MP News: मध्य प्रदेश में MSP पर गेहूं खरीदी प्रक्रिया शुरू, 7 अप्रैल से स्लॉट बुकिंग और 10 अप्रैल से खरीदी
MP में समर्थन मूल्य (MSP) पर गेहूं बेचने वाले किसानों के लिए अच्छी खबर है। आज, 7 अप्रैल 2026 से किसानों के लिए स्लॉट बुकिंग की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इससे पहले किसानों को उपार्जन पोर्टल पर पंजीकरण करना आवश्यक था। अब पंजीकृत किसान ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपनी खरीदी स्लॉट बुक कर सकते हैं।
कृषि विभाग ने बताया कि इस साल खरीदी प्रक्रिया को व्यवस्थित तरीके से पूरा करने के लिए प्रशासन ने विशेष तैयारी की है। स्लॉट बुकिंग के जरिए किसानों को यह सुनिश्चित करना होगा कि वे निर्धारित समय और स्थान पर गेहूं बेच सकें।
10 अप्रैल से शुरू होगी खरीदी
स्लॉट बुकिंग के तुरंत बाद, 10 अप्रैल 2026 से गेहूं की वास्तविक खरीदी कार्यवाही शुरू हो जाएगी। प्रशासन ने प्रदेश के कुल 197 उपार्जन केंद्र निर्धारित किए हैं। इन केंद्रों पर किसानों का गेहूं MSP पर खरीदा जाएगा।
कृषि विभाग ने कहा कि इस बार खरीदी प्रक्रिया में सभी आधुनिक प्रबंधन तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा ताकि खरीदी सहज, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से हो सके। किसानों को अपने स्लॉट समय के अनुसार केंद्र पर पहुंचना होगा, जिससे लंबी कतारों और भीड़भाड़ से बचा जा सके।
तीन बार बदली तारीख के बाद अंतिम रूप
इस वर्ष गेहूं खरीदी की तारीख में तीन बार बदलाव हुआ था। शुरुआत में तय तारीख बदलने की वजह विभिन्न प्रशासनिक और मौसम संबंधी कारण बताए गए। किसानों में असमंजस पैदा होने के बाद प्रशासन ने अंतिम रूप देने का निर्णय लिया।
अब 7 अप्रैल से स्लॉट बुकिंग और 10 अप्रैल से खरीदी की प्रक्रिया तय कर दी गई है। इस बार प्रशासन ने सभी जिलों में उपार्जन केंद्रों के सही ढंग से संचालन और निगरानी के लिए विशेष इंतजाम किए हैं।
जिलेवार तैयारियां और भंडारण
उज्जैन जिले में प्रशासन ने तेजी से भंडारण और बारदाने की व्यवस्था सुनिश्चित कर ली है। किसानों को उनकी उपज सुरक्षित तरीके से स्वीकार करने के लिए स्टॉक यार्ड और गोदाम तैयार किए गए हैं।
कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि केंद्रों पर भी गेहूं का भंडारण व्यवस्थित तरीके से किया जाएगा। इससे किसानों की उपज सुरक्षित रहेगी और उन्हें भुगतान में किसी प्रकार की बाधा नहीं आएगी।
किसानों के लिए निर्देश
MP कृषि विभाग ने किसानों को कुछ निर्देश दिए हैं, जिनका पालन करना आवश्यक है:
- स्लॉट बुकिंग अवश्य करें – पंजीकृत किसान ही निर्धारित स्लॉट बुक कर सकेंगे।
- समय पर केंद्र पर उपस्थित हों – स्लॉट समय के अनुसार देर से आने पर खरीदी नहीं होगी।
- गेहूं की गुणवत्ता जांच – केंद्र पर गेहूं की गुणवत्ता का मूल्यांकन किया जाएगा।
- भुगतान त्वरित होगा – MSP के अनुसार भुगतान तुरंत किसानों के बैंक खाते में किया जाएगा।
- कागजी कार्रवाई पूरी करें – सभी आवश्यक दस्तावेज जैसे पंजीकरण प्रमाणपत्र, किसान आईडी और बैंक विवरण लेकर आएं।
तकनीकी सुधार और ऑनलाइन सुविधा
इस साल प्रशासन ने पूरी प्रक्रिया को डिजिटल और पारदर्शी बनाने के लिए उपार्जन पोर्टल का इस्तेमाल किया है। पोर्टल पर किसान अपनी पंजीकरण स्थिति देख सकते हैं और स्लॉट बुक कर सकते हैं। इससे खरीदी प्रक्रिया में धांधली की संभावना भी कम होगी।
मौजूदा व्यवस्था में जिला प्रशासन, कृषि विभाग और केंद्र प्रबंधक की टीम हर केंद्र पर तैनात रहेगी। इसके अलावा पोर्टल पर सहायता हेल्पलाइन भी उपलब्ध रहेगी ताकि किसान किसी तकनीकी समस्या का सामना न करें।
किसानों के लिए लाभ
MSP पर गेहूं बेचने की प्रक्रिया किसानों के लिए आर्थिक रूप से लाभकारी साबित होगी। इस बार खरीदी केंद्रों का विस्तार और भंडारण की बेहतर व्यवस्था किसानों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य दिलाएगी।
साथ ही डिजिटल स्लॉट बुकिंग और व्यवस्थित खरीदी प्रक्रिया से समय की बचत होगी और किसानों को लंबी कतारों में समय गंवाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
प्रशासन की तैयारियां
197 उपार्जन केंद्रों में पर्याप्त स्टाफ, सुरक्षा और निगरानी की व्यवस्था की गई है। अधिकारियों ने कहा कि केंद्रों पर भीड़ प्रबंधन, क्वालिटी चेकिंग और भुगतान सुनिश्चित करने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं।
उज्जैन जिले में भंडारण और बारदाने की तैयारी पूरी हो चुकी है। साथ ही जिलेवार प्रशासन ने सुनिश्चित किया है कि किसानों की उपज को सुरक्षित तरीके से संग्रहित किया जाए और समय पर भुगतान किया जाए।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर, MP में गेहूं खरीदी प्रक्रिया व्यवस्थित और पारदर्शी तरीके से शुरू होने जा रही है। 7 अप्रैल से स्लॉट बुकिंग और 10 अप्रैल से वास्तविक खरीदी किसानों के लिए राहत और सुविधा लेकर आई है।
स्लॉट बुकिंग और डिजिटल पोर्टल की मदद से किसानों को समय, सुरक्षा और उचित MSP मूल्य सुनिश्चित होगा। प्रशासन ने तैयारी पूरी कर ली है ताकि खरीदी प्रक्रिया में किसी प्रकार की बाधा न आए और किसानों को उनका हक मिल सके।
