—Advertisement—

नई दिल्ली से BRICS देशों और Sri Lanka तक गूंजा भारतीय होम्योपैथी का नाम, डॉ. अर्पित चोपड़ा जैन की अंतरराष्ट्रीय मंचों पर प्रभावशाली उपस्थिति

Author Picture
Published On: 7 May 2026
नई दिल्ली से BRICS देशों और Sri Lanka तक गूंजा भारतीय होम्योपैथी का नाम, डॉ. अर्पित चोपड़ा जैन की अंतरराष्ट्रीय मंचों पर प्रभावशाली उपस्थिति

—Advertisement—

भारतीय चिकित्सा पद्धतियों की वैश्विक पहचान लगातार मजबूत हो रही है और इसी दिशा में भारत के प्रसिद्ध होम्योपैथिक विशेषज्ञ डॉ. अर्पित चोपड़ा जैन ने एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। हाल ही में Sri Lanka और भारत में आयोजित अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों में उन्होंने अपनी प्रभावशाली मौजूदगी दर्ज कराते हुए भारतीय होम्योपैथी की क्षमता और प्रभावशीलता को विश्व मंच पर प्रस्तुत किया।

डॉ. अर्पित चोपड़ा जैन की प्रस्तुतियों, शोध आधारित कार्यों और चिकित्सा अनुभवों ने न केवल भारतीय होम्योपैथी को नई पहचान दिलाई, बल्कि यह भी साबित किया कि भारत की पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियां अब वैश्विक स्वास्थ्य क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए तैयार हैं।

Sri Lanka में Leadership & Innovation Summit में विशेष आमंत्रण

Sri Lanka की राजधानी कोलंबो में आयोजित प्रतिष्ठित Leadership & Innovation Summit में डॉ. अर्पित चोपड़ा जैन को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया। यह आयोजन राजनीति, उद्योग, व्यापार और स्वास्थ्य क्षेत्र के कई बड़े अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों की मौजूदगी में संपन्न हुआ।

इस सम्मेलन का उद्देश्य विभिन्न देशों के बीच सहयोग, नवाचार और वैश्विक विकास को बढ़ावा देना था। ऐसे प्रतिष्ठित मंच पर भारतीय होम्योपैथी का प्रतिनिधित्व करना अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

कार्यक्रम में डॉ. जैन को सम्मानित भी किया गया। यह सम्मान भारतीय चिकित्सा प्रणाली के बढ़ते प्रभाव और वैश्विक स्तर पर उसकी स्वीकार्यता को दर्शाता है।

Bharat -Sri Lanka संबंधों को मिली मजबूती

कोलंबो में आयोजित इस सम्मेलन ने भारत और श्रीलंका के बीच स्वास्थ्य, शोध और सहयोग के नए अवसरों को मजबूत करने का कार्य किया।

सम्मेलन के दौरान डॉ. अर्पित चोपड़ा जैन ने कई महत्वपूर्ण हस्तियों से मुलाकात और विचार-विमर्श किया। इनमें श्रीलंका सरकार के विपक्ष के नेता सजित प्रेमदासा, उप उद्योग मंत्री चतुरंगा अबेसिंघे, LIBA के प्रेसिडेंट संतोष मेनन, तान्या अबेयसुंदरा तथा श्रीलंका में भारत के उच्चायुक्त संतोष झा प्रमुख रहे।

इन चर्चाओं में स्वास्थ्य सेवाओं, चिकित्सा शोध, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और होम्योपैथी के विस्तार जैसे विषयों पर विशेष रूप से विचार किया गया।

BRICS International Investment Forum 2026 में भारतीय होम्योपैथी की प्रस्तुति

श्रीलंका के बाद नई दिल्ली में आयोजित BRICS International Investment Forum 2026 में भी डॉ. अर्पित चोपड़ा जैन की विशेष उपस्थिति रही।

यह अंतरराष्ट्रीय मंच विभिन्न देशों के उद्योगपतियों, निवेशकों, नीति निर्माताओं और विशेषज्ञों को एक साथ लाने का महत्वपूर्ण अवसर माना जाता है। इस फोरम में स्वास्थ्य क्षेत्र को लेकर भी कई महत्वपूर्ण चर्चाएं हुईं।

डॉ. जैन को इस कार्यक्रम के हेल्थकेयर पैनल में विशेष रूप से आमंत्रित किया गया, जहां उन्होंने भारतीय होम्योपैथी की प्रभावशीलता और उसकी वैश्विक संभावनाओं पर अपनी प्रस्तुति दी।

शोध आधारित प्रस्तुतियों ने खींचा ध्यान

डॉ. अर्पित चोपड़ा जैन ने अपने संबोधन में होम्योपैथी के क्षेत्र में किए गए शोध आधारित कार्यों को साझा किया। उन्होंने विभिन्न जटिल और गंभीर बीमारियों के उपचार से जुड़ी प्री और पोस्ट ट्रीटमेंट रिपोर्ट्स प्रस्तुत कीं।

उन्होंने बताया कि आधुनिक समय में होम्योपैथी केवल सामान्य बीमारियों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह गंभीर और सर्जिकल बीमारियों के उपचार में भी प्रभावी भूमिका निभाने में सक्षम है।

