Ujjain : भस्म आरती में राजसी स्वरूप में सजे बाबा महाकाल, जयघोष से गूंजा मंदिर परिसर
आस्था का सैलाब: तड़के सुबह से उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
मध्य प्रदेश के पवित्र शहर Ujjain में स्थित श्री महाकालेश्वर मंदिर में शुक्रवार, 3 अप्रैल 2026 को वैशाख कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा के अवसर पर भव्य भस्म आरती का आयोजन किया गया। इस विशेष मौके पर तड़के सुबह से ही हजारों श्रद्धालु मंदिर परिसर में एकत्रित हो गए। कई भक्त रात से ही कतारों में लगकर अपने आराध्य के दर्शन का इंतजार करते रहे।
सुबह 4 बजे खुलते ही गूंज उठा मंदिर परिसर
प्रातः लगभग 4 बजे मंदिर के कपाट खोले गए और भगवान महाकाल का जागरण किया गया। इसके साथ ही विधि-विधान से पूजा-अर्चना की शुरुआत हुई। मंदिर के पुजारी पंडित महेश शर्मा ने बताया कि इस तिथि पर भस्म आरती का विशेष धार्मिक महत्व है।
विधि-विधान से हुआ जलाभिषेक और पूजन
आरती से पूर्व मंदिर में स्थापित सभी देवी-देवताओं का पूजन किया गया। इसके बाद भगवान महाकाल का जलाभिषेक दूध, दही, घी, शक्कर, पंचामृत और फलों के रस से किया गया। “हरि ओम” के मंत्रोच्चार और घंटों की ध्वनि से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।
राजसी श्रृंगार ने मोहा भक्तों का मन
इस दिन बाबा महाकाल को विशेष राजसी स्वरूप में सजाया गया। उन्हें नवीन मुकुट और आकर्षक आभूषणों से अलंकृत किया गया। श्रृंगार के बाद कपूर आरती की गई, जिसने मंदिर परिसर को दिव्यता से भर दिया।
भस्म अर्पण की अद्भुत परंपरा
Ujjain भस्म आरती का मुख्य आकर्षण महानिर्वाणी अखाड़े द्वारा किया गया भस्म अर्पण रहा। धार्मिक मान्यता है कि यह भस्म जीवन की नश्वरता का प्रतीक है और इसके बाद भगवान महाकाल साकार रूप में भक्तों को दर्शन देते हैं।
जयघोष और शंखनाद से गूंजा वातावरण
आरती के दौरान झांझ, मंजीरे, ढोल-नगाड़ों और शंखनाद की ध्वनि के बीच “जय श्री महाकाल” के जयकारे गूंजते रहे। पूरा मंदिर परिसर भक्ति और ऊर्जा से सराबोर नजर आया।
फिल्म निर्माता निक्की भगनानी ने किए दर्शन
इस अवसर पर प्रसिद्ध फिल्म निर्माता निक्की भगनानी भी मंदिर पहुंचे। उन्होंने भगवान महाकाल का आशीर्वाद लिया और अपनी आगामी फिल्मों की सफलता की कामना की।
नई फिल्मों को लेकर जताई उम्मीदें
निक्की भगनानी ने बताया कि उनकी फिल्म “निकिता रॉय” को अच्छा प्रतिसाद मिला है। उन्होंने यह भी कहा कि वे जल्द ही “ऑपरेशन सिंदूर” नामक नई फिल्म पर काम शुरू करेंगे और इस वर्ष उनकी कई अन्य फिल्में भी रिलीज होंगी।
महाकाल मंदिर की आरतियों का निर्धारित समय
मंदिर में भस्म आरती सुबह 4 से 6 बजे तक होती है। इसके बाद दद्योदक आरती 7 से 7:45 बजे, भोग आरती 10 से 10:45 बजे, संध्या पूजन 5 से 5:45 बजे, संध्या आरती 7 से 7:45 बजे और शयन आरती 10:30 से 11 बजे तक संपन्न होती है।
शरद पूर्णिमा तक लागू रहेगा नया समय
मंदिर प्रशासन के अनुसार आरती के समय में किया गया बदलाव शरद पूर्णिमा तक जारी रहेगा, जिससे श्रद्धालुओं को सुव्यवस्थित दर्शन का लाभ मिल सके।
भक्ति और आध्यात्मिकता से भरा रहा दिन
कुल मिलाकर यह दिन श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत विशेष रहा। भव्य भस्म आरती, राजसी श्रृंगार और धार्मिक अनुष्ठानों ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। Ujjain का महाकालेश्वर मंदिर एक बार फिर आस्था, परंपरा और भक्ति का प्रमुख केंद्र बना रहा।
