Gold-Silver की कीमतों में लगातार गिरावट, निवेशकों में बढ़ी चिंता
Gold-Silver की कीमतों (Gold-Silver Rates) में गिरावट का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। आम तौर पर वैश्विक तनाव जैसे अमेरिका-ईरान युद्ध (US-Iran War) में कीमती धातुएँ सुरक्षित निवेश का विकल्प मानी जाती हैं और इनके दाम बढ़ने की संभावना रहती है। लेकिन वर्तमान में ऐसा नहीं हो रहा है। MCX (Multi Commodity Exchange) पर सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को सोना और चांदी के भाव खुलते ही गिरावट देखने को मिली।
चांदी का भाव एक झटके में 2,100 रुपये से ज्यादा कम हो गया, वहीं 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का रेट 3,000 रुपये से अधिक गिरकर खुला। इस गिरावट के बाद चांदी अब अपने हाई से लगभग आधे रेट पर उपलब्ध हो रही है।
अमेरिका-ईरान युद्ध में भी सोना पिघल रहा है
बीते शुक्रवार को MCX पर 24 कैरेट सोने का 2 अप्रैल एक्सपायरी वाला वायदा भाव 1,47,255 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। लेकिन सोमवार को ओपनिंग होते ही यह गिरकर 1,44,212 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया, यानी 3,043 रुपये की कमी।
अगर सोने के हाई लेवल से तुलना करें, तो इसका लाइफ टाइम हाई वायदा भाव 2,02,984 रुपये प्रति 10 ग्राम था। इस स्तर के मुकाबले आज सोना लगभग 58,772 रुपये सस्ता हो चुका है।
अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध की शुरुआत 28 फरवरी को हुई थी, जब अमेरिका-इजरायल ने ईरान पर स्ट्राइक की। इसके ठीक पहले, 27 फरवरी को MCX Gold Rate 1,65,659 रुपये प्रति 10 ग्राम था। तब से लेकर अब तक सोने में लगभग 21,447 रुपये की गिरावट आई है।
चांदी का हाल: कब तक गिरेगी?
सोने के साथ ही दूसरी कीमती धातु चांदी (Silver) का भाव भी लगातार गिर रहा है। ईरान युद्ध की शुरुआत के बाद से ही चांदी काफी सस्ती हो गई है। सोमवार को खुलते ही 5 मई एक्सपायरी वाली चांदी का भाव MCX पर 2,25,797 रुपये प्रति किलोग्राम पर आया, जो पिछले सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को 2,27,954 रुपये था।
युद्ध की शुरुआत से पहले, 27 फरवरी को चांदी का भाव 2,82,644 रुपये प्रति किलोग्राम था। तब से लेकर अब तक चांदी लगभग 56,847 रुपये प्रति किलोग्राम सस्ती हो गई है।
अगर चांदी के लाइफ टाइम हाई की बात करें, तो जनवरी महीने के अंत में यह 4,39,337 रुपये प्रति किलोग्राम थी। अब चांदी लगभग आधी कीमत पर मिल रही है, यानी 1,13,540 रुपये की गिरावट।
क्यों गिर रहे हैं Gold-Silver Rates?
वैश्विक तनाव के बीच भी सोना-चांदी की गिरावट को समझने के लिए कुछ महत्वपूर्ण कारण हैं:
- क्रूड ऑयल की कीमतों में तेजी:
मध्य-पूर्व युद्ध (Middle East War) के चलते क्रूड ऑयल की कीमतों में तेज़ी आई है। तेल महंगा होने से महंगाई बढ़ती है और निवेशक सुरक्षित हाथ में पैसा रखने लगते हैं। इससे सोना-चांदी जैसे निवेश विकल्पों पर दबाव पड़ता है। - अमेरिकी डॉलर की मजबूती:
डॉलर का मजबूत होना सोना-चांदी की कीमतों को कमजोर करता है। डॉलर में मजबूती और जियो-पॉलिटिकल तनाव दोनों मिलकर कीमती धातुओं को संभलने का मौका नहीं देते। - US Fed की पॉलिसी रेट स्थिर:
अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने अपने पॉलिसी रेट को स्थिर रखने का फैसला किया, जिससे सोना-चांदी पर अतिरिक्त दबाव पड़ा।
Gold-Silver Investment: सावधानी बरतें
सोना-चांदी निवेश को सामान्यतः सुरक्षित माना जाता है। लेकिन वर्तमान गिरावट और वैश्विक तनाव के बीच निवेशकों के लिए सावधानी आवश्यक है। एक्सपर्ट सलाह से ही किसी भी Gold-Silver ETF या वायदा में निवेश करना उचित रहेगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि निवेशकों को अल्पकालिक उतार-चढ़ाव से प्रभावित नहीं होना चाहिए। दीर्घकालिक दृष्टिकोण से सोना और चांदी में निवेश अभी भी लाभकारी हो सकता है।
MCX पर आज के रेट (संदर्भ: सोमवार)
| धातु | एक्सपायरी | कीमत (प्रति यूनिट) | गिरावट |
|---|---|---|---|
| सोना | 10 ग्राम 24 कैरेट | ₹1,44,212 | ₹3,043 |
| चांदी | 1 किलोग्राम | ₹2,25,797 | ₹2,157 |
ध्यान दें: Gold-Silver Rates दिन-प्रतिदिन MCX में बदलते रहते हैं।
निष्कर्ष
हालांकि अमेरिका-ईरान युद्ध और वैश्विक तनाव के बीच सामान्यतः Gold-Silver बढ़ते हैं, लेकिन मौजूदा समय में दोनों कीमती धातुएँ निवेशकों को निराश कर रही हैं। मजबूत डॉलर, बढ़ती तेल की कीमत और US Fed की नीतियाँ इस गिरावट के मुख्य कारण हैं।
निवेशकों को चाहिए कि वे अल्पकालिक उतार-चढ़ाव से प्रभावित न हों और लंबी अवधि के निवेश पर ध्यान दें। Gold-Silver ETF या वायदा में निवेश से पहले विशेषज्ञों की सलाह लेना अनिवार्य है।