उनकी प्रस्तुति ने कार्यक्रम में मौजूद अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों का ध्यान आकर्षित किया और भारतीय होम्योपैथी की विश्वसनीयता को नई मजबूती प्रदान की।

अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों ने की सराहना

कार्यक्रम में मौजूद BCMS के प्रेसिडेंट सहित कई अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों और प्रतिनिधियों ने डॉ. जैन के कार्यों की सराहना की।

विशेषज्ञों ने कहा कि डॉ. जैन का शोध आधारित दृष्टिकोण और उपचार पद्धति वैश्विक स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए प्रेरणादायक है। कई प्रतिनिधियों ने भारतीय होम्योपैथी को भविष्य की महत्वपूर्ण चिकित्सा प्रणाली के रूप में भी देखा।

BRICS के होम्योपैथिक प्रतिनिधि के रूप में निभा रहे भूमिका

गौरतलब है कि डॉ. अर्पित चोपड़ा जैन वर्तमान में BRICS के होम्योपैथिक प्रतिनिधि के रूप में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

उनके निरंतर प्रयासों का ही परिणाम है कि भारतीय होम्योपैथी को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर लगातार नई पहचान और सम्मान मिल रहा है।

वे न केवल भारत में बल्कि विभिन्न देशों में भी होम्योपैथी के प्रचार-प्रसार और शोध को बढ़ावा देने का कार्य कर रहे हैं।

भारतीय चिकित्सा प्रणाली को मिल रही वैश्विक पहचान

पिछले कुछ वर्षों में भारतीय चिकित्सा प्रणालियों, विशेषकर आयुर्वेद और होम्योपैथी, की वैश्विक लोकप्रियता तेजी से बढ़ी है।

दुनियाभर के लोग अब वैकल्पिक और प्राकृतिक चिकित्सा पद्धतियों की ओर आकर्षित हो रहे हैं। ऐसे समय में डॉ. अर्पित चोपड़ा जैन जैसे विशेषज्ञ भारतीय चिकित्सा प्रणाली को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

स्वास्थ्य और शोध के नए अवसर

डॉ. जैन ने अपने संबोधन में कहा कि ऐसे अंतरराष्ट्रीय मंच स्वास्थ्य, शोध और वैश्विक सहयोग के नए अवसर प्रदान करते हैं।

उन्होंने आयोजकों और सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विभिन्न देशों के विशेषज्ञों के साथ संवाद से चिकित्सा क्षेत्र में नए शोध और नवाचारों को बढ़ावा मिलता है।

होम्योपैथी को लेकर बढ़ रहा विश्वास

आज दुनिया भर में लोग कम साइड इफेक्ट और प्राकृतिक उपचार पद्धतियों की तलाश कर रहे हैं। इसी कारण होम्योपैथी की स्वीकार्यता लगातार बढ़ रही है।

डॉ. जैन का मानना है कि वैज्ञानिक शोध और प्रमाण आधारित उपचारों के जरिए होम्योपैथी भविष्य में वैश्विक स्वास्थ्य व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बन सकती है।

भारतीय कारीगरी की तरह भारतीय चिकित्सा भी बन रही ग्लोबल ब्रांड

जैसे भारतीय संस्कृति, योग और आयुर्वेद ने विश्व स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई है, उसी तरह अब भारतीय होम्योपैथी भी तेजी से अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी जगह बना रही है।

डॉ. अर्पित चोपड़ा जैन जैसे विशेषज्ञ इस बदलाव के प्रमुख चेहरों में शामिल हैं, जो भारतीय चिकित्सा ज्ञान को दुनिया तक पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं।

युवा चिकित्सकों के लिए प्रेरणा

डॉ. जैन की उपलब्धियां युवा होम्योपैथिक चिकित्सकों के लिए भी प्रेरणा बन रही हैं। उनका मानना है कि यदि शोध, आधुनिक तकनीक और पारंपरिक ज्ञान को साथ लेकर काम किया जाए तो भारतीय चिकित्सा प्रणाली वैश्विक स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ी भूमिका निभा सकती है।

निष्कर्ष

श्रीलंका के Leadership & Innovation Summit और नई दिल्ली में आयोजित BRICS International Investment Forum 2026 में डॉ. अर्पित चोपड़ा जैन की प्रभावशाली उपस्थिति भारतीय होम्योपैथी के लिए एक बड़ी उपलब्धि साबित हुई है।

उनकी प्रस्तुतियों और शोध आधारित कार्यों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि भारतीय होम्योपैथी अब केवल एक वैकल्पिक चिकित्सा पद्धति नहीं, बल्कि भविष्य की एक प्रभावी और वैश्विक स्वास्थ्य प्रणाली के रूप में तेजी से उभर रही है।

डॉ. जैन के प्रयास न केवल भारत की चिकित्सा क्षमता को विश्व मंच पर स्थापित कर रहे हैं, बल्कि आने वाले समय में वैश्विक स्वास्थ्य सहयोग के नए अध्याय भी लिख रहे हैं।

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

Related News
Breaking News हमेशा आपके पास

SwarajVani App Install करें

Latest India News & Breaking Updates — सीधे Home Screen पर

Offline पढ़ें Breaking Alerts बिल्कुल Free
SwarajVani को iPhone पर install करें:
📤 Share बटन दबाएं → "Add to Home Screen" select करें
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp