशासनिक बदलाव

झाबुआ। मध्यप्रदेश शासन के लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग ने राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं के प्रशासनिक ढांचे में बड़ा फेरबदल करते हुए झाबुआ जिले के लिए नया प्रभारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) नियुक्त किया है। जारी आदेश के अनुसार पेटलावद में मुख्य खंड चिकित्सा अधिकारी (सीबीएमओ) के पद पर पदस्थ Dr. M.L. Chopra को झाबुआ जिले का प्रभारी सीएमएचओ बनाया गया है।

यह नियुक्ति तत्काल प्रभाव से लागू की गई है और आगामी आदेश तक वे जिले के स्वास्थ्य विभाग का संचालन करेंगे। इस बदलाव को जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय माना जा रहा है, जिसका असर आने वाले समय में ग्रामीण और शहरी स्वास्थ्य सेवाओं पर देखने को मिल सकता है।

बी.एस. बघेल को मूल पद पर वापसी

शासन द्वारा जारी आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि वर्तमान में झाबुआ जिले में सीएमएचओ के रूप में कार्यरत बी.एस. बघेल को उनके मूल पद पर वापस भेज दिया गया है। यह परिवर्तन प्रशासनिक आधार पर किया गया है और इसे नियमित विभागीय प्रक्रिया का हिस्सा बताया जा रहा है।

इस बदलाव के बाद जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था का नेतृत्व अब नए अधिकारी के हाथों में होगा, जिससे विभागीय कामकाज और प्राथमिकताओं में भी बदलाव की संभावना जताई जा रही है।

Dr. M.L. Chopra प्रशासनिक और चिकित्सा अनुभव

डॉ. एम.एल. चोपड़ा स्वास्थ्य विभाग में लंबे समय से विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं। उन्हें प्रशासनिक क्षमता के साथ-साथ चिकित्सकीय कार्यप्रणाली की गहरी समझ के लिए जाना जाता है।

पेटलावद क्षेत्र में सीबीएमओ के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन को बेहतर बनाने, सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और जनस्वास्थ्य कार्यक्रमों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके नेतृत्व में कई स्वास्थ्य अभियानों को गति मिली और ग्रामीण क्षेत्रों में सेवाओं की पहुंच में सुधार देखने को मिला।

स्थानीय स्तर पर उनकी कार्यशैली को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया रही है, जिससे विभागीय स्तर पर उन पर भरोसा जताते हुए यह नई जिम्मेदारी सौंपी गई है।

झाबुआ जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था की वर्तमान स्थिति

झाबुआ जिला आदिवासी बहुल क्षेत्र है, जहां स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर लंबे समय से चुनौतियां बनी हुई हैं। ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में चिकित्सा सुविधाओं की पहुंच सीमित होने के कारण लोगों को कई बार बुनियादी स्वास्थ्य सेवाओं के लिए कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

जिले में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और जिला अस्पताल की कार्यप्रणाली को और अधिक मजबूत करने की आवश्यकता लगातार महसूस की जाती रही है। मातृ एवं शिशु मृत्यु दर, टीकाकरण अभियान और संक्रामक रोग नियंत्रण जैसे क्षेत्रों में सुधार की गुंजाइश अभी भी मौजूद है।

ऐसे में नए प्रभारी सीएमएचओ की नियुक्ति को एक महत्वपूर्ण अवसर के रूप में देखा जा रहा है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की उम्मीद बढ़ी है।

प्रशासनिक फेरबदल का उद्देश्य

स्वास्थ्य विभाग द्वारा किए गए इस प्रशासनिक फेरबदल का मुख्य उद्देश्य राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जवाबदेह बनाना बताया जा रहा है। सरकार का मानना है कि समय-समय पर अधिकारियों की पुनः नियुक्ति से विभागीय कार्यों में नई ऊर्जा आती है और सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होता है।

झाबुआ जैसे जिलों में, जहां भौगोलिक और सामाजिक चुनौतियां अधिक हैं, वहां सक्षम प्रशासनिक नेतृत्व की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। इसी कारण इस प्रकार के बदलाव किए जा रहे हैं।

ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों पर विशेष ध्यान

झाबुआ जिले में अधिकांश आबादी ग्रामीण और आदिवासी समुदायों से जुड़ी हुई है। इन क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता और जागरूकता दोनों ही बड़ी चुनौती बनी रहती है।

नए प्रभारी सीएमएचओ के सामने सबसे बड़ी जिम्मेदारी यह होगी कि वे इन क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावी ढंग से पहुंचाएं। इसमें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की निगरानी, मोबाइल मेडिकल यूनिट्स का संचालन, टीकाकरण अभियानों की मजबूती और आपातकालीन सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना शामिल होगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि योजनाओं का सही क्रियान्वयन किया जाए तो ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था में तेजी से सुधार संभव है।

मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं पर फोकस

झाबुआ जिले में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं हमेशा से एक महत्वपूर्ण मुद्दा रही हैं। गर्भवती महिलाओं की देखभाल, संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देना और नवजात शिशुओं की स्वास्थ्य सुरक्षा जैसे क्षेत्र विशेष ध्यान की मांग करते हैं।

डॉ. एम.एल. चोपड़ा से अपेक्षा की जा रही है कि वे इन क्षेत्रों में विशेष निगरानी व्यवस्था लागू करेंगे और स्वास्थ्य योजनाओं को जमीनी स्तर तक प्रभावी बनाएंगे।

इसके साथ ही राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत चल रहे कार्यक्रमों के सुचारू संचालन की जिम्मेदारी भी उनके कंधों पर होगी।

स्वास्थ्य योजनाओं के क्रियान्वयन की चुनौती

झाबुआ जिले में केंद्र और राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही कई स्वास्थ्य योजनाएं लागू हैं, लेकिन इनके प्रभावी क्रियान्वयन में कई बार तकनीकी और प्रशासनिक बाधाएं सामने आती हैं।

नई नियुक्ति के बाद यह उम्मीद की जा रही है कि योजनाओं की मॉनिटरिंग व्यवस्था मजबूत होगी और लाभार्थियों तक सेवाएं समय पर पहुंचेंगी। इसमें आयुष्मान भारत योजना, टीकाकरण अभियान, पोषण कार्यक्रम और संक्रामक रोग नियंत्रण जैसे क्षेत्र शामिल हैं।

स्थानीय स्वास्थ्य कर्मियों की प्रतिक्रिया

जिले के स्वास्थ्य कर्मचारियों और चिकित्सा स्टाफ में इस बदलाव को लेकर मिश्रित लेकिन सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। कई कर्मचारियों का मानना है कि नए नेतृत्व से विभागीय कार्यों में नई गति आएगी और प्रशासनिक निर्णय तेजी से लिए जा सकेंगे।

वहीं कुछ लोगों का कहना है कि बदलाव के बाद प्रारंभिक समय में समन्वय की आवश्यकता होगी, लेकिन लंबे समय में यह निर्णय लाभकारी साबित हो सकता है।

शासन के निर्देश और आगामी कार्य योजना

प्रदेश सरकार ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे तत्काल प्रभाव से अपने नवीन पदस्थापना स्थान पर कार्यभार ग्रहण करें। इसके साथ ही यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया है कि स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन में किसी प्रकार की बाधा न आए।

आने वाले समय में जिला स्तर पर स्वास्थ्य समीक्षा बैठकें और योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

निष्कर्ष

झाबुआ जिले में डॉ. एम.एल. चोपड़ा की प्रभारी सीएमएचओ के रूप में नियुक्ति को स्वास्थ्य प्रशासन में एक महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है। यह निर्णय न केवल जिले की स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन को प्रभावित करेगा, बल्कि ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

यदि योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन और मजबूत निगरानी व्यवस्था स्थापित होती है, तो झाबुआ जिले की स्वास्थ्य सेवाओं में आने वाले समय में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

झाबुआ प्रतिनिधि: मनीष कुमट
(9752354207)

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

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