—Advertisement—

Bhopal : स्लॉट बुकिंग समस्या से भोपाल में गेहूं खरीदी प्रभावित, 70 हजार मीट्रिक टन लक्ष्य अधूरा रहने की आशंका

Author Picture
Published On: 16 May 2026
Bhopal

—Advertisement—

Bhopal में गेहूं खरीदी संकट गहराया, 2000 किसानों के स्लॉट अटके; 250 क्विंटल सीमा बनी परेशानी

समर्थन मूल्य पर खरीदी के बीच नई समस्या

Bhopal जिले में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी जारी है, लेकिन अब किसानों के सामने स्लॉट बुकिंग की बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। उपार्जन पोर्टल पर स्लॉट उपलब्ध नहीं होने से करीब 2,000 किसान परेशान हैं और उन्हें खरीदी केंद्रों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।

राज्य सरकार द्वारा इस वर्ष गेहूं का समर्थन मूल्य 2,625 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है। बड़ी संख्या में किसान अपनी उपज बेचने के लिए पंजीयन करा चुके हैं, लेकिन स्लॉट बुकिंग में आ रही दिक्कतों ने उनकी चिंता बढ़ा दी है।

खरीदी केंद्रों पर 250 क्विंटल सीमा बनी वजह

खाद्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, स्लॉट बुकिंग की समस्या की मुख्य वजह खरीदी केंद्रों पर प्रतिदिन तय की गई सीमा है। विभाग ने प्रत्येक केंद्र पर अधिकतम 250 क्विंटल गेहूं खरीदी की सीमा निर्धारित कर रखी है।

जैसे ही किसी केंद्र का 250 क्विंटल का कोटा पूरा होता है, उपार्जन पोर्टल उस केंद्र के लिए नए स्लॉट बुक करना बंद कर देता है। इसी कारण कई किसान चाहकर भी स्लॉट लॉक नहीं कर पा रहे हैं।

दो हजार किसान अब भी इंतजार में

जानकारी के मुताबिक जिले में लगभग दो हजार किसान ऐसे हैं जिनकी स्लॉट बुकिंग अब तक नहीं हो सकी है। किसान लगातार पोर्टल पर प्रयास कर रहे हैं, लेकिन स्लॉट उपलब्ध नहीं हो रहे।

कई किसानों का कहना है कि फसल तैयार है और लंबे समय तक भंडारण करने से नुकसान का डर बना हुआ है। वहीं गर्मी बढ़ने से गेहूं की गुणवत्ता प्रभावित होने की भी आशंका है।

अब तक 30 हजार किसान बेच चुके हैं गेहूं

खाद्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार भोपाल जिले में अब तक लगभग 30 हजार किसान समर्थन मूल्य पर गेहूं बेच चुके हैं।

खरीदी से जुड़े प्रमुख आंकड़े

  • कुल लक्ष्य: 3.50 लाख मीट्रिक टन
  • अब तक खरीदी: करीब 2.80 लाख मीट्रिक टन
  • शेष लक्ष्य: लगभग 70 हजार मीट्रिक टन
  • किसानों को भुगतान: 561 करोड़ रुपये
  • लंबित भुगतान: 173 करोड़ रुपये

विभाग का कहना है कि शेष भुगतान भी जल्द किसानों के खातों में भेज दिया जाएगा।

वेयरहाउस फुल होने से बढ़ी परेशानी

खरीदी केंद्रों पर भंडारण क्षमता भी एक बड़ी चुनौती बनती जा रही है। कई वेयरहाउस पूरी तरह भर चुके हैं, जिसके कारण गेहूं के परिवहन और भंडारण में दिक्कतें आ रही हैं।

जिला आपूर्ति नियंत्रक चंद्रभान सिंह जादौन के अनुसार जिन केंद्रों पर भंडारण क्षमता पूरी हो चुकी है, वहां से गेहूं को तेजी से भारतीय खाद्य निगम (FCI) के गोदामों में भेजा जा रहा है ताकि खरीदी प्रक्रिया प्रभावित न हो।

किसान कर रहे जल्द समाधान की मांग

स्लॉट बुकिंग में देरी से किसान चिंतित हैं। किसानों का कहना है कि सरकार को खरीदी सीमा बढ़ानी चाहिए ताकि अधिक किसानों को एक साथ स्लॉट मिल सके।

कई किसानों ने यह भी मांग की है कि पोर्टल की तकनीकी समस्याओं को तुरंत दूर किया जाए और खरीदी केंद्रों की संख्या बढ़ाई जाए।

सरकार के सामने चुनौती

भोपाल जिले में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी का कार्य जारी है, लेकिन अभी भी करीब 70 हजार मीट्रिक टन खरीदी का लक्ष्य पूरा होना बाकी है। इस बीच स्लॉट बुकिंग की समस्या किसानों की चिंता बढ़ा रही है। कई किसानों को उपार्जन पोर्टल पर स्लॉट नहीं मिल पा रहे हैं, जिससे उन्हें खरीदी केंद्रों के लगातार चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।

यदि यह समस्या जल्द हल नहीं हुई तो खरीदी प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है और किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। खाद्य विभाग और प्रशासन के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती यह है कि सभी पात्र किसानों को समय पर स्लॉट उपलब्ध कराया जाए। साथ ही खरीदी केंद्रों पर भंडारण, परिवहन और व्यवस्थाओं को बेहतर बनाकर समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी को सुचारु रूप से पूरा किया जाए, ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

निष्कर्ष

सरकार और खाद्य विभाग के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती यह है कि बचे हुए किसानों को समय पर स्लॉट उपलब्ध कराया जाए और समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी की प्रक्रिया को बिना किसी बाधा के पूरा किया जाए। वर्तमान में कई किसान स्लॉट बुकिंग न होने के कारण परेशान हैं और खरीदी केंद्रों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। यदि इस तकनीकी और प्रशासनिक समस्या का समाधान जल्द नहीं किया गया, तो खरीदी अभियान की गति धीमी पड़ सकती है और निर्धारित लक्ष्य को पूरा करना कठिन हो सकता है।

साथ ही, भंडारण क्षमता और परिवहन व्यवस्था को भी मजबूत करने की आवश्यकता है, ताकि खरीदी केंद्रों पर किसी प्रकार की भीड़ या अव्यवस्था न हो। प्रशासन को चाहिए कि वह पोर्टल की खामियों को दूर कर व्यवस्था को सरल और पारदर्शी बनाए, जिससे सभी पात्र किसानों को समय पर सुविधा मिल सके और खरीदी कार्य सुचारु रूप से संपन्न हो सके।

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

Related News
Breaking News हमेशा आपके पास

SwarajVani App Install करें

Latest India News & Breaking Updates — सीधे Home Screen पर

Offline पढ़ें Breaking Alerts बिल्कुल Free
SwarajVani को iPhone पर install करें:
📤 Share बटन दबाएं → "Add to Home Screen" select करें
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp