भायंदर में निःशुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन, 90 से अधिक लोगों को मिला स्वास्थ्य लाभ
भायंदर। समाज में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने और जरूरतमंद लोगों तक चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाने के उद्देश्य से भायंदर (पश्चिम) स्थित संगीता कॉम्पलेक्स में एक विशाल निःशुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। सामाजिक एवं सांस्कृतिक संगठन यूथ सोशल वेलफेयर एसोसिएशन (यूथ फोरम) के तत्वावधान में आयोजित इस शिविर में नेत्र परीक्षण, मोतियाबिंद जांच, थायराइड टेस्ट, डायबिटीज जांच, ब्लड प्रेशर जांच और दंत परीक्षण जैसी कई स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई गईं। शिविर में 90 से अधिक लोगों ने विभिन्न स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया, जबकि 15 मरीजों को निःशुल्क मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए चयनित किया गया।
स्वर्गीय सोहनबाई मोहनराज बंबोरी की पुण्यतिथि पर हुआ आयोजन
यह स्वास्थ्य शिविर स्वर्गीय सोहनबाई मोहनराज बंबोरी की तृतीय पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित किया गया। आयोजन का उद्देश्य केवल चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराना ही नहीं था, बल्कि लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाना भी था। कार्यक्रम में स्थानीय नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और विभिन्न अस्पतालों से जुड़े विशेषज्ञों ने भाग लिया।
आयोजकों का मानना है कि समाज में आज भी कई ऐसे लोग हैं जो आर्थिक कारणों से नियमित स्वास्थ्य जांच नहीं करा पाते। ऐसे लोगों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना सामाजिक संगठनों की जिम्मेदारी है। इसी सोच के साथ शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लेकर इसका लाभ उठाया।
आंखों का महत्व समझाया गया
कार्यक्रम के दौरान समाजसेवी कृष्णा तिवारी ने अपने संदेश में आंखों के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आंखें ईश्वर का दिया हुआ सबसे अनमोल उपहार हैं। इनके माध्यम से ही व्यक्ति इस सुंदर संसार को देख पाता है और जीवन के विभिन्न रंगों का अनुभव करता है।
उन्होंने कहा कि आंखें केवल देखने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि ज्ञान और समझ का सबसे बड़ा द्वार भी हैं। व्यक्ति अपने आसपास की दुनिया को समझने और सीखने का अधिकांश कार्य आंखों के माध्यम से ही करता है। मां की आंखों में ममता, मित्र की आंखों में विश्वास और गुरु की आंखों में मार्गदर्शन दिखाई देता है।
कृष्णा तिवारी ने लोगों से अपील की कि वे आंखों की नियमित जांच कराएं और उनकी देखभाल में किसी प्रकार की लापरवाही न बरतें। उन्होंने कहा कि मोबाइल और कंप्यूटर स्क्रीन के बढ़ते उपयोग के कारण आंखों पर दबाव बढ़ रहा है, इसलिए समय-समय पर आंखों को आराम देना आवश्यक है।

नेत्र जांच शिविर बना आकर्षण का केंद्र
शिविर में सबसे अधिक भीड़ नेत्र परीक्षण केंद्र पर देखने को मिली। भक्तिवेदांत हॉस्पिटल की विशेषज्ञ टीम ने लोगों की आंखों की विस्तृत जांच की। जांच के दौरान कई ऐसे मरीज सामने आए जिन्हें मोतियाबिंद की समस्या थी।
चिकित्सकों द्वारा जांच के बाद 15 मरीजों को मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए चयनित किया गया। इन मरीजों का ऑपरेशन पूरी तरह निःशुल्क किया जाएगा। इसके अलावा ऑपरेशन के बाद आवश्यक दवाइयां और चिकित्सकीय परामर्श भी उपलब्ध कराया जाएगा।
विशेषज्ञों ने बताया कि मोतियाबिंद एक सामान्य लेकिन गंभीर नेत्र रोग है, जो समय पर उपचार न मिलने पर दृष्टि को प्रभावित कर सकता है। हालांकि आधुनिक चिकित्सा तकनीकों के माध्यम से इसका सफल उपचार संभव है।
90 से अधिक लोगों ने लिया स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ
शिविर में कुल 90 से अधिक लोगों ने विभिन्न स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया। मरीजों की ओपीडी जांच की गई और उन्हें उनकी स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार आवश्यक परामर्श दिया गया।
डॉक्टरों ने लोगों को बताया कि कई बीमारियां शुरुआती चरण में कोई स्पष्ट लक्षण नहीं दिखातीं। इसलिए नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराना बेहद जरूरी है। समय पर जांच और उपचार से गंभीर बीमारियों को रोका जा सकता है।
थायराइड जांच की विशेष व्यवस्था
शिविर में थायराइड जांच की विशेष सुविधा भी उपलब्ध कराई गई। लगभग 50 लोगों की थायराइड जांच की गई। विशेषज्ञों ने बताया कि आज के समय में थायराइड संबंधी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं।
थायराइड ग्रंथि शरीर की कई महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं को नियंत्रित करती है। इसके असंतुलन से वजन बढ़ना, थकान, कमजोरी और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। जांच के दौरान जिन लोगों में संभावित लक्षण पाए गए, उन्हें आगे की चिकित्सा सलाह दी गई।
डायबिटीज और ब्लड प्रेशर जांच
कस्तूरी हॉस्पिटल की टीम ने शिविर में मधुमेह और रक्तचाप की जांच की। बड़ी संख्या में लोगों ने इस सुविधा का लाभ उठाया।
विशेषज्ञों ने बताया कि मधुमेह और उच्च रक्तचाप जैसी बीमारियां आज तेजी से बढ़ रही हैं। बदलती जीवनशैली, तनाव और अनियमित खानपान इसके प्रमुख कारण हैं। नियमित जांच के माध्यम से इन बीमारियों को नियंत्रित किया जा सकता है।
लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, संतुलित भोजन करने और नियमित व्यायाम की सलाह दी गई।
दंत परीक्षण शिविर भी रहा उपयोगी
खुशी डेंटल की टीम द्वारा दंत परीक्षण की सुविधा उपलब्ध कराई गई। दंत चिकित्सकों ने लोगों के दांतों और मसूड़ों की जांच की तथा आवश्यक परामर्श दिया।
विशेषज्ञों ने बताया कि दांतों की समस्याओं को अक्सर लोग नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि खराब मौखिक स्वास्थ्य कई अन्य बीमारियों का कारण बन सकता है। लोगों को नियमित ब्रश करने, समय-समय पर दंत परीक्षण कराने और संतुलित आहार लेने की सलाह दी गई।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने दी महत्वपूर्ण जानकारी
स्वास्थ्य विशेषज्ञ विनीता मिश्रा ने शिविर में उपस्थित लोगों को स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने कहा कि स्वस्थ जीवन के लिए केवल बीमारी का इलाज ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि बीमारी से बचाव भी उतना ही आवश्यक है।
उन्होंने संतुलित भोजन, नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद और मानसिक स्वास्थ्य के महत्व पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि आधुनिक जीवनशैली में लोग स्वास्थ्य के प्रति लापरवाह हो रहे हैं, जिसके कारण कई नई बीमारियां सामने आ रही हैं।
उन्होंने लोगों को तनाव प्रबंधन और सकारात्मक सोच अपनाने की भी सलाह दी।
वॉकहार्ड हॉस्पिटल ने दी विशेष ट्रेनिंग
शिविर के दौरान वॉकहार्ड हॉस्पिटल की टीम ने प्रतिभागियों को टीपीएस से संबंधित प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षण के माध्यम से लोगों को स्वास्थ्य आपात स्थितियों में प्राथमिक सहायता और सही प्रतिक्रिया देने के तरीकों की जानकारी दी गई।
विशेषज्ञों ने बताया कि दुर्घटना या स्वास्थ्य संकट की स्थिति में शुरुआती कुछ मिनट बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। यदि सही समय पर उचित प्राथमिक सहायता मिल जाए तो कई बार गंभीर परिणामों से बचा जा सकता है।
अतिथियों की रही विशेष उपस्थिति
कार्यक्रम में अवर लेडी ऑफ वेलंकनी हाई स्कूल एंड जूनियर कॉलेज की चेयरपर्सन निर्मला माखीजा और गुड शेफर्ड स्कूल की पिंकी सत्संगी विशेष रूप से उपस्थित रहीं।
दोनों अतिथियों ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि समाज में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने के लिए इस प्रकार के शिविर अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने आयोजकों के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों के आयोजन की आवश्यकता बताई।
स्वयंसेवकों ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका
शिविर को सफल बनाने में स्वयंसेवकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही। दुर्गा वडे, अमोल पाटिल, रासिका पवार, राहुल राय, अनिकेत देवरुखकर, आनंद राव जगताप, विनोद पवार, स्वाति चौधरी, रेशमा वानखेड़े और अन्य स्वयंसेवकों ने पूरे आयोजन के दौरान सक्रिय सेवाएं प्रदान कीं।
इन स्वयंसेवकों ने पंजीकरण, मरीजों के मार्गदर्शन, व्यवस्था संचालन और अन्य गतिविधियों में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
सामाजिक सहयोग से सफल हुआ आयोजन
कार्यक्रम में अनेक सामाजिक कार्यकर्ता, नागरिक और सहयोगी परिवारों के सदस्य उपस्थित रहे। आयोजकों ने बताया कि विभिन्न सामाजिक संस्थाओं और सहयोगियों के समर्थन के कारण ही इतना बड़ा आयोजन संभव हो सका।
रमेश बंबोरी, हरीश अण्णा, उषा कनोजिया, मंजुला बसाक सहित कई गणमान्य नागरिकों ने कार्यक्रम में भाग लेकर आयोजन को सफल बनाने में सहयोग दिया।
दीपक जैन ने व्यक्त किया आभार
यूथ सोशल वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष दीपक जैन ने कार्यक्रम के अंत में सभी चिकित्सकों, अस्पतालों, स्वयंसेवकों और उपस्थित नागरिकों का आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि संगठन का उद्देश्य समाज के हर वर्ग तक स्वास्थ्य और जागरूकता संबंधी सेवाएं पहुंचाना है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भविष्य में भी इसी प्रकार के जनहितकारी कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे।
3 जुलाई को लगेगा अगला शिविर
दीपक जैन ने घोषणा की कि अगला निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर 3 जुलाई को आयोजित किया जाएगा। उन्होंने नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने और अपने स्वास्थ्य की नियमित जांच कराने की अपील की।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य ही जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है। यदि व्यक्ति स्वस्थ है तो वह अपने परिवार, समाज और राष्ट्र के विकास में बेहतर योगदान दे सकता है।
निष्कर्ष
भायंदर में आयोजित यह निःशुल्क चिकित्सा शिविर स्वास्थ्य जागरूकता और सामाजिक सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर सामने आया। 90 से अधिक लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने और 15 मरीजों को मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए चयनित करने वाला यह आयोजन समाज के लिए अत्यंत उपयोगी साबित हुआ।
इस प्रकार के शिविर न केवल लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराते हैं, बल्कि उन्हें अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक भी बनाते हैं। आयोजकों का यह प्रयास निश्चित रूप से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जाएगा।
